‘रूस के अस्तित्व पर खतरा आएगा तो परमाणु बम चलाएंगे’... पुतिन के प्रवक्ता का सनसनीखेज बयान
व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पूरी दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि, रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तभी करेगा जब उसके अस्तित्व को खतरा होगा।
मॉस्को, मार्च 23: यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए अब एक महीने का वक्त पूरा होने वाला है और धीरे धीरे यूक्रेन युद्ध से विनाशकारी आशंकाएं दुनिया के सामने आने लगी हैं और अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता ने साफ तौर पर कह दिया है, कि अगर रूस के अस्तित्व पर खतरा आएगा, तो रूस परमाणु बम का इस्तेमाल करेगा। रूस की तरफ से आया ये बयान काफी खतरनाक है, क्योंकि रूस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इतने सख्त प्रतिबंध लगाए हैं, कि रूस की आर्थिक स्थिति अगले कुछ सालों में भयानक तौर पर खराब हो जाएंगे।
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रूस की भयानक चेतावनी
व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पूरी दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि, रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तभी करेगा जब उसके अस्तित्व को खतरा होगा। रूस द्वारा यूक्रेन में अपनी सेना भेजने के लगभग चार सप्ताह बाद यह टिप्पणी पश्चिमी चिंता के बीच आई है, कि यूक्रेन संघर्ष पूर्ण पैमाने पर परमाणु युद्ध में बदल सकता है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि, ‘हमारे पास घरेलू सुरक्षा की अवधारणा है, जो सार्वजनिक है।' पुतिन के प्रवक्ता पेसकोव ने कहा कि, ‘हमारे पास जो घरेलू सुरक्षा के लिए नियमावली है, उसमें आप परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के सभी कारणों के बारे में पढ़ सकते हैं और उसमें लिखा है, कि अगर हमारे देश के अस्तित्व को खतरा आता है, तो घरेलू सुरक्षा के लिए परमाणु बम का इस्तेमाल किया जा सकता है।' प्रवक्ता पेसकोव ने कहा कि, ‘इसके अलावा परमाणु बम इस्तेमाल करने के और कोई कारण नहीं है'।
प्रवक्ता की टिप्पणी से हड़कंप
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता पेसकोव ने अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के एंकर क्रिस्टियन अमनपोर से बात करते वक्त परमाणु बम के इस्तेमाल को लेकर ये सनसनीखेज बयान दिया है, जिसमें उनसे पूछा गया था, कि ‘आप कितने आश्वस्त हैं, कि पुतिन परमाणु विकल्प का इस्तेमाल नहीं करेंगे।' रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लंबे समय से सहयोगी रहे पेसकोव ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि, रूस अपने अस्तित्व पर कब खतरा मानेगा? लेकिन, रूस के ऊपर जो प्रतिबंध लगाए गये हैं, वो काफी ज्यादा खतरनाक हैं और माना जा रहा है, कि इन प्रतिबंधों की वजह से रूस में भूखमरी की स्थिति पैगा हो सकती है, जबकि रूस अभी भी अपनी बात पर टिका है, कि ‘रूस के आसपास वो नाटो को नहीं रहने देगा और यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होन देगा'।

विकलांग हो रही है रूसी अर्थव्यवस्था
रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों ने जो प्रतिबंध लगाए हैं, उसकी वजह से रूस की करेंसी रूबल बुरी तरह से प्रभावित हुई है और देश की अर्थव्यवस्था विकलांग होने की तरफ तेजी से बढ़ रही है। आपको बता दें कि, पुतिन ने पिछले महीने रूस के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया था, और नाटो के सहयोगियों को धमकी दी थी, कि अगर वे यूक्रेन संघर्ष में हस्तक्षेप करते हैं तो 'इतिहास में आपके द्वारा सामना किए गए किसी भी परिणाम से अधिक भीषण परिणाम' होंगे। रूसी राष्ट्रपति ने पिछले महीने 28 फरवरी को देश के परमाणु बलों को एक्टिव कर दिया है और परमाणु मिसाइल बलों को उत्तरी और प्रशांत बेड़े को अलर्ट पर रखा है। जिसके बाद रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी, कि पुतिन रूस के परमाणु डेटरेंस फोर्स को 'अलर्ट' पर रखना 'परमाणु युद्ध के सीधे खतरे की तरह लगता है'।

अमेरिका ने बताया खतरनाक
वहीं, रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता पेसकोव के बयान को लेकर जब पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पेसकोव के बयान को ‘खतरनाक' कहा है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि, "एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति को इस तरह से काम नहीं करना चाहिए।" किर्बी ने जोर देकर कहा कि, पेंटागन के अधिकारियों ने 'ऐसा कुछ भी नहीं देखा है जो हमें इस निष्कर्ष पर ले जाए कि हमें भी अपनी न्यूक्लियर डेटरेंस फोर्स की मौजूदा स्थिति को बदलने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि, "हम हर दिन इसकी सबसे अच्छी निगरानी करते हैं।" रूस के पास परमाणु आयुधों का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है, और यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की लगातार पूरी दुनिया में आलोचना की जा रही है।

