LCH Prachand: चीन का नंबर-1 दुश्मन भारत से खरीदेगा लड़ाकू हेलीकॉप्टर! US के दोस्त की LCA तेजस में दिलचस्पी
LCH Prachand: गुयाना को डोर्नियर-228 विमान देने के बाद भारतीय एयरोस्पेस निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) एक और बड़ी डिफेंस डील क्रैक करने के काफी करीब पहुंच गया है। माना जा रहा है, कि बहुत जल्द एचएएल को फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर सेगमेंट में महत्वपूर्ण डील हासिल होगी।
यूरोटाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और फिलीपींस के साथ हेलीकॉप्टर और एलसीए तेजस को लेकर बातचीत पर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है, जबकि नाइजीरिया के साथ भी बातचीत ने जोर पकड़ लिया है।

डिफेंस सेक्टर में भारत के बढ़ते कदम
हालांकि, HAL के मुख्य प्रबंध निदेशक सीबी अनंतकृष्णन को उम्मीद है, कि स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA Tejas) तेजस से भारत को एक हेलीकॉप्टर डील हासिल हो सकती है। भारत की मौजूदा मोदी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने के लिए काफी तेजी से कोशिशें की हैं और उसी का नतीजा है, कि भारत को डिफेंस सेक्टर में दो बड़े खरीददार मिल सकते हैं।
HAL के सीएमडी अनंतकृष्णन ने कहा, कि एलसीए 'तेजस' अपनी श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है, जिसकी वजह से कई देशों में इसे खरीदने को लेकर भारी दिलचस्पी पैदा हुई है। उन्होंने कहा, कि "पांच-छह देशों ने रुचि दिखाई है। अर्जेंटीना के साथ इस पर अभी भी चर्चा चल रही है। फिलीपींस के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। मिस्र के साथ भी हम चर्चा कर रहे हैं। और नाइजीरिया के साथ बातचीत ने गति पकड़ ली है।" हालांकि, उन्होंने ये नहीं कहा, कि ये देश भारत से हेलीकॉप्टर खरीदने में दिलतस्पी रखते हैं या लड़ाकू विमान।
इससे पहले, अर्जेंटीना ने भारतीय LCA तेजस को दरकिनार करते हुए डेनमार्क से सेकंड-हैंड F-16 लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा तय किया था। हालांकि, दक्षिण अमेरिकी देश ने 20 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' खरीदने के आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। 20 हेलीकॉप्टरों को अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच बांटे जाने की उम्मीद है।
फिलीपींस और चीन में है कट्टर दुश्मनी
इस साल की शुरुआत में, फिलीपींस मीडिया ने दावा किया था, कि HAL और फिलीपींस के बीच, फिलीपींस में ही एलसीए तेजस MK-1 के नेवी वेरिएंट को असेंबल करने को लेकर चर्चा की गई है। फिलीपींस की मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं, कि HAL ने फिलीपीन एयरोस्पेस डेवलपमेंट कॉर्प (PADC) में तेजस Mk1 की स्थानीय असेंबली की पेशकश की है। नौसैनिक स्ट्राइक वेरिएंट की स्थानीय असेंबली प्रदान करने की इच्छा के साथ, भारत अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए द्वीपसमूह देश को आसान ऋण भी प्रदान करता है।
आपको बता दें, कि फिलीपींस पहले ही भारत से सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल खरीद चुका है। जिसे उसने चीन की सीमा के साथ तैनात करने का प्लान बनाया है। फिलीपींस और चीन के बीच भारी दुश्मनी है और दक्षिण चीन सागर में दोनों देशों के बीच अगर झड़पें होती रहती हैं। लिहाजा, अब यह देखना होगा, कि क्या फिलीपींस भारती तेजस MK-1 का पहला ग्राहक बनता है या नहीं।

अफ्रीकी देशों में भारत के लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स
नाइजीरिया ने भारत में बने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) 'प्रचंड', लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) 'ध्रुव' में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।
पिछले साल अफ्रीका के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश ने 1 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा सौदों को मंजूरी दी थी, जिसका मकसद नाइजीरिया को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने में मदद करना था। एक नाइजीरिया प्रतिनिधिमंडल ने उस दौरान भारतीय विमानों का प्रदर्शन भी देखा था। हालांकि, नाइजीरिया ने अभी भी भारतीय विमान या हेलीकॉप्टर का फ्लाइट टेस्ट नहीं किया है और अधिकारियों के मुताबिक, ये बातचीत अभी शुरूआती चरण में है।
HAL ने अभी तक छह नाइजीरियाई सेना विमानन पायलटों को चेतक हेलीकॉप्टरों की ट्रेनिंग दी है। ट्रेनिंग का पहला चरण दिसंबर 2021 में पूरा हुआ था, जबकि दूसरा चरण दिसंबर 2022 में पूरा हुआ था। प्रत्येक नाइजीरियाई सेना विमानन अधिकारी को 70 घंटे की ट्रेनिंग दी गई थी।
भारत नाइजीरिया को एलसीए, एएलएच और एलयूएच की पेशकश कर रहा है और कह रहा है, कि यह मंच नाइजीरियाई बलों की ताकत बढ़ाएगा। भारत में नाइजीरियाई उच्चायोग के रक्षा सलाहकार कमोडोर एंथनी विक्टर कुजोह ने 2022 में कहा था, कि "नाइजीरिया न केवल प्रशिक्षण के लिए, बल्कि परिसंपत्ति अधिग्रहण की दिशा में भी एचएएल के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहेगा।"
वहीं, भारतीय सेनाओं में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' के शामिल होने से इसकी निर्यात क्षमता को भी बढ़ावा मिला है। हेलीकॉप्टर को पहले ही सियाचिन बेस कैंप और चीन के साथ पूर्वी सीमा पर तैनात किया जा चुका है। लिहाजा, दूसरे देशों में इस हेलीकॉप्टर को लेकर विश्वसनीयता बढ़ी है। लिहाजा देखना है, कि भारत इन सौदों को हासिल कर अपने डिफेंस प्रोग्राम को आगे बढ़ा पाता है या नहीं।
LCH, हथियारों और ईंधन के पर्याप्त भार के साथ 5,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरने वाला एकमात्र हेलीकॉप्टर है। इसका मतलब है, कि एलसीएच दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र-सियाचिन ग्लेशियर में काम कर सकता है। 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना के बेड़े में रूसी एमआई-25 और एमआई-35 अप्रभावी साबित होने के बाद, भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने हल्के, गुप्त और अधिक गतिशील हमले वाले हेलीकॉप्टर का निर्माण शुरू कर दिया था।












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