JF-17: पाकिस्तान ने चीनी फाइटर जेट को बनाया विनाशक, फिट किए परमाणु बम, US रिपोर्ट से भारत में मचेगी खलबली?
JF-17 News: पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर जिस JF-17 फाइटर जेट का निर्माण किया था, और जिसकी क्षमता को पर पाकिस्तानी एयरफोर्स ने भी सवाल उठाए थे, उसको लेकर अब रिपोर्ट है, कि पाकिस्तान ने उसमें परमाणु हथियार फिट कर लिए हैं, जिसके बाद ये फाइटर जेट विनाशक क्षमता से लैस हो गया है।
दरअसल, भारत ने जबसे फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट खरीदा है, उसके बाद से ही पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने फाइटर जेट्स को अपग्रेड करना शुरू कर दिया था और JF-17 फाइटर जेट 'थंडर' को परमाणु मिशनों को अंजाम देने के लिए अपग्रेड किया जाने लगा था।

चूंकी पाकिस्तान ने हमेशा से अपने परमाणु हथियारों को लेकर अस्पष्टता बनाए रखी है, इसलिए JF-17 में परमाणु हथियार फिट करना भारत के लिए चिंताजनक हो सकता है।
चीन की मदद से बना है JF-17 विमान
चीन और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से JF-17 लड़ाकू विमान का निर्माण किया है, जिसके बारे में लंबे समय से यह अफवाह है, कि इस फाइटर जेट को परमाणु मिशन को अंजाम देने के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। हाल ही में जारी की गई एक तस्वीर से पुष्टि होती है, कि पाकिस्तान में बने इन लड़ाकू विमानों को वास्तव में सामरिक परमाणु मिसाइलों से लैस किया गया है।
यह खबर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) 2024 ईयरबुक के बैकग्राउंड में आई है, जिसमें पुष्टि की गई है, कि पहली बार भारत ने परमाणु हथियारों के मामले में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है।
SIPRI की रिपोर्ट में कहा गया है, कि जनवरी 2024 तक भारत के पास कुल 172 परमाणु हथियार हैं, जबकि 2023 में भारत के पास 164 परमाणु हथियार थे। माना जाता है कि भारत के परमाणु हथियार, प्लूटोनियम आधारित हैं, जिनका उत्पादन भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में किया जाता है। पाकिस्तान के पास 2024 तक 170 परमाणु हथियार हैं, जो अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम (HEU) डिजाइन का उपयोग करता है।
अमेरिकी थिंक टैंक, फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) ने 2023 में कैप्चर की गई तस्वीरों का विश्लेषण करके पाया है, कि पाकिस्तान की एकमात्र परमाणु-सक्षम एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल (ALCM) RAAD I को JF-17 फाइटर जेट में फिट किया गया है। RAAD ALCM का पहली बार 2007 में टेस्ट किया गया था और इसे "पारंपरिक या परमाणु" दोनों भूमिकाओं के लिए तैनात किया जा सकता है।
इसके अलावा, पाकिस्तान अपने पुराने हो चुके मिराज III और V विमानों को रिटायर करने की योजना बना रहा है, और अब JF-17 उसकी हवाई-परमाणु निवारक भूमिका को संभालेगा। परमाणु हथियार का समर्थन करने वाले JF-17 की पहली तस्वीर 2023 पाकिस्तान दिवस परेड रिहर्सल में सामने आई थी। FAS ने यह पता लगाने के लिए मूल तस्वीर खरीदी, कि क्या JF-17 तस्वीर पर तैनात RAAD वास्तव में परमाणु-सक्षम है?

