ताइवान पर पाकिस्तान ने खुलकर लिया चीन का साथ, शहबाज सरकार ने अमेरिका पर लगाए बड़े-बड़े आरोप
इस्लामाबाद, अगस्त 03: अपने सदाबहार सहयोगी चीन को अपना समर्थन देते हुए पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि, अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए "गंभीर प्रभाव" पड़ेगा। चीन की कड़ी चेतावनी को दरकिनार करते हुए नैन्सी पेलोसी मंगलवार रात ताइवान पहुंची थी और पिछले 25 सालों में ताइवान की यात्रा करने वाली वह सर्वोच्च रैंकिंग वाली अमेरिकी अधिकारी हैं। पेलोसी के ताइवान पहुंचने के बाद, चीन के विदेश मंत्रालय ने एक कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया कि उनकी यात्रा "एक चीन सिद्धांत और थ्री चायना-यूएस ज्वाइंट कम्यूनिकीज का गंभीर उल्लंघन है"।

पाकिस्तान ने दिया चीन का साथ
चीन ताइवान को मुख्य भूमि के हिस्से के रूप में दावा करता है और चीन ने ताइवान को चीन के मुख्य भूमि में शामिल करने की कसम खा रखी है। इस बीच पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान, ताइवान जलडमरूमध्य में उभरती स्थिति पर गहरा चिंतित है। इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर प्रभाव पड़ेगा। पाकिस्तान ने एक चीन नीति पर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की और चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का दृढ़ता से समर्थन किया।

पहले से ही गंभीर संकट से गुजर रही दुनिया
पाकिस्तान विदेश कार्यालय के बयान में कहा गया है कि यूक्रेन संघर्ष के कारण दुनिया पहले से ही एक गंभीर सुरक्षा स्थिति से जूझ रही है। अंतरराषट्रीय स्तर पर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अस्थिर प्रभाव पड़ रहा है। दुनिया एक और संकट बर्दाश्त नहीं कर सकती, जिसका वैश्विक शांति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक परिणाम हो। पाकिस्तान ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि आंतरिक राज्य संबंध, आपसी सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय समझौतों के सिद्धातों को कायम रखते हुए मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित होना चाहिए।

नैन्सी पेलोसी दक्षिण कोरिया हुईं रवाना
ताइवान की यात्रा समाप्त करने के बाद अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो गई हैं। इन सब के बीच चीन ने एक बार फिर से हमला बोला है। चीन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान की हाई-प्रोफाइल यात्रा पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी राजदूत को तलब किया है। चीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को इस गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका ताइवान में दखलअंदाजी बंद करे।

चीन ने ताइवान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया
चीन ने कहा कि अब ताइवान स्ट्रेट के पास सैन्य अभ्यास बेहद जरूरी है। वहीं, चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक चीन की सेना पीएलए ने ताइवान के चारों ओर फायर ड्रिल और टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन को शुरू कर दिया है। अमेरिकी स्पीकर पेलोसी ने कहा कि दुनिया में लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच संघर्ष है। जैसा कि चीन समर्थन हासिल करने के लिए अपनी सॉफ्ट पावर का उपयोग करता है, हमें ताइवान के बारे में उसकी तकनीकी प्रगति के बारे में बात करनी होगी और लोगों को ताइवान के अधिक लोकतांत्रिक बनने का साहस दिखाना होगा।












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