Suriname दौरे पर राष्ट्रपति, हाइएस्ट डिस्टिंक्शन पाने वाली पहली भारतीय, बताया देश के नागरिकों का सम्मान
सूरीनाम की यात्रा पर गईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को द ग्रैंड ऑर्डर ऑफ द चेन ऑफ येलो स्टार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहली भारतीय हैं।

Suriname दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने सम्मानित किया। साउथ अमेरिकी देश सूरीनाम का दौरा करने पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू ने सम्मान हासिल करने के बाद कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि भारत के लोगों के लिए भी अत्यधिक महत्व रखता है।
उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, "मैं सूरीनाम के सर्वोच्च सम्मान, द ग्रैंड ऑर्डर ऑफ द चेन ऑफ येलो स्टार प्राप्त कर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। यह मान्यता न केवल मेरे लिए बल्कि भारत के 1.4 बिलियन लोगों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, जिनका मैं प्रतिनिधित्व करती हूं।
उन्होंने भारतीय-सूरीनाम समुदाय की "क्रमिक पीढ़ियों" को यह पुरस्कार समर्पित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "मैं यह सम्मान भारतीय-सूरीनाम समुदाय की आने वाली पीढ़ियों को भी समर्पित करती हूं, जिन्होंने हमारे दोनों देशों के बीच भ्राइचारे वाले संबंधों को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"
सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने सम्मानित किया। सर्बिया और सूरीनाम की अपनी राजकीय यात्रा के पहले चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 4 जून को सूरीनाम के पारामारिबो पहुंचीं।
राष्ट्रपति संतोखी से मिलने के लिए पारामारिबो में राष्ट्रपति भवन की यात्रा के साथ अपने कार्यक्रमों की शुरुआत की। पारामारिबो में राष्ट्रपति महल में उनके समकक्ष संतोखी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने बैठकों के दौरान राष्ट्रपति संतोखी की गर्मजोशी और आतिथ्य की सराहना की। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि सूरीनाम में हिंदी व्यापक रूप से बोली जाती है, जो उन्हें भारत की याद दिलाती है।
भारत और सूरीनाम ने सोमवार को स्वास्थ्य, कृषि और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में चार प्रमुख समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
मुर्मू और संतोखी के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया।
राष्ट्रपति भवन ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने कहा कि वह भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली राजकीय यात्रा पर सूरीनाम में आकर खुश हैं। बता दें कि सूरीनाम में भारतीयों के आगमन की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।












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