भारत के 'शिखर सम्मेलन' का जवाब? अमेरिका की मौजूदगी में पाकिस्तान करेगा Troika summit का आयोजन
अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान गुरूवार को ट्रोइका समिट' का आयोजन करने जा रहा है। जबकि, आज भारत में 8 देशों का शिखर सम्मेलन हो रहा है।
इस्लामाबाद, नवंबर 10: आज भारत में अफगानिस्तान के मुद्दे पर बड़े शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें आठ देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हो रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं, लेकिन भारत के शिखर सम्मेलन से जला-भुना पाकिस्तान 'ट्रोइका समिट' का आयोजन करने जा रहा है।

पाकिस्तान का 'ट्रोइका समिट'
पाकिस्तान गुरुवार को अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस के वरिष्ठ राजनयिकों के साथ 'ट्रोइका समिट की मेजबानी करेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ 'ट्रोइका समिट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चारों देशों के प्रतिनिधि अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से भी मुलाकात करेंगे। तालिबान के विदेश मंत्री मुत्ताकी बुधवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। अगस्त में काबुल पर तालिबान द्वारा कब्जा किए जाने के बाद से किसी अफगान मंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है।

पहली बार पाकिस्तान में बैठक
पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा, "एसआर (विशेष प्रतिनिधि स्तर) पर ट्रोइका प्लस मुत्तकी के साथ बैठक करेगा।" यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब तालिबान अंतरराष्ट्रीय पहचान की मांग कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय तालिबान की अंतरिम सरकार को तब तक वैधता देने की जल्दी में नहीं है जब तक कि वे अपने वादे पूरे नहीं करते। पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि, "ट्रोइका प्लस अफगान अधिकारियों के साथ जुड़ाव के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। यह एक समावेशी सरकार के लिए समर्थन व्यक्त करेगा, अफगानिस्तान में मानवीय संकट को रोकने के तरीकों के साथ-साथ मानवाधिकारों, विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा करेगा।" तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद ट्रोइका प्लस की यह पहली पूर्ण बैठक है।

भारत को रखा गया है दूर
आपको बता दें कि, 'ट्रोइका समिट से अभी तक भारत को दूर रखा गया है। पिछली बार जब रूस में ''ट्रोइका समिट प्लस' का आयोजन किया गया था, उस वक्त दोस्त रूस ने भारत को न्योता देने से इनकार कर दिया था। रूस ने तब दलील देते हुए कहा था कि, चूंकी भारत का तालिबान के साथ कोई नाता नहीं है और ना ही भारत का तालिबान से उस तरह का संपर्क है, लिहाजा भारत को 'ट्रोइका समिट में न्योता नहीं दिया गया है।

क्या है 'ट्रोयका समिट'?
आपको बता दें कि, अफगानिस्तान में जल्द स्थिति को सामान्य बनाने के लिए 'ट्रोइका समिट का विस्तार कर ट्रोयका प्लस बनाने की मांग की जा रही है, जिसमें भारत और ईरान को शामिल करने की मांग है, लेकिन भारत के नाम पर चीन और पाकिस्तान एतराज जताता है, तो ईरान के नाम पर अमेरिका को एतराज है। आखिरी बार अगस्त में दोहा में आयोजित किया गया था, जिसमें अमेरिका का प्रतिनिधित्व अफगानिस्तान के लिए पूर्व विशेष दूत जलमय खलीलजाद ने किया था। रूस द्वारा 19 अक्टूबर को मास्को में एक और बैठक बुलाई गई थी, लेकिन अमेरिका ने "लॉजिस्टिक्स" का हवाला देते हुए भाग नहीं लिया।












Click it and Unblock the Notifications