परमाणु अभ्यास का आदेश
शनिवार को यह दावा किया गया था कि, पुतिन ने रूस सरकार में अपने सबसे करीबी लोगों को परमाणु अभ्यास करने का आदेश दे दिया है। रूस के एक रक्षा विशेषज्ञ पहले ही दावा कर चुके हैं कि, पुतिन ने अपने परिवार को एक गुप्त स्थान पर ट्रांसफर कर दिया है जो न केवल एक बंकर है, बल्कि एक विशाल भूमिगत शहर है, ताकि उन्हें संभावित परमाणु हमले की स्थिति में सुरक्षित रखा जा सके। प्रवक्ता पेसकोव ने पिछले महीने ब्रिटेन की विदेश सचिव लिज ट्रस को रूस के परमाणु निवारक को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश देने के लिए दोषी ठहराया था और दावा किया कि उन्होंने नाटो के साथ व्यापक संघर्ष के बारे में 'बिल्कुल अस्वीकार्य' टिप्पणी की है। जबकि, पुतिन ने कहा कि, उन्होंने नाटो सदस्यों के 'आक्रामक बयानों' के जवाब में मास्को के परमाणु बलों को अलर्ट पर रखा है।

पुतिन ने भी दिया था अस्तित्व का हवाला
क्या पुतिन वास्तव में ऐसे गैर-जिम्मेदार नेता साबित होंगे, जो परमाणु बम फोड़ देंगे? इस सवाल के जवाब पर कई डिफेंस एक्सपर्ट मौन हो जा रहे हैं। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि, पुतिन की पिछले एक महीने में जितनी जग-हंसाई और आलोचना हुई है, उसे पुतिन कैसे बर्दाश्त कर पाएंगे? एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ये दूसरा मौका है, जब पुतिन ने यूक्रेन पर हमला किया है और इस बार उनकी सेना मिसाइल अटैक और रॉकेट हमले कर रही है। राजधानी कीव समेत यूक्रेन के कई हिस्से, एयरपोर्ट्स, ऊर्जा संयंत्र और सैन्य ठिकाने पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। पिछले महीने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और नोबाया गजेटा अखबार के मुख्य संपादक दिमित्री मुरातोव ने कहा था कि, ‘पुतिन का ऐलान दुनिया के लिए सीधी तौर पर एक धमकी है और पुतिन जिस अंदाज में बात कर रहे थे, उससे लग रहा था कि, वो एक नेता नहीं, बल्कि पृथ्वी के मालिक की तरह बात कर रहे हैं'।

‘उंगली में घुमा रहे थे परमाणु बटन’
पिछले महीने, यूक्रेन युद्ध के एक हफ्ते बीतने के बाद दिमित्री मुरातोव ने बीबीसी से कहा था कि, ‘जिस तरह से एक कार ड्राइवर अपनी उंगलियों में कार की चाबी का छल्ला घुमाता है, उसी तरह से व्लादिमी पुतिन परमाणु बटन घुमा रहे थे और उन्होंने कई बार कहा, कि अगर रूस नहीं रहा, तो फिर हमें इस ग्रह की क्या जरूरत है?' उन्होंने कहा कि, ‘पुतिन की बातों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन जिस तरह से उन्होंने धमकी दी है, उससे साफ पता चलता है कि, अगर रूस के साथ वैसा बर्ताव नहीं किया गया, जैसा पुतिन चाहते हैं, तो फिर वो सबकुछ बर्बाद कर देंगे।' रूसी राष्ट्रपति ने अपने रक्षा मंत्री और अपनी सेना के जनरल स्टाफ को ‘न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' को एक्टिवेट करने के आदेश दे दिए हैं और ये विनाशकारी धमकी है।

क्या है ‘न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स’?
‘न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' शब्द अमेरिका और रूस के बीच हुई शीत युद्ध के बीच आया था और ‘न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' परमाणु हमले करने और परमाणु हमलों से बचाने वाले स्पेशल फोर्स को कहा जाता है। जिस वक्त रूस और अमेरिका के बीच शीत युद्ध चल रही थी, उस वक्त अमेरिका ने ‘न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' शब्द का इस्तेमाल किया था और अमेरिका के इस शब्द का मतलब ये था कि, अगर कोई देश या खुद रूस ही, अमेरिका के ऊपर परमाणु हमला करने की कोशिश करता है, तो ये स्पेशल फोर्स उस हमले को रोकने की कोशिश कर सके। अब इस वक्त जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, तो रूस ने अमेरिका की ही नीति को कॉपी कर लिया है और साफ कर दिया है कि, अगर रूस पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाते हैं, या फिर नाटो देश यूक्रेन की मदद के लिए आते हैं, तो फिर रूस परमाणु हमला करने से पीछे नहीं रहेगा।

रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु बम
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट यानि एफएएस की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में इस वक्त रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु बम मौजूद हैं। परमाणु बम को लेकर एफएएस की लिस्ट के मुताबिक रूस के पास इस वक्त 6257 परमाणु बम हैं, जिनमें से 1600 परमाणु बम को रूस ने तैनात करके रखा हुआ है जबकि 4497 परमाणु बम को रूस ने रिजर्व करके रखा हुआ है। वहीं, रूस ने 1700 परमाणु बमों को रिटायर्ड कर दिया है। वहीं, एफएएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के पास इस वक्त कुल 5550 परमाणु बम हैं, जिनमें से अमेरिका ने इस वक्त 1800 परमाणु बमों को तैनात करके रखा है। वहीं, अमेरिका ने 3800 परमाणु बमों को रिजर्व करके रखा है, जबकि साढ़े 1700 परमाणु बम को अमेरिका रिटायर्ड कर चुका है। वहीं, एक्टिव परमाणु बमों की अगर बात की जाए तो तीसरे नंबर पर फ्रांस और चौथे नंबर पर ब्रिटेन शामिल हैं।












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