Pakistan Flood: बाढ़ से मर गए 657 लोग, लेकिन शरीफ चीनी विदेश मंत्री के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त
Pakistan Flood: पाकिस्तान इस समय मॉनसून की भयंकर तबाही झेल रहा है, जहां 26 जून से अब तक बारिश संबंधी घटनाओं में 650 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, यह हाल के वर्षों के सबसे घातक मॉनसून में से एक है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान में हाल ही में आई बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
UN हुआ एक्टिव लेकिन पाक सरकार सुस्त
गुटेरेस ने रविवार को अपने प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक द्वारा जारी एक बयान में पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सभी प्रभावितों के साथ एकजुटता का इज़हार किया। पीटीआई के अनुसार, बयान में कहा गया है, "संयुक्त राष्ट्र की टीमें आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सरकारों के संपर्क में हैं।"

चीनी विदेश मंत्री स्वागत में व्यस्त शरीफ मियां
वहीं प्रधानमंत्री इस त्रासदी का दौरा करने के बजाय 20 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के होने वाले दौरे में व्यस्त हैं। उन्होंने अभी तक किसी भी तरह मुआवजे का ऐलान न तो मृतकों के परिजनों के लिए किया, न घायलों के लिए और न ही जिन्हें इस बाढ़ में भयंकर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
देशभर में 650 से ज़्यादा मौतें
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के आंकड़ों के मुताबिक, जून के अंत से लेकर अब तक पाकिस्तान में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 657 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 171 बच्चे और 94 महिलाएँ शामिल हैं।
खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज़्यादा प्रभावित
खैबर पख्तूनख्वा में 323 लोगों की मौत और 150 के लापता होने की खबर है, जिससे यह प्रांत आपदा का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री के आदेश पर संघीय मंत्री यहाँ राहत कार्यों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
गिलगित-बाल्टिस्तान में खाने की किल्लत
गिलगित-बाल्टिस्तान में अचानक आई बाढ़ ने कई गाँवों को अलग-थलग कर दिया है, कृषि भूमि को नुकसान पहुँचाया है और मुख्य राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे समुदायों को बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा है। लंबी अवधि की कमी को लेकर गिलगित शहर में निवासियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
एनडीएमए की सितंबर में और बारिश की चेतावनी
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले महीने दो से तीन और भारी बारिश के दौर आने की आशंका है, जिससे आगे और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
संयुक्त राष्ट्र सहायता के लिए तैयार
महासचिव गुटेरेस ने दोहराया कि भारत और पाकिस्तान दोनों में संयुक्त राष्ट्र की देश टीमें सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं और वे आपदा पीड़ितों के साथ एकजुटता से खड़ी हैं।
प्रधानमंत्री का राहत निर्देश
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कैबिनेट सदस्यों को केपी जिलों में सीधे सहायता वितरण की निगरानी करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत संघीय मंत्रियों को शांगला, बुनेर, मनसेहरा और बाजौर में तैनात किया गया है।
बचाव प्रयासों में सैन्य सहायता
केपी के पीडीएमए प्रमुख के अनुसार, जारी बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए सेना के पाँच हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
राहत के लिए धन आवंटन
केपी सरकार ने आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए ₹1.5 बिलियन जारी किए हैं, जिसमें बुनेर, मनसेहरा, स्वात और शांगला जैसे सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में आवंटन वितरित किया गया है।
प्रांतवार मौत का आंकड़ा
जून से अब तक हुई मौतों में पंजाब में 164, सिंध में 28, बलूचिस्तान में 20, गिलगित-बाल्टिस्तान में 32, एजेके में 15 और इस्लामाबाद में 8 मौतें शामिल हैं। केपी में 390 मौतें हुई हैं।
पंजाब की नदियों में कम बाढ़
सतलुज नदी में इस समय गंदा सिंहवाला और सुलेमानकी के पास बाढ़ का स्तर कम है, जहां बहाव लगभग 70,000-74,000 क्यूसेक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 120,000 क्यूसेक से ज़्यादा का स्तर मध्यम बाढ़ ला सकता है।
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