फाइजर वैक्सीन को जल्द मिल सकती है भारत में मंजूरी, दवाओं के लिए 500 करोड़ की मदद
फाइजर वैक्सीन को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है। फाइजर कंपनी और भारत सरकार के बीच बातचीत हो रही है। इसी बीच फाइजर ने कोरोना संकट के दौरान भारत को 70 मिलियन डॉलर का मदद दिया है।
नई दिल्ली/वॉशिंगटन: कोरोना वायरस से परेशान भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन की काफी कमी है। भारत सरकार ने एक मई से 18 साल के ऊपर की उम्र के लोगों को भी वैक्सीन लगाने की इजाजत दे दी थी लेकिन वैक्सीन की कमी की वजह से लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। ऐसी स्थिति में वैक्सीन की कमी को पूरा करने के लिए भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी फाइजर के बीच वैक्सीन को लेकर बातचीत शुरू हो गई है और फाइजर ने जल्द से जल्द भारत सरकार से वैक्सीन बनाने की इजाजत मांगी है। अमेरिकन वैक्सीन कंपनी फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोरला ने कहा है कि भारत सरकार से इजाजत मिलने के साथ ही कंपनी भारत के लिए वैक्सीन का निर्माण करना शुरू कर देगी।

फाइजर को मिलेगी इजाजत!
वैक्सीन कंपनी फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोरला ने लिंक्डइन पर कहा कि 'दुर्भाग्यवश भारत में वैक्सीन इस्तेमाल के लिए हमारी कंपनी रजिस्टर्ड नहीं है, जबकि एक महीने पहले ही हमारी एप्लिकेशन जमा कर दी गई है'। फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोरला ने कहा कि 'हम लगातार भारत सरकार से बात कर रहे हैं ताकि भारत में फाइजर वैक्सीन को जल्द से जल्द इजाजत मिले। हम चाहते हैं कि अगर हमें जल्द से जल्द इजाजत मिल जाती है तो हम भारत में जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध करवाना शुरू कर देंगे।' आपको बता दें कि फाइजर-बायएनटेक वैक्सीन उन वैक्सीन्स में से एक है, जिसे सबसे पहले अमेरिक और डब्ल्यूएचओ ने इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी थी।

फाइजर ने भारत को दिए 500 करोड़
फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोरला ने कहा कि 'फाइजर ग्रुप कोरोना वायरस से इस लड़ाई में भारत का पार्टनर बनकर लड़ाई लड़ना चाहता है और हमने बहुत जल्दी भारत के लिए मानवीयता के आधार पर डोनेशन की व्यवस्था की है।' आपको बता दें कि फाइजर के सीईओ ने कोविड-19 जूझते भारत को 70 मिलियन यूएस डॉलर की मदद दी है, जिससे कोविड मरीजों के लिए दवा खरीदी जाएगी। फाइजर के सीईओ ने कहा कि 'इस डोनेशन का मतलब ये है कि भारत के प्राइवेट अस्पतालों में कोविड 19 का इलाज करवाने वाले मरीजों को मुफ्त में फाइजर की दवा दी जाएगी।'

भारत में वैक्सीनेशन
आपको बता दें कि भारत ने 16 जनवरी को विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम को शुरू किया था और उस वक्त भारत सरकार ने कहा था कि उसका लक्ष्य भारत के हर नागरिक को कोविड-19 वैक्सीन की खुराक देना है। शुरूआती वक्त में भारत में दो वैक्सीन कोविशिल्ड और स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को मंजूरी दी गई थी। लेकिन, अब भारत में जब एक मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगना शुरू हुआ है तो भारत में वैक्सीन की भारी कमी देखी जा रही है। जिसके बाद भारत सरकार दूसरी वैक्सीन्स की तरफ भी ध्यान लगा रही है। इससे पहले भारत ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दे दी थी। जिसके बाद अब स्पुतनिक काफी तेजी से वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है, ताकि भारतीय मार्केट में जल्द से जल्द पहुंच बनाई जाए।












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