PM Modi Egypt Visit: गीजा के पिरामिड देखने पहुंचे मोदी, ये दुनिया के 7 अजूबों में पहले नंबर क्यों आता है?
अमेरिका के आधिकारिक दौरे के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त मिस्र के दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी मिस्र में मौजूद एतिहासिक जगहों को देखने पहुंचे।
इसी क्रम में पीएम मोदी गीजा का प्रसिद्ध पिरामिड देखने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मिस्र का प्रतिनिधिमंडल भी था।

आपको बता दें कि मिस्र में 100 से अधिक पिरामिड हैं। पिरामिड का का नाम दुनिया के सात आश्चर्यों में आता है। यह सभी आश्चयों में सबसे प्राचीन है।
ये पिरामिड 2560 ईसा पूर्व के करीब बनवाया गए थे। मिस्र का पिरामिड उस वक्त बनाया गया था, जब मिस्र दुनिया के सबसे अमीर और शक्तिशाली सभ्यताओं में से एक था।
इन पिरामिडों को देख लोग हैरत में पड़ जाते हैं कि आखिर इसे बनाया कैसे गया होगा। इतने विशालकाय और ऊंचे पिरामिड को बनाने के लिए लाखों पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।
इस पिरामिड को बनाने के लिए ग्रेनाइट और चूना पत्थर की 23 लाख पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें दो टन से लेकर 30 टन के पत्थर हैं। लोग इस बात पर आशचर्य में पड़ जाते हैं कि कि उस समय बिना उन्नत तकनीक के आखिर इतने बड़े पत्थर उठाकर कैसे पिरामिड के ऊपर रखा गये होंगे।
इन पिरामिड का निर्माण तत्कालीन राजाओं के शवों को दफनाने के लिए किया जाता था। राजा के तहखाने में न तो राजा की ममी मिली है और न ही रानी के तहखाने में रानी की ममी दिखी।
मिस्र में कई पिरामिड हैं और काहिरा के उपनगर गीज़ा में तीन पिरामिड हैं, लेकिन सिर्फ गिजा का 'ग्रेट पिरामिड' ही प्राचीन विश्व के सात अजूबों की सूची में है।
इन पिरामिडों में पत्थरों का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि इसके अंदर का तापमान हमेशा स्थिर और पृथ्वी के औसत तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के बराबर रहता है।
इतना ही नहीं, पिरामिड में नींव के चारों कोने के पत्थरों में बॉल और सॉकेट बनाये गये हैं ताकि ऊष्मा से होने वाले प्रसार और भूंकप से सुरक्षित रहे।












Click it and Unblock the Notifications