Queen Elizabeth II : 96 वर्षीय महारानी का अंतिम संस्कार कैसे, जानिए अगले 10 दिनों में क्या होगा
Queen Elizabeth II : 96 वर्षीय महारानी का अंतिम संस्कार, जानिए अगले 10 दिनों में क्या होगा Queen Elizabeth II britain rituals ceremony king charles Windsor Castle Buckingham Palace
लंदन, 08 सितंबर : ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 साल की आयु में निधन हो गया। करीब सात दशकों के लंबे शाही जीवन में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ने 15 प्रधानमंत्रियों की नियुक्ति की। शाही परिवार की मुखिया के निधन के बाद प्रिंस चार्ल्स अब महाराज बन जाएंगे, यानी किंग चार्ल्स। इस बुनियादी बदलाव के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जो आम लोगों की नजरों से दूर होता है। इस रिपोर्ट में जानिए कि अगले 10 दिनों में ब्रिटेन की शाही फैमिली में क्या खास रस्में होंगी।

ऐसे सामने आई मौत की सूचना
महारानी की मौत और ब्रिटेन की भावी लाइफ पर गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक बकिंघम पैलेस की आधिकारिक घोषणा को "कॉल कैस्केड" कहा जाता है। बकिंघम पैलेस के ऐलान से पहले ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री बनीं लिज ट्रूस को महारानी के निजी सचिव द्वारा व्यक्तिगत रूप से सूचित किया गया। इसके बाद महारानी के निधन की खबर कैबिनेट सचिव और प्रिवी काउंसिल कार्यालय को भेजी गई। महारानी, सम्राट या ब्रिटेन के शाही परिवार के नाम पर या उनकी ओर से सरकारी काम का समन्वय प्रिवी काउंसिल ही करती है। इन चरणों से गुजरने के बाद महारानी के निधन की "आधिकारिक अधिसूचना" जनता के लिए जारी की गई।
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मौत के बाद वेबसाइट्स पर काला रंग
शाही निवासों, व्हाइटहॉल और अन्य सरकारी भवनों में झंडे को आधा झुका दिया गया। शाही परिवार की वेबसाइट- https://www.royal.uk/ ब्लैक होल्डिंग पेज में बदल दिया गया। पेज पर महारानी की मृत्यु की घोषणा से जुड़ा छोटा बयान लिखा गया। सरकारी वेबसाइट्स पर भी काला बैनर दिखाया गया। प्रधानमंत्री महारानी के निधन का बयान देने वाले सरकार के पहले सदस्य होते हैं।
नीचे देखिए वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

एक मिनट का राष्ट्रीय मौन
बकिंघम पैलेस में मौत की औपचारिक घोषणा को फ्रेम करा कर रेलिंग पर लिखे जाने की परंपरा है। इस बीच, वेस्टमिंस्टर एब्बे और सेंट पॉल कैथेड्रल दोपहर में अपने घंटे बजाएंगे। हाइड पार्क और टावर हिल में तोपों की औपचारिक सलामी दिए जाने की उम्मीद है। एक मिनट का राष्ट्रीय मौन भी रखा जाएगा।

टावर हिल पर महारानी को डेथ गन की सलामी
महारानी के निधन के बाद शाही परिवार के मुखिया किंग चार्ल्स और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एक साथ दर्शकों का संचालन करेंगे। वह पूर्ण अंतिम संस्कार योजनाओं पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करने के लिए अर्ल मार्शल (Earl Marshal) से भी मिलेंगे। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार 10 दिनों की प्रक्रिया हो सकती है। चार्ल्स गुरुवार शाम ब्रिटेन समेत राष्ट्रमंडल देशों के लिए संदेश भी देंगे। टावर हिल पर महारानी को डेथ गन की सलामी दी जाएगी।

पहले दिन क्या होगा
ब्रिटेन के सेंट जेम्स पैलेस में स्थित परिग्रहण परिषद (Accession Council) में सुबह 10 बजे नए राजा की उद्घोषणा होगी। इस काउंसिल में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और गुप्त सलाहकार शामिल होते हैं। सेंट जेम्स पैलेस में बालकनी से सार्वजनिक रूप से किंग चार्ल्स के राजा होने का संदेश पढ़ा जाएगा। दूसरी उद्घोषणा लंदन शहर के रॉयल एक्सचेंज में होगी। दोपहर में, नए राजा यानी प्रिंस चार्ल्स प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विपक्ष के नेता, कैंटरबरी के आर्कबिशप और वेस्टमिंस्टर के डीन को संबोधित कर सकते हैं। संसद में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। परिग्रहण परिषद की गतिविधियों के दौरान 24 घंटे तक ब्रिटेन का झंडा सामान्य रूप में फहराया जाएगा, लेकिन इसके बाद राष्ट्रीय शोक के तहत अंतिम संस्कार के अगले दिन तक झंडे आधे झुके हुए रहेंगे।

दूसरे दिन शव यात्रा
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर के साथ ताबूत बाल्मोरल से सड़क मार्ग से होलीरूडहाउस के महल तक ले जाया जाएगा। दोपहर में एडिनबर्ग, कार्डिफ़ और बेलफ़ास्ट में एक साथ उद्घोषणाएं होंगी। संसद में श्रद्धांजलि देने का दौर जारी रहने की संभावना है।

