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भीख नहीं, शर्त पूरी करो! IMF ने पाकिस्तान को ऐसा क्यों कहा?

Pakistan IMF loan: गरीबी और आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से नए $7 अरब डॉलर के भारी-भरकम ऋण के लिए गुहार लगाई है। हालांकि, पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी है। IMF का मिशन दल, जो दो हफ्तों के लिए इस्लामाबाद में है, ने स्पष्ट कर दिया है कि 'भीख' नहीं, बल्कि 'शर्तें' पूरी करनी होंगी।

$7 बिलियन के ऋण और $1.1 बिलियन की लचीली सुविधा की समीक्षा के लिए आई IMF टीम ने साफ कहा है कि ऋण वितरण तभी होगा जब पाकिस्तान जून 2025 तक निर्धारित आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करेगा। IMF की इस सख्ती ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ा दिया है, जिसके चलते अगले महीने मिलने वाले $1 बिलियन के वितरण पर भी संकट मंडरा रहा है।

Pakistan IMF loan

IMF ने क्यों कहा, 'पहले लक्ष्य पूरा करें'

पाकिस्तान और IMF के बीच नई ऋण सुविधा को लेकर बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब जून 2025 के अंत तक पिछले कार्यक्रम का प्रदर्शन 'मिश्रित' रहा है। IMF में पाकिस्तान की मिशन प्रमुख ईवा पेत्रोवा के नेतृत्व में आई टीम ने वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि समीक्षा बाढ़ से हुए नुकसान के बजाय बाढ़ से पहले निर्धारित किए गए लक्ष्यों पर आधारित होगी। इसका सीधा अर्थ है कि पाकिस्तान सरकार जून-2025 के अंत तक के प्रदर्शनों को लेकर जवाबदेह है।

$7 अरब लोन और बाढ़ की मार

पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, IMF का मिशन दल लगभग दो हफ्ते तक पाकिस्तान में रहेगा और $7 अरब अमेरिकी डॉलर की विस्तारित वित्तपोषण सुविधा (EFF) और $1.1 अरब अमेरिकी डॉलर की लचीली और स्थिर सुविधा (RSF) के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगा। पाकिस्तानी पक्ष ने IMF से आग्रह किया है कि वह भीषण बाढ़ में हुए नुकसान को भी ध्यान में रखे, लेकिन IMF सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समीक्षा बाढ़ से पहले तय किए गए आर्थिक सुधारों पर केंद्रित है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ से होने वाले नुकसान को लेकर बाद में छूट दिए जाने पर विचार किया जा सकता है।

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पिछले ऋण की शर्तें और अब क्या मांगा?

IMF ने इसी साल मई 2025 में भी पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का कर्ज दिया था। उस ऋण को जारी करने से पहले IMF ने पाकिस्तान के सामने कई कड़ी शर्तें रखी थीं। इन शर्तों में महत्वपूर्ण रूप से कार्बन लेवी लगाना, बिजली के शुल्क में समय-समय पर बदलाव करना और पानी की कीमतों को लेकर कई स्तरों पर सुधार करना शामिल था।

अगले महीने $1 बिलियन वितरण पर संकट

IMF का यह मिशन देखेगा कि क्या पाकिस्तान वास्तव में अपनी अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक सुधार कर रहा है। यदि मिशन को सकारात्मक सुधार नजर आते हैं, तो ही वह पाकिस्तान को नया कर्ज जारी करने की सिफारिश करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर यह दो-सप्ताह की बैठक सकारात्मक होती है, तो पाकिस्तान अगले महीने (अक्टूबर) करीब $1 बिलियन डॉलर के वितरण के लिए पात्र हो जाएगा, जो कि देश की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत होगी। IMF की सख्ती और मिश्रित प्रदर्शन को देखते हुए, पाकिस्तान के आर्थिक दल के लिए इन शर्तों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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