पीएम मोदी ने बताया, पहले SCO समिट में भारत का नेतृत्व करके कैसा महसूस कर रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब से कुछ ही देर बाद चीन के शहर किंगदाओ में होंगे। दो दिनों तक पीएम मोदी यहां पर रुकेंगे और शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट में भारत का नेतृत्व करेंगे। पिछले वर्ष ही भारत को इस संगठन में बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
किंगदाओ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब से कुछ ही देर बाद चीन के शहर किंगदाओ में होंगे। दो दिनों तक पीएम मोदी यहां पर रुकेंगे और शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट में भारत का नेतृत्व करेंगे। पिछले वर्ष ही भारत को इस संगठन में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। भारत के अलावा पाकिस्तान को भी संगठन की पूर्ण सदस्यता दी गई थी। किंगदाओ निकलने से पहले पीएम मोदी ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि इस सम्मेलन के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करके वह काफी रोमांचित महसूस कर रहे हैं। मोदी आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे।

काफी रोमांचित हैं पीएम मोदी
पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'नौ और 10 जून को मैं किंगदाओ, चीन में रहूंगा और यहां पर सालाना एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लूंगा। बतौर पूर्ण सदस्य भारत पहली बार इस सम्मेलन में शामिल हो रहा है। मैं यहां पर एससीओ देशों के नेताओं से बातचीत करुंगा और कई मुद्दों पर चर्चा करुंगा।' उन्होंने एक और ट्वीट की और लिखा, 'बतौर पूर्ण सदस्य भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को लेकर मैं काफी रोमांचित महसूस कर रहा हूं।'एम मोदी एससीओ देशों के नेताओं के साथ करीब आधा दर्जन मुलाकातें करेंगे। पाकिस्तान की तरफ से राष्ट्रपति ममनून हुसैन इस सम्मेलन में शामिल होंगे। चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावले ने कहा है कि कि न तो भारत और न ही पाकिस्तान की ओर से एससीओ समिट के दौरान किसी औपचारिक मुलाकात का अनुरोध किया गया है। नेता समिट से अलग बात कर सकते हैं लेकिन कोई भी औपचारिक वार्ता या मुलाकात इस दौरान नहीं होगी।
आतंकवाद पर चर्चा करेगा भारत
भारत क्षेत्रीय संपर्क को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा कर सकता है। वहीं सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सीमा पार से जारी आतंकवाद का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा सकता है। भारत कई बार अलग-अलग मंच से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का जिक्र पाकिस्तान पर दबाव बनाने के मकसद से करता आया है।एससीओ समिट के बारे में अधिकारियों का कहना है कि भारत इस सम्मेलन में आतंकवाद की बढ़ती चुनौतियों के अलावा एससीओ देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देगा। भारत, एससीओ देशों के साथ सुरक्षा से जुड़े सहयोग को और मजबूत करना चाहता है और साथ ही साथ वह रीजनल एंटी-टेररिज्म स्ट्रक्चर (रैट्स) को और मजबूत करना चाहता है। रैट्स मूलत: सुरक्षा और रक्षा से जुड़े मुद्दों से जुड़ा हुआ है। साल 2005 से भारत बतौर पर्यवेक्षक एससीओ के साथ जुड़ा था। हर वर्ष मंत्री स्तर पर भारत की ओर से इस सम्मेलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई जाती रही है।












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