पाकिस्तान ने बजट से पहले IMF बेलऑउट पैकेज मिलने का किया दावा, क्या अवाम को फिर उल्लू बना रहे शहबाज?
पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और पिछले एक महीने में पाकिस्तान पर 1400 अरब पाकिस्तानी रुपये का कर्ज और बढ़ गया है, वहीं अगले साल तक उसे 22 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है।

Pakistan News: पाकिस्तान में इस महीने बजट पेश होने वाला है और पाकिस्तान की सरकार ने देश की जनता के सामने दावा किया है, कि बजट से पहले उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलऑउट पैकेज मिल जाएगा और देश डिफॉल्ट होने से बच जाएगा।
हालांकि, शहबाज शरीफ पहले भी दर्जन भर से ज्यादा बार आईएमएफ से लोन मिलने का दावा कर चुके हैं, लेकिन हर बार आईएमएफ ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के दावे को झूठा साबित कर दिया और अभी तक बेलऑउट पैकेज पाकिस्तान के लिए जारी नहीं किया गया है।
पाकिस्तान को अगर इस महीने आईएमएफ से बेलऑउट पैकेज नहीं मिलता है, तो वो 30 जून को डिफॉल्ट कर जाएगा, लिहाजा अब वो लोन हासिल करने की आखिरी कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान को इस महीने 6 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है और वो आईएमएफ से 2 अरब डॉलर का पैकेज लेना चाहता है, ताकि वो डिफॉल्ट होने से बच सके।
क्या फिर झूठ बोल रहे शहबाज शरीफ?
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने ब्लूमबर्ग को एक ईमेल के जवाब में कहा, कि पाकिस्तान सरकार ने 4 अरब डॉलर के वित्तपोषण की व्यवस्था कर रखी है और इस शुक्रवार को बजट पेश करने से पहले वाशिंगटन स्थित ऋणदाता के साथ उसे सौदा फाइनल होने की उम्मीद है।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान ने साल 2019 में आईएमएफ के साथ 6.7 अरब डॉलर के बेलऑउट पैकेज प्रोग्राम को लेकर समझौता किया था, लेकिन उसे बार बार आईएमएफ की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान को वित्तीय मदद देने पर रोक लगा दी।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आईएमएफ की चेतावनी के बाद भी बिजली बिल में भारी सब्सिडी दे दी थी, जिसके बाद आईएमएफ ने अपने प्रोग्राम को रोक दिया और अब आईएमएफ पाकिस्तान से लोन लेने से पहले सारे शर्तों को पूरा करने के लिए कह रहा है।
आईएमएफ की शर्तों में एक शर्त राजनीतिक स्थिरता भी है, लेकिन पिछले महीने 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देश में जो अराजकता फैली, उसके बाद पाकिस्तान को आईएमएफ से लोन मिलने की संभावना नगन्य है, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ देश की जनता को जल्द खुशखबरी देने की बात कह रहे हैं।
पाकिस्तानी वित्तमंत्रालय का दावा क्या है?
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने कहा है, कि "पाकिस्तान आईएमएफ कार्यक्रम को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और पहले ही अपनी गंभीरता का प्रदर्शन कर चुका है।"
पाकिस्तान ने कहा है, कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का नया वित्त पोषण प्रदान करने का वादा किया हुआ है। वहीं, चीन और उसके स्वामित्व वाले बैंकों ने 4 अरब डॉलर के ऋण को रीस्ट्रक्चर करने का वादा किया हुआ है।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि आईएमएफ से लोन लेने के बाद भी पाकिस्तान का डिफॉल्ट होने से बचना मुश्किल है।
कोलंबिया थ्रेडनीडल इन्वेस्टमेंट्स के मुताबिक, अगर पाकिस्तान को जून में आईएमएफ से लोन मिल जाता है, तो जुलाई में पाकिस्तान आईएमएफ के अगले बेलऑफट पैकेज प्रोग्राम में जाएगा। लेकिन, पाकिस्तान को अगले वित्तवर्ष में 22 अरब डॉलर का नया बाहरी ऋण चुकाना है, जो उसके विदेशी मुद्रा भंडार का पांच गुना ज्यादा है।
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वहीं, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और चीन से पैसा उसे अभी मिल रहा है, उसे भी पाकिस्तान को चुकाना होगा, तो फिर पाकिस्तान 22 अरब डॉलर कहां से लाएगा?












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