पाकिस्तान की बत्ती गुल, अब टेलिकॉम कंपनियों ने दी इंटरनेट बंद करने की धमकी
पाकिस्तान में बिजली संकट बढ़ने के कारण सरकार ने देश भर में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को बंद करने की चेतावनी दी है।
इस्लामाबाद, 1 जुलाई : पाकिस्तान (pakistan) अब तक आर्थिक संकटों से जूझ रहा था, अब मुल्क बिजली संकट का सामना कर रहा है जिसके कारण देश में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद होने की नौबत आ गई है। शहबाज शरीफ की सरकार में वहां की जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही है और अब बिजली गुल होने और इंटरनेट सेवाएं बंद होने की चेतावनी मिलने से काफी परेशान हैं।


पाकिस्तान में बत्ती गुल, इंटरनेट पर संकट
खबर है कि, भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इन दिनों बिजली संकट का सामना कर रही है, जिसके कारण दूरसंचार ऑपरेटरों ने मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे दी है। राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड (एनआईबीटी) ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तान में दूरसंचार ऑपरेटरों ने देश भर में लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने की चेतावनी दी है, क्योंकि बिजली मे भारी कमी उनके संचालन में समस्या और बाधा पैदा कर रही है।

शहबाज की सरकार में पाकिस्तान का हाल
इससे पहले, पाकिस्तानी प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने देश को चेतावनी दी थी कि जुलाई में देश को लोड शेडिंग का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आवश्यक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति नहीं मिल सकी, हालांकि गठबंधन सरकार सौदे को संभव बनाने की कोशिश कर रही थी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जून में पाकिस्तान का मासिक ईंधन तेल आयात चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जैसा कि रिफाइनिटिव डेटा दिखाता है, क्योंकि देश बिजली उत्पादन के लिए एलएनजी खरीदने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो मांग को बढ़ा रहा है।

क्या, क्या कटौती करेगा पाकिस्तान
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए, शहबाज शरीफ सरकार ने लोक सेवकों के लिए काम के घंटों में कटौती की है और कराची सहित विभिन्न शहरों में कारखानों के शॉपिंग मॉल को रोज जल्दी बंद करने का आदेश दिया है।

ऐसा क्यों हो रहा है पाकिस्तान में, जानें
अगले महीने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर सहमत होने में विफल रहने के बाद पाकिस्तान को अपने बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उच्च कीमत और कम भागीदारी के कारण जुलाई के लिए निविदाएं रद्द कर दी गईं क्योंकि राष्ट्र पहले से ही व्यापक ब्लैकआउट से निपटने के लिए कार्रवाई कर रहा है। पाकिस्तान की सरकार ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, सरकारी कर्मचारियों के काम के घंटों में कटौती की है और कराची सहित विभिन्न शहरों में कारखानों को शॉपिंग मॉल को जल्दी बंद करने का आदेश दिया है।

आर्थिक संकट ने पाकिस्तान की जनता को किया परेशान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के पास पहले से ही कतर के साथ दो दीर्घकालिक आपूर्ति सौदे हैं - पहला 2016 में एक महीने में पांच कार्गो के लिए हस्ताक्षरित, और दूसरा 2021 में, जिसके तहत पाकिस्तान को वर्तमान में तीन मासिक शिपमेंट मिलने हैं, लेकिन इसके बावजूद भी देश के भीतर वर्तमान में घोर बिजली संकट है। बिजली उत्पादन के लिए एलएनजी पर बढ़ती निर्भरता के कारण ईंधन की खरीद महंगी हुई है।

श्रीलंका जैसी पाकिस्तान की स्थिति !
पाकिस्तान में वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है यह सरकार की लचर अर्थव्यवस्था नीतियों को दर्शाता है। दुनिया जानती है कि, पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहां, लोगों पर महंगाई की मार पड़ती रहती है और सरकार मात्र अपनी सैन्य क्षमताओं को दुरुस्त करने में लगी रहती है।












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