पीएम मोदी ने युगांडा की संसद में कहा- दोनों देशों के बीच व्यापारिक अस्थिरता को ठीक करने आया हूं
कंपाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ्रीका के तीन देशों की यात्रा के लिए निकले हैं और रवांडा के बाद आज पीएम युगांडा में हैं। पीएम मोदी का युगांडा के एंटेब्बे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति योवेरीमुसेवेनी पहुंचे थे। 1997 के बाद यह पहला मौका है, जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता के लिए युंगाडा पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने युगांडा के पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों ही देश के बीच व्यापारिक अस्थिरता है और इसे सही करने के लिए मैं यहां आया हूं।

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युगांडा पार्लियामेंट में मोदी के भाषण के कुछ अंश
- मैं इस विशाल सदन को संबोधित करने के निमंत्रण को लेकर बहुत ही सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ऐसा सम्मान पहली किसी भारतीय प्रधानमंत्री को मिला है। यह भारत के 125 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।
- दोनों देशों का एक लंबा स्वाधीनता संघर्ष का इतिहास रहा है। मोदी ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता के इतिहास का लिंक अफ्रीका से है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने 21 वर्ष अफ्रीका में बिताए हैं। असहयोग आंदोलन की शुरुआत यहीं से हुई थी।
- इतिहास भारत और अफ्रीका के प्राचीन ज्ञान और शांतिपूर्ण प्रतिरोध की स्थायी ताकत की सफलता का गवाह है। अफ्रीका में कुछ गहरा परिवर्तन गांधीवादी तरीकों से आया था।
- युगांडा अफ्रीका का मोती है। यह संसाधनों और समृद्ध विरासत की महान संपत्ति है।
- भारत में किसी के लिए भी निवेश करना आसान है, क्योंकि ये एक पॉलिसी ड्रिवन देश है। अफ्रीका के विकास और विश्व शांति के लिए युगांडा अहम भूमिका निभा सकता है।
- हमारे प्राचीन समुद्री लिंक, उपनिवेशवाद का अंधकार काल, स्वतंत्रता के लिए साझा संघर्ष, एक विभाजित दुनिया में स्वतंत्र देशों के अनिश्चित मार्ग, नए अवसरों की शुरुआत और हमारी युवा आबादी की आकांक्षाओं की एकता, यह सब हम दोनों देशों के बीच मिलते-जुलते हैं।












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