इजरायली जेल में बंद फिलीस्तीनी खादर अदनान की 87 दिनों की भूख हड़ताल के बाद मौत, नया बवाल शुरू
मानवाधिकार समूहों का दावा है, कि इजरायली जेल में कम से कम 1000 ऐसे कैदी बंद हैं, जिन्हें बगैर किसी आरोप और बगैर किसी जांच के बंद रखा गया है।

Palestinian hunger striker Khader Adnan dies: इजरायली जेल अधिकारियों ने कहा है, कि फिलीस्तीनी इस्लामिक जिहाद समूह से जुड़े फिलीस्तीनी कैदी खादर अदनान की लगभग तीन महीने की भूख हड़ताल के बाद इजरायल की एक जेल में मौत हो गई है।
इजरायली जेल सेवा ने कहा है, कि अदनान ने मेडिकल टेस्ट कराने या अस्पताल में भर्ती होने या किसी भी तरह की चिकित्सकीय सुविधा लेने से इनकार कर दिया था और मंगलवार की सुबह उसे अपने सेल में बेहोश पाया गया।
इसी साल 5 फरवरी को गिरफ्तार होने के तुरंत बाद अदनान ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
इजरायल की पुलिस ने इससे पहले भी कई बार अदनान को गिरफ्तार किया था और वो पहले भी कई बार इजरायली जेल में भूख हड़ताल कर चुके थे, जिसमें 2015 में उन्होंने 55 दिनों का भूख हड़ताल किया था, जिसमें उन्होंने तथाकथित प्रशासनिक हिरासत के तहत अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया था।
इजरायल में 'प्रशासनिक हिरासत' कानून के तहत संदिग्धों को बिना किसी आरोप या जांच के अनिश्चित काल के लिए जेल में रखा जा सकता है।
गाजा में डब्ल्यूएईडी प्रिजनर्स एसोसिएशन ने अदनान की मौत की खबर आने के बाद समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए, इसे 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' बताया है।
87 दिनों से कर रहे थे भूख हड़ताल
इज़राइली मानवाधिकार समूह हैमोकेड के मुताबिक, इज़राइल वर्तमान में 1,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी बंदियों को बिना किसी आरोप या मुकदमे के जेल में बंद रखे हुआ है, जो 2003 के बाद से सबसे ज्यादा संख्या है।
फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA ने बताया, कि फिलिस्तीनी प्रिजनर्स सोसाइटी के मुताबिक, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जेनिन शहर के पास अरबा शहर के रहने वाले 44 वर्षीय अदनान को बगैर किसी आरोप के गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने जेल के अंदर अपनी गिरफ्तारी के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। वो पिछले 87 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
फ़िलिस्तीनी सूचना मंत्री और फ़लस्तीनी नेशनल इनिशिएटिव राजनीतिक दल के महासचिव मुस्तफ़ा बरगौती ने कहा, "यह एक बहुत ही ख़तरनाक चीज़ है, जो हुआ है।"
मुस्तफा बरगौती ने अल जज़ीरा को बताया, कि "इसराइली सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर" हत्या के इस कृत्य के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा, कि "मैं इसे हत्या का कृत्य कहता हूं, क्योंकि इजरायल सरकार और उसकी सैन्य अदालतें अच्छी तरह से जानती थीं, कि एक व्यक्ति जो 87 दिनों से भूख हड़ताल पर है, जिसे किसी भी प्रकार की चिकित्सा देखभाल नहीं मिली है, वह किसी भी क्षण मर सकता है। और ठीक ऐसा ही हुआ है।"
इजरायल पर गंभीर आरोप
फ़िलिस्तीनी सूचना मंत्री मुस्तफ़ा बरगौती ने कहा, कि "खादर अदनान को बिना किसी आरोप के गिरफ्तार किया गया था। यह पहली बार नहीं है। उन्हें प्रशासनिक हिरासत के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसका अर्थ है कि इज़राइल किसी को भी बिना बताए गिरफ्तार कर सकता है। बिना किसी जवाबदेही के। बिना किसी प्रमाण के औऱ बिना किसी जांच के।"
वहीं, फिलीस्तीन समाचार एजेंसी WAFA ने बताया, कि अदनान नौ बच्चों के पिता थे और इससे पहले उन्हें 12 बार पहले भी गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने इज़राइली जेलों में कई बार भूख हड़ताल की कार्रवाई की थी।
वहीं, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने एक बयान में कहा है, कि "हमारी लड़ाई जारी रहेगी और दुश्मन को एक बार फिर एहसास होगा, कि उसके अपराध के खिलाफ जवाब दिया जाएगा। प्रतिरोध पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प से जारी रहेगा।
वहीं, अदनान की मौत की पुष्टि के कुछ समय बाद ही इजरायली में अलर्ट सायरन बजने लगे और इजरायली सेना ने पुष्टि की है, कि गाजा पट्टी से इजरायली क्षेत्र की ओर तीन रॉकेट खुले क्षेत्रों में गिरे हैं।












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