सीरिया से रूसी सेनाओं की वापसी का बयान व्हाइट हाउस से!
वाशिंगटन। सीरिया में सिविल वॉर को हाल ही में पांव वर्ष पूरे हो चुके हैं और ऐसे में दुनिया की शक्तियों की कोशिश है कि यहां के हालात सामान्य हों।

पहले सिविल वॉर और अब आईएसआईएस की मार झेल रहे सीरिया के बारे में सोमवार को एक बड़ी हैरान करने वाली खबर आई। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सीरिया से अपनी सेनाओं को वापस बुलाने की घोषणा कर दी है।
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साथ आए अमेरिक और रूस
इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह रही कि सेनाओं की सुनियोजित वापसी का बयान रूस की राजधानी मॉस्को स्थित क्रेमलिन से नहीं बल्कि वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस से आया।
यानी दो ऐसी महाशक्तियां जिनके एक होने के बारे में दुनिया कभी सोच नही सकती वह अब सीरिया के मुद्दे पर थोड़ा नरम रुख अपना लिया है।
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सितंबर से सीरिया में रूस के हमले
रूस ने सितंबर के अंत से सीरिया में हमले शुरू किए थे। सीरिया, रूस का काफी करीबी है और पुतिन ने सीरिया के अहम गढ़ से अभी सेनाओं की वापसी का ऐलान कर दिया है।
राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच सीरिया पर चर्चा हुई थी। इसके बाद व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि पुतिन ने सीरिया से सेनाओं की सुनियोजित वापसी पर ओबामा से चर्चा की।
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तो बदलेंगे सीरिया के हालात
माना जा रहा है कि पुतिन का फैसला पांच वर्ष पुराने संघर्ष में नई दिशा की ओर से इशारा कर सकती है।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि सीरिया से सेना की वापसी की घोषणा के साथ ही राष्ट्रपति पुतिन और ओबामा के बीच संघर्ष विराम को पूरी तरह लागू करने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा हुई।
रूस ने सीरिया में बड़े स्तर पर सेना को डेप्लॉय किया और एक के बाद एक हमलों के बाद हालात सीरियन राष्ट्रपति बशर अल असद की ओर हो गए थे।
इसके बाद सीरिया में असद की सत्ता बच गई। हाल ही में सीरिया में सीजफायर लागू हुआ है।












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