इमरान की गिरफ्तारी से पहले पाकिस्तान में अराजकता! इस्लामाबाद पर कब्जा करने उतरे कार्यकर्ता
इमरान खान की गिरफ्तारी की आशंका के बीच ट्वीटर पर 'इमरान खान हमारी रेड लाइन' ट्रेंड करने लगा और कुछ ही घंटे में करीब 2 लाख लोग री-ट्वीट कर चुके थे।
इस्लामाबाद, अगस्त 22: पाकिस्तान में एक बार फिर से द ग्रेट पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है, लेकिन किसी भी वक्त स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने कहा है, कि अगर पार्टी के चेयरमैन इमरान खान को गिरफ्तार किया जाता है, तो इसका मतलब सरकार रेड लाइन को क्रॉस कर लेगी, जिसका अंजाम भयानत होगा। वहीं, इमरान खान के फरार होने की खबर भी सामने आ रही है और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान को रावलपिंडी में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए आना था, लेकिन वो नहीं आए और ऐसी रिपोर्ट है, कि वो किसी सेफ जगह पर चले गये हैं।

गिरफ्तार किए जाएंगे इमरान खान
दरअसल, इस्लामाबाद में अपने सहयोगी शहबाज गिल के समर्थन में निकाली गई रैली के दौरान इमरान खान ने दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और एक महिला मजिस्ट्रेट को धमकाया था और कहा था, वो उन्हें देख लेंगे, जिसके बाद इमरान खान के खिलाफ आतंकवादी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और किसी भी वक्त उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। लिहाजा, इमरान खान फरार होकर पंजाब प्रांत चले गये हैं, जहां उनकी पार्टी की सरकार है और ऐसी रिपोर्ट है, कि वो किसी सेफ हाउस में चले गये हैं। जबकि, इस्लामाबाद में स्थिति इमरान खान के निजी निवास बनी गाला में उनके हजारों समर्थक मौजूद हैं, जो इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर मरने-मारने के लिए तैयार हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बनी गाला में इस्लामाबाद पुलिस अपने लाव लश्कर के साथ इमरान को गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस वापस लौट आई।

'इमरान खान हमारी रेड लाइन'
इमरान खान की गिरफ्तारी की आशंका के बीच ट्वीटर पर 'इमरान खान हमारी रेड लाइन' ट्रेंड करने लगा और कुछ ही घंटे में करीब 2 लाख लोग री-ट्वीट कर चुके थे। पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने इमरान खान के करीबी और पूर्व पाकिस्तानी सूचना प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी के साथ इमरान खान के आवास की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें उनके आवास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं को देखा जा सकता है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने धमकी दी है, कि अगर इमरान खान को गिरफ्तार किया जाता है, तो वो रेड लाइन पार करने जैसी है, जो सरकार ना करे। आपको बता दें कि, इमरान खान के खिलाफ एंटी-टेरेरिज्म एक्ट की धारा सेक्शन-7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसको लेकर मुराद सईद जैसे करीबी सहयोगियों ने ट्विटर पर अलग से घोषणा की है, कि इमरान खान गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं और उन्होंने समर्थकों से "पाकिस्तान की खातिर बाहर निकलने" का आह्वान किया है।

पीटीआई की पुलिस को चेतावनी
इमरान खान के एक और करीबी अली अमीन गंडापुर ने इस्लामाबाद पर कब्जा करने की धमकी देते हुए पुलिस को "अब इस राजनीतिक युद्ध का हिस्सा" नहीं बनने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, "अगर इमरान खान को आयातित सरकार द्वारा गिरफ्तार किया जाता है, तो हम इस्लामाबाद पर कब्जा कर लेंगे।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, "और पुलिस को मेरा संदेश यह है, कि अब इस राजनीतिक युद्ध का हिस्सा न बनें अन्यथा आप पीडीएम कार्यकर्ताओं के रूप में निपटें जाएंगे, ना कि पुलिस के तौर पर''। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि, अब इस लड़ाई को पूरी तरह से और इस तरह से लड़ाई जाएगा, कि एक ही बार में सब खत्म कर देंगे।" हालांकि, जैसे ही मामला तूल पकड़ता गया, इस्लामाबाद पुलिस के मीडिया निदेशक तकी जवाद ने डॉन डॉट कॉम को बताया कि, पुलिस इमरान की गिरफ्तारी के लिए नहीं बल्कि "संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति" के कारण बनी गाला पहुंची थी।

इमरान खान की चेतावनी
वहीं, एक दिन पहले इमरान खान ने एक बार फिर से पाकिस्तानी सेना को आड़े हाथों लिया है और 'न्यूट्रल' कहकर पाकिस्तानी आर्मी पर कटाक्ष किया है। एक रैली में इमरान खान ने रविवार को "तटस्थ" से पूछा, कि संसद में अविश्वास प्रस्ताव के 'विदेशी वित्त पोषित' वोट के माध्यम से उन्हें बाहर क्यों किया गया, उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र अपराध यह है कि उन्होंने "आयातित" सरकार को स्वीकार नहीं किया है। रावलपिंडी के लियाकत बाग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, "अब पेमरा (पाकिस्तान टीवी बोर्ड) भी खेल में है। इमरान खान ने क्या किया है? उसका एकमात्र अपराध यह है कि वह इस आयातित सरकार को स्वीकार नहीं कर रहा है।" आपको बता दें कि, पाकिस्तान में एक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत इमरान खान के भाषण के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी गई है और इमरान खान का भाषण अधिकारियों की जांच के बाद ही प्रसारित करने के आदेश दिए गये हैं।

सेना से इमरान के तीखे सवाल
इमरान ने पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाते हुए कहा कि, जो लोग उनका समर्थन करने के लिए उनके आवास पर आते हैं, उन्हें एजेंसियों से फोन आते हैं, कि वे वहां क्यों थे। उन्होंने कहा कि, "मैं पूछना चाहता हूं कि आप तटस्थ हैं या नहीं। यदि नहीं तो आप इस देश को इतना नुकसान क्यों पहुंचा रहे हैं? आप इन लोगों (मौजूदा सरकार) के साथ क्यों खड़े होना चाहते हैं? क्या आपको लगता है कि देश इन लोगों पर विश्वास करेगा जिनके पास है पिछले 30 सालों से इस देश को लूटने का अनुभव है।" उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने पीटीआई की 25 मई की रैली में हिंसा का सहारा लिया, तो उन्हें बताया गया कि उनके पास ऐसा करने का आदेश है। "इसका मतलब है कि वे न्यूट्रल के दबाव में थे।" इमरान ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त पीटीआई के खिलाफ अपने सभी फैसले दे रहे हैं, क्योंकि वे पीटीआई को अयोग्य घोषित करना चाहते हैं लेकिन जब वे जानकारी मांगते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि वे "जूते" के दबाव में हैं। आपको बता दें कि, जब इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, उस वक्त पाकिस्तानी सेना ने कहा था, कि उसे राजनीति से कोई मतलब नहीं है और वो न्यूट्रल है, इसीलिए इमरान खान बार बार पाकिस्तानी सेना को न्यूट्रल कहकर कटाक्ष करते हैं।












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