QuadSummit2022 में शामिल लेने के बाद PM मोदी टोक्यो से भारत पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान यात्रा अपडेट: जापान की राजधानी टोक्यों में क्वाड की बैठक खत्म हो गई है। क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष ने हिस्सा लिया। क्वाड की बैठक में यूक्रेन युद्ध की गूंज सुनाई दी तो वहीं इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक की स्वतंत्रता की बात की गई। बैठक में ऑस्ट्रेलिया के नये प्रधानमंत्री ने कहा है कि, उनकी सरकार क्वाड के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि, क्वाड लोकतांत्रिक देशों के नई ऊर्जा दे रहा है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, इंडो पैसिफिक में अमेरिका एक मजबूत, स्थिर और स्थायी साझेदार होगा।
पीएम मोदी की इस जापान यात्रा से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए यहां बने रहें

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पूर्व प्रधानमंत्रियों से मुलाकात
क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए टोक्यो गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तीन पूर्व जापानी प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा, शिंजो आबे और योशिरो मोरी से मुलाकात की। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जिन्होंने जापान के अपने पूर्व समकक्षों के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की, इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री सुगा को इस साल भारत में होने वाले गणेशोत्सव उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
यूक्रेन पर रूसी आक्रमण, एक ऐसी घटना जिसने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव को हिलाकर रख दिया है। राष्ट्रपति बिडेन, पीएम मोदी और पीएम अल्बनीज़ की भागीदारी के साथ, हम टोक्यो के 4 नेताओं द्वारा प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली संदेश दुनिया में भेजने में सक्षम हैं- जापान के प्रधानमंत्री
जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने कहा कि, यूक्रेन की स्थिति के लिए, भारत सहित क्वाड देश के चारों नेताओं के बीच, कानून के शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता जैसे विभिन्न सिद्धांतों के महत्व की पुष्टि करने को लेकर बात हुई है और चारों नेता इस बात पर सहमत हुए हैं, कि किसी भी क्षेत्र में बल प्रयोग कर के यथास्थिति का एकतरफा परिवर्तन की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी
रूस पर भारत के रुख और क्वाड की प्रासंगिकता पर इसके प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर, जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने कहा कि, "अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में, प्रत्येक देश का अपना ऐतिहासिक विकास और भौगोलिक स्थिति होती है। समान विचारधारा वाले लोगों के बीच भी, स्थिति पूरी तरह से सहमत नहीं हो सकती है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि पीएम मोदी की सफलता ने दुनिया को दिखाया है कि लोकतंत्र कितनी सफलता से काम कर सकता है, और उन्होंने इस मिथक का भंडाफोड़ किया कि चीन और रूस जैसे निरंकुश शासन तेजी से बदलती दुनिया को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं क्योंकि उनका नेतृत्व लंबी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से गुजरे बिना निर्णय ले और लागू कर सकता है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, टोक्यो में क्वाड समिट के एक क्लोज्ड सेशल में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने लोकतांत्रिक तरीके से महामारी से सफलतापूर्वक निपटने के लिए पीएम मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने महामारी से निपटने में चीन की विफलता के साथ भारत की सफलता की तुलना की, जबकि दोनों देशों की आबादी करीब करीब बराबर हैं।
जापान ने जताया भारत का आभार
जापानी पीएम किशिदा ने भारत के योगदान की सराहना की और कहा कि, क्वाड वैक्सीन पहल के तहत दिए गए भारतीय निर्मित टीकों को हाल ही में थाईलैंड और कंबोडिया में आभार के साथ प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि, वैक्सीन लेने के लिए कार्यक्रम में खुद कंबोडिया में प्रधानमंत्री हुन सेन शामिल हुए थे: सूत्र
‘यूक्रेन युद्ध में मानवीय तबाही’
क्वाड शिखर सम्मेलन में जो बाइडेन ने कहा कि, ‘यूक्रेन पर रूस के युद्ध ने मानवीय तबाही मचाई है और निर्दोष नागरिक सड़कों पर मारे गए हैं।" राष्ट्रपति बाइडेन ने क्वाड शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि, ‘लोकतंत्र और निरंकुशता’ के बीच विभाजन को उजागर होना चाहिए। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण की शुरूआत में ये भी कहा कि, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत के बीच साझेदारी स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन लाने के लिए और इंडो-पैसिफिक में प्रमुख लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय है।
रूस भारत संबंध पर बोला अमेरिका
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, इतिहास और विचारों में अंतर भारतीय परिप्रेक्ष्य को समझने में मदद करता है। उन्होंने कहा, "और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति इस बात से बहुत अवगत हैं कि भारत का अपना इतिहास है, अपने विचार हैं, और आप जानते हैं, साथ ही, इस प्रकार की बातचीत करने से उन्हें भारतीय परिप्रेक्ष्य को समझने में मदद मिलती है और मैं इस तरह के बैठक से भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के दृष्टिकोण को समझने और एक आम सहमति बनाने के लिए एक मंच तैयार करता है’।
ऑस्ट्रेलिया के नये प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने क्वाड शिखर सम्मेलन में कहा कि, मेरी सरकार आप सभी देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। नई ऑस्ट्रेलियाई सरकार आर्थिक, साइबर, ऊर्जा, स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के माध्यम से जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई करने और अधिक लचीला इंडो पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण को प्राथमिकता देती है।
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