आर्मी चीफ ने संभाली पाकिस्तान की कमान? भारत और अमेरिका को लेकर जनरल बाजवा के बड़े बयान
अमेरिका ने इमरान खान द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इमरान खान के दावे में कोई सच्चाई नहीं है।
इस्लामाबाद, अप्रैल 02: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान खेमे की राजनीति में विश्वास नहीं करता है और चीन के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ घनिष्ठ रणनीतिक संबंध रखता है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद सुरक्षा वार्ता में बाजवा ने कहा कि, पाकिस्तान चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका...दोनों के साथ संबंधों को व्यापक और विस्तारित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि, 'हम किसी कैंप में गये बगैर दोनों देशों के साथ संबंध रखना चाहते हैं'। वहीं, पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने भारत को लेकर कहा कि, अगर भारत बातचीत के लिए तैयार होता है, तो हम कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार हैं।

डैमेज कंट्रोल में जुटे बाजवा
पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने अमेरिका के साथ संबधों को लेकर उस वक्त बयान दिया है, जब प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका पर पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति में दखल देने और अपनी सरकार के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाए हैं। इमरान खान ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका पर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश करने के आरोप लगाए हैं और इमरान खान ने कहा है कि, रूस का दौरा करने के लिए भारत का दोस्त पाकिस्तान से नाराज हो गया है। पिछले एक महीने से पाकिस्ता की राजनीति में उथल-पुथल मचा हुआ है और इमरान खान के खिलाफ कल सुबह साढ़े 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है। पूरी संभावना है कि, इमरान खान को कल प्रधानमंत्री पद से हटा दिया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा स्वीकृत एक विशेष सैन्य अभियान में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद अमेरिका उनकी मास्को यात्रा से नाखुश था।
बाजवा ने की रूस की आलोचना
अमेरिका ने इमरान खान द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इमरान खान के दावे में कोई सच्चाई नहीं है। वहीं, रूस-यूक्रेन की स्थिति के बारे में बात करते हुए जनरल बाजवा ने कहा कि, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को तुरंत रोका जाना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा, "रूस की वैध सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, एक छोटे देश के खिलाफ उसकी आक्रामकता को माफ नहीं किया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि, "पाकिस्तान ने लगातार युद्धविराम और शत्रुता को समाप्त करने का आह्वान किया है। हम संघर्ष का स्थायी समाधान खोजने के लिए सभी पक्षों के बीच तत्काल बातचीत का समर्थन करते हैं।"

इमरान खान बनाम बाजवा
गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के बाद, जिसमें इमरान खान ने कहा था कि, वह इस्तीफा नहीं देंगे, प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक समाचार चैनल से कहा कि, 'प्रतिष्ठान' (सेना ने) ने उन्हें तीन विकल्प दिए है। पहला विकल्प इस्तीफा देना, दूसरा विकल्प अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग और तीसरा विकल्प जल्दी चुनाव कराना है। जिसमें इमरान खान ने जल्द चुनाव कराने का विकल्प चुना है। क्योंकि, अब जबकि उनके कई सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, तो फिर सरकार नहीं चलाई जा सकत है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर इमरान खान के दावे का खंडन किया है और कहा है कि, सेना ने कभी भी इमरान खान के सामने कोई विकल्प नहीं रखा है और सेना तटस्थ है। पाकिस्तानी आर्मी ने कहा कि, पाकिस्तान की सेना सिर्फ सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत कराने को लेकर इच्छुक थी।
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आर्मी चीफ के बयान के मायने
पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने अमेरिका को पाकिस्तान का घनिष्ठ मित्र बताकर संबंधों को सामान्य करने की कोशिश की है। इमरान खान ने पिछले कई दिनों से अमेरिका के खिलाफ काफी आलोचनात्मक बयान देकर संबंधों को काफी खराब कर लिए हैं, जबकि पाकिस्तान की सेना कभी भी अमेरिका से संबंध खराब नहीं चाहती है, क्योंकि, पाकिस्तान के तमाम जनरलों की प्रॉपर्टी अमेरिका और पश्चिमी देशों में है। लिहाजा, सेना लगातार इमरान खान से नाराज चल रही है। वहीं, सेना कतई नहीं चाहती है कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंध खराब हों, लिहाजा कमर जावेद बाजवा ने अमेरिका की तारीफ कर इमरान खान को साफ संदेश दे दिए हैं।

भारत पर बोले जनरल बाजवा
वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल जावेद बाजवा ने शनिवार को कहा कि भारत के साथ विवादों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। बाजवा ने कहा, "खाड़ी क्षेत्र में और या अलग अलग हिस्सों में..दुनिया का एक तिहाई हिस्सा और किसी ना किसी तरह के संघर्ष और युद्ध में शामिल है, इसीलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने क्षेत्र से आग की लपटों को दूर रखें।" उन्होंने कहा, "पाकिस्तान कश्मीर विवाद सहित सभी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का उपयोग करने में विश्वास रखता है और अगर भारत ऐसा करने के लिए सहमत होता है तो वह इस मोर्चे पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।" बाजवा की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के ठीक उलट है, जिसमें उन्होंने भारत के साथ साथ अमेरिका की जमकर आलोचना की थी।












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