अमेरिकी थिंक टैंक के विश्लेषण में क्या पता चला?
ALCM तस्वीर की तुलना पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शित RAAD I और II की दूसरी तस्वीरों से की गई। विश्लेषण से पता चला, कि JF-17 पर तैनात RAAD और ALCM के दो वेरिएंट के बीच डिजाइन में अंतर है।
FAS के विश्लेषण में कहा गया है, "ऐसी संभावना है कि पाकिस्तान ने अपने JF-17 को पुराने हो चुके मिराज III/V की परमाणु हमले की भूमिका से बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।"
विश्लेषण में कहा गया है, कि "यह स्पष्ट है, कि पाकिस्तान ने RAAD-II ALCM को फिर से डिजाइन किया है, लेकिन, इस नए डिजाइन से जुड़े मकसद या क्षमताओं के बारे में बहुत कम जानकारी की पुष्टि की गई है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है, कि राड सिस्टम को वाकई इस फाइटर जेट में फिट कर उसकी तैनाकी की गई है या नहीं, लेकिन अब ये सिर्फ आज ये कल की बात है, जब इसकी तैनाती होगी।"
JF-17 'Thunder' फाइटर जेट कितना खतरनाक?
JF-17 फाइटर जेट को पाकिस्तान की वायुसेना का आधार माना जाता है और पाकिस्तान अपने इस फाइटर जेट को बेचता भी है। JF-17 थंडर लड़ाकू विमान को पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री कॉर्प ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।
इस फाइटर जेट ने पहली बार 2003 में उड़ान भरी थी और शुरूआत में इसका उत्पादन सिर्फ चीन में किया गया था, लेकिन अब इस फाइटर जेट का करीब 58 फिसदी हिस्सा पाकिस्तान में बनता है, जबकि 42 प्रतिशत हिस्सा चीन में बनता है।
जेएफ-17 थंडर एक सिंगल इंजन वाला, हल्का, मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसमें चीनी एयरफ्रेम और रूसी इंजन से संचालित पश्चिमी एवियोनिक्स है। पीएसी कामरा ने 2009 से लेकर अब तक पाकिस्तान को करीब 120 जेएफ-17 ब्लॉक I और II लड़ाकू जेट बनाकर दिए हैं।

क्या पाकिस्तान की नई क्षमता भारत के लिए सिरदर्द है?
लड़ाकू बमवर्षक विमान 2003 तक भारत की पहली और एकमात्र परमाणु हमलावर ताकत थे, लेकिन भारत ने अपनी पहली परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल तैनात कर अपने दोनों दुश्मनों के खेमे में हड़कंप मचा दी। भूमि और समुद्र-आधारित परमाणु डेटरेंस विकसित करने के बावजूद, फाइटर जेट से परमाणु बम गिराने की क्षमता होना काफी ज्यादा जरूरी माना जाता है।
लिहाजा, इस मामले में भारत की क्षमता की बात करें, तो यह अनुमान लगाया जाता है, कि मिराज 2000H और जगुआर IS/IB विमानों के तीन या चार स्क्वाड्रन को पाकिस्तान और चीन के खिलाफ परमाणु हमला मिशन सौंपा गया है।
मिराज 2000H लड़ाकू बमवर्षक विमान मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तैनात हैं। मिराज-2000 फ्रांस में बना लड़ाकू विमान है। फ्रांस ने 2018 में इसे अपने बेड़े से रिटायर्ड कर दिया, लेकिन उससे पहले तक तीन दशकों तक उसने अपने मिराज का इस्तेमाल परमाणु हमले की भूमिका में किया। भारतीय मिराज 2000H को अपग्रेड करके इसके लाइफलाइन को बढ़ा दिया गया है।
इसके अलावा, भारतीय वायुसेना जगुआर (जिसे शमशेर या स्वॉर्ड ऑफ जस्टिस नाम दिया गया है) उसके पांच स्क्वाड्रन भी संचालित करती है। फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से इसका डिजाइन किया है और इन दोनों देशों ने जगुआर को ही परमाणु क्षमता से लैस किया हुआ है। इसे 2016 में डारिन III प्रिसिज़न-अटैक और एवियोनिक्स के साथ अपग्रेड कर दिया गया।
भारतीय परमाणु बलों के ऑब्जर्वर्स ने अनुमान लगाया है, कि पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के मिशन वाले विमान नल (बीकानेर) वायु सेना स्टेशन और अंबाला और गोरखपुर वायु सेना के ठिकानों से संचालन करते हैं।
हालांकि, ये दोनों फाइटर जेट्स पुराने हो रहे हैं। लेकिन परमाणु हथियारों के लिए भारत के पास अब फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट है। राफेल का उपयोग फ्रांसीसी वायु सेना में परमाणु मिशन भूमिकाओं में भी किया जाता है, और ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं, कि विमान को भारत में भी परमाणु भूमिका में बदला जा सकता है।












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