स्कॉटिश संसद में शोक प्रस्ताव
शाही परिवार के सदस्य होलीरोड से सेंट जाइल्स कैथेड्रल तक औपचारिक यात्रा में शरीक होंगे। रॉयल माइल से गुजरने वाली इस यात्रा के बाद आम जनता के लिए सेंट जाइल्स कैथेड्रल 24 घंटे खोला जाएगा। महारानी की कब्र लंदन में बनेगी। लंदन ब्रिज योजना के तहत, किंग चार्ल्स शोक संदेश पाने के लिए वेस्टमिंस्टर पैलेस की यात्रा कर सकते हैं। इसके बाद महाराजा चार्ल्स एडिनबर्ग के लिए उड़ान भरेंगे।
संप्रभु तौर पर अपने पहले कार्य में किंग चार्ल्स पैलेस ऑफ होलीरूडहाउस में चाबियों के समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद सेंट जाइल्स कैथेड्रल में एक सेवा होगी। स्कॉटलैंड के पहले मंत्री और किंग चार्ल्स की मुलाकात हो सकती है। स्कॉटिश संसद में शोक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा।

चौथे दिन क्या होगा
देर शाम महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत एडिनबर्ग वेवर्ली स्टेशन ले जाया जा सकता है। यहां से यह रात भर शाही ट्रेन से यात्रा कर अगली सुबह लंदन के सेंट पैनक्रास स्टेशन पर पहुंचेगा। किंग चार्ल्स उत्तरी आयरलैंड के लिए उड़ान भरेंगे। यहां किंग हिल्सबोरो कैसल में शोक संदेश प्राप्त करेंगे। इसके बाद बेलफास्ट के सेंट ऐनी कैथेड्रल में महारानी के जीवन पर चर्चा और प्रार्थना सभा में भाग लेंगे।

20 साल पुराने पैटर्न का पालन होगा
बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल तक दिवंगत महारानी के ताबूत के साथ शवयात्रा का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। करीब 20 साल पहले 2002 में महारानी की मां के अंतिम संस्कार का सामान्य पूर्वाभ्यास हुआ था। इस दौरान गार्ड्समैन ने मॉल में परेड भी किया था। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में भी इसी पैटर्न का पालन होगा।

पांचवें दिन की प्रक्रिया
लंदन में आयोजित होने वाले बड़े समारोह से पहले महारानी एलिजाबेथ का पार्थिव शरीर वाला ताबूत के कुछ घंटों के लिए बकिंघम पैलेस पहुंचेगा। अंतिम संस्कार से पहले बड़ी औपचारिक घटना महारानी के पार्थिव शरीर को बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल लाया जाएगा। पार्थिव देह यहां पांच दिनों तक रखी जाएगी। महारानी की पार्थिव देह बंदूक वाली गाड़ी (Gun Carriage) पर रखे जाने की उम्मीद है। वेस्टमिंस्टर आगमन पर एक छोटी सेवा भी होगी। राज्य में पार्थिव देह रखे जाने का मकसद जनता को श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान करना है। दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शरीर वेस्टमिंस्टर हॉल के बीचोंबीच कैटाफलक पर रखा जाएगा। वेस्टमिंस्टर हॉल जनता के लिए दिन में 23 घंटे खुला रहेगा।

छठे से आठवें दिन
वेस्टमिंस्टर हॉल में श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहेगा। किंग चार्ल्स कार्डिफ़ में लैंडैफ़ कैथेड्रल में आयोजित सेवा में भाग लेने के लिए वेल्स की यात्रा करेंगे। फिर वेल्श का संसद में शोक प्रस्ताव प्राप्त करेंगे। सातवें दिन राष्ट्रमंडल देशों की टुकड़ियां लंदन पहुंचने लगेंगी। राष्ट्रमंडल देशों से आने वाले प्रधानमंत्री और अलग-अलग क्षेत्रों के गवर्नर जनरल का स्वागत खुद किंग चार्ल्स करेंगे, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

नवें दिन विदेशी मेहमानों का स्वागत
अंतिम संस्कार की पूर्व संध्या पर किंग चार्ल्स अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे विदेशी शाही परिवारों का स्वागत करेंगे। वीआईपी विदेशी मेहमान भी राजकीय समारोह में शामिल होंगे ऐसी उम्मीद है।

दसवें और अंतिम दिन
राजकीय सम्मान के साथ महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर एब्बे में किया जाएगा। ताबूत में बंद पार्थिव देह वेस्टमिंस्टर हॉल से ईसाई मठ जैसी जगह abbey लाई जाएगी। पूरे देश में दो मिनट का मौन रहेगा। एक घंटे की सेवा के बाद, एक बड़ा औपचारिक जुलूस ताबूत के साथ हाइड पार्क तक जाएगा। बंदूक वाली गाड़ी से उतारकर पार्थिव देह को राजकीय वाहन पर रखा जाएगा। ये खुली बग्घी नुमा आकृति होगी। विंडसर तक यात्रा इसी पर होगी। विंडसर से गुजरने वाली शव यात्रा के बाद, विंडसर कैसल में सेंट जॉर्ज चैपल में शव दफनाने की रस्म अदा की जाएगी। इसी दौरान महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की पार्थिव देह के साथ ताबूत भी शाही कब्र में दफन हो जाएगी।












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