Putin State Dinner: पुतिन के डिनर से राहुल-खड़गे OUT, शशि थरूर को क्यों बुलाया गया?
Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर आयोजित रात्रिभोज में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निमंत्रण नहीं मिलने पर विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर को न्योता दिया गया है। थरूर ने इसे 'ठीक बात नहीं' बताया, हालांकि वे डिनर में शामिल होंगे।
राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि सरकार विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को विपक्ष के नेताओं से मिलने से रोकती है, जिसे सरकारी सूत्रों ने 'गलत' बताया है। पुतिन का यह दौरा 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए हो रहा है, जो दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने पर केंद्रित है।

Putin state dinner: रात्रिभोज से विपक्ष के शीर्ष नेताओं की अनदेखी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Putin Dinner Rahul Gandhi) को निमंत्रण नहीं भेजा गया है। यह निर्णय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी नेताओं को देश का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक कार्यक्रम से बाहर रखना उचित नहीं माना जा रहा है। शशि थरूर ने भी इस पर अपनी असहमति व्यक्त की है, हालांकि वह डिनर में शामिल हो रहे हैं। यह घटना सरकार और विपक्ष के बीच तनाव को दर्शाती है।
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राहुल गांधी के 'असुरक्षा' के आरोप
इस डिनर विवाद से पहले, राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि सरकार 'असुरक्षा' की भावना के कारण विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से मिलने से रोकती है। राहुल ने तर्क दिया कि विपक्ष भारत का प्रतिनिधित्व करता है, और विदेशी नेताओं को उनके दृष्टिकोण से भी अवगत होना चाहिए। इन आरोपों को सरकारी सूत्रों ने तुरंत खंडित कर दिया, यह कहते हुए कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल खुद तय करता है कि वे भारत सरकार के अलावा किन लोगों से मिलना चाहते हैं।
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थरूर ने निमंत्रण न मिलने को बताया 'ठीक नहीं'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर को डिनर में आमंत्रित किया गया है, लेकिन उन्होंने अपने पार्टी प्रमुख और नेता प्रतिपक्ष को न्योता न मिलने पर चिंता व्यक्त की है। पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि निमंत्रण किस आधार पर दिए जाते हैं, लेकिन विपक्ष के नेताओं को नहीं बुलाना ठीक बात नहीं है।" थरूर की यह टिप्पणी दर्शाती है कि भले ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया गया हो, वे कूटनीतिक कार्यक्रमों में विपक्षी नेतृत्व की भागीदारी को महत्वपूर्ण मानते हैं, जिससे संसदीय मर्यादा का पालन होता रहे।
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पुतिन का भारत दौरा और रणनीतिक संबंध
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे हैं। उनका यह दो दिवसीय दौरा भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने का प्रतीक है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में मजबूत संबंध हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन संबंधों को और मजबूत करना तथा भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना है। इससे पहले पुतिन 2021 में भारत आए थे, जो दोनों देशों की उच्च-स्तरीय बातचीत की निरंतरता को दर्शाता है।












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