गंभीर समस्याओं में घिरी पाकिस्तान की सेना, घटिया चीनी हथियार और सिस्टम देख सिर पीट रहे सैन्य अधिकारी
पहले भी रिपोर्ट्स आ चुके हैं कि चीन ने पाकिस्तान को घटिया क्वालिटी के मिलिट्री सामान बेचे हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान की सेना गंभीर समस्या में घिर गई है। ज्यादातर विमान उड़ने के काबिल ही नहीं रहे हैं।
इस्लामाबाद, सितंबर 20: पाकिस्तान चीन के साथ अपनी दोस्ती की कसमें खाता है। पाकिस्तान कहता है कि चीन के साथ उसकी दोस्ती पहाड़ों से ऊंची है, समुद्र से गहरा है, लेकिन चीन ने पाकिस्तानी सेना को खोखला कर दिया है। पहले भी कई ऐसे रिपोर्ट आ चुके हैं, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने चीन से जो हथियार खरीदे हैं, वो काफी खराब क्वालिटी के हैं, लेकिन अब ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने चीन से जो अनमैन्ड एरियल सिस्टम (यूएएस) खरीदा है, उसकी क्वालिटी इतनी खराब है, कि उसने पाकिस्तानी सेना की शक्ति को ही दीमक की तरह चाट लिया है।

घटिया हथियार बेच रहा चीन
दुनिया में चीन से सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाला देश पाकिस्तान है और बांग्लादेशी थिंक टैंक ने दावा किया है कि चीन ने पाकिस्तान को जो मानवरहित एरियल सिस्टम भेजा था, वो पाकिस्तान की सेना की क्षमता को खराब कर रहा है। बांग्लादेशी थिंक टैंक ने कहा है कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गंभीर संकट में घिर गया है क्योंकि चीन की यूएएस के पाकिस्तानी सेना में शामिल होने के बाद उसका एक बड़ा हिस्सा अपंग होकर धाराशाई हो चुका है।

गंभीर संकट में पाकिस्तानी वायुसेना
'ऑवरटाइम बीडी' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा डिजाइन किए गए और चाइना नेशनल एयरो-टेक्नोलॉजी इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (CATIC) द्वारा बेचे गए तीन सशस्त्र ड्रोन, जनवरी 2021 में पाकिस्तान वायु सेना (PAF) में शामिल किए गए थे। ये हवाई लड़ाकू ड्रोन पाकिस्तान और चीन के बीच को-प्रोडक्शन के लिए एक बड़े सौदे का हिस्सा हैं, जिसके तहत 50 लड़ाकू ड्रोन का निर्माण पाकिस्तान में होना है। पाकिस्तानी और चीनी, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने दावा किया था कि ये सशस्त्र ड्रोन, हवा या जमीन पर आधारित लक्ष्यों पर हमला करने और नष्ट करने के लिए लेजर-निर्देशित बम और मिसाइल दागने में सक्षम हैं, लेकिन बांग्लादेशी थिंक टैंक के अनुसार, पाकिस्तान एयरफोर्स के अधिकारियों ने कहा है कि चीनी सामान काफी ज्यादा खराब हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान की वायुसेना गंभीर समस्याओं में जकड़ गई है।

चीन ने किया पाकिस्तान का बेड़ा गर्ग
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कंपनी के हाथ में पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा खरीदे गये हथियारों और लड़ाकू विमानों के रख-रखाव की जिम्मेदारी है, लेकिन चीन की कंपनी ने इतनी खराब सर्विस दी है, कि चीन से खरीदे गये लड़ाकू विमानों की स्थिति दयनीय हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कंपनी CATIC अब तक ग्राउंडेड ड्रोन की मरम्मत और रखरखाव के प्रति उदासीन रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कंपनी ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों में घटिया कलपुर्जे लगाए हैं, जिनका इस्तेमाल कतई नहीं किया जा सकता है। जिसकी वजह से पाकिस्तानी एयरफोर्स के ज्यादातर विमान उड़ नहीं पा रहे हैं। जब पाकिस्तान एयरफोर्स ने चीन की कंपनी से शिकायत की, तो उन विमानों की मरम्मत के लिए कंपनी की तरफ से जो इंजीनियर भेजे गये, वो इतने नये थे, कि वो विमानों की मरम्मत नहीं करते थे। जिसके बाद अब पाकिस्तानी एयरफोर्स ने चीनी कंपनी से प्रशिक्षित इंजीनियरों को भेजने का अनुरोध किया है।

घटिया है चीन का यूएएस
बांग्लादेशी थिंक टैंक के अनुसार, चीन निर्मित यूएएस में कई विफलताएं हैं, जिनमें जीपीएस, सशस्त्र ड्रोन द्वारा मारक क्षमता भी शामिल है। बांग्लादेशी थिंक टैंक ने पाकिस्तान एयरफोर्स के सूत्रों के हवाले से कहा है कि, प्रशिक्षण के दौरान तीन में दो चायनीज ड्रोन जीपीएस को पढ़ नहीं पा रहे थे और बार बार अपनी दिशा भटक रहे थे, जिसके बाद उन्हें जमीन पर उतारना पड़ा। इसके साथ ही यूएवी ड्रोन में लगे ईओ/आईआर कैमरों से नाइट्रोजन का रिसाव भी उतनी ही गंभीर समस्या थी, जिससे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रा-रेड (ईओ/आईआर) सिस्टम बेकार हो गए थे। हाई-परफॉर्मेंस सिंथेटिक अपर्चर राडार (SAR) में ड्रोन के संचालन के कुछ घंटों के भीतर गंभीर खराबियों का भी पता चला था।

सैटकॉम एंटीना फेल
रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्च और टेक-ऑफ की प्रक्रिया के दौरान इनमें से कुछ ड्रोन में सैटकॉम की एक और महत्वपूर्ण गड़बड़ी सामने आ रही थी। जमीन पर, साइट स्वीकृति परीक्षण (सैट) के दौरान सैटकॉम एंटीना फेल हो गया। वहीं, यूएवी पर रियर ईंधन पंप भी खराब हो गया था। थिंक टैंक ने आगे बताया कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को चीनी सैन्य हार्डवेयर और खराब, घटिया सर्विसिंग और रखरखाव की अविश्वसनीयता का अहसास हो रहा है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी वायु सेना ने चीन से जो मिलिट्री हार्डवेयर मंगवाए हैं, वो काफी खराब क्वालिटी के हैं, जिससे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की क्षमता काफी ज्यादा खराब हो चुकी। लेकिन, दिक्कत ये है कि ना तो पाकिस्तान सरकार और ना ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख चीन के सामने घटिया क्वालिटी के सामान देने की बात को उठा पा रहे हैं।












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