Imran Khan: चुनाव से पहले इमरान खान का खेल खत्म? पाकिस्तान के कानून मंत्री ने कहा, 14 सालों की हो सकती है जेल
Imran Khan News: पाकिस्तान धीरे धीरे आम चुनाव की तरफ बढ़ने लगा है और पाकिस्तान के इलेक्शन कमीशन ने संभावना जताई है, कि अगर शहबाज शरीफ की सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर लेती है, तो फिर पाकिस्तान में 11 अक्टूबर को चुनाव करवाए जा सकते हैं।
शहबाज शरीफ का कार्यकाल 11 अगस्त को पूरा हो रहा है, लेकिन वो 14 अगस्त को पाकिस्तान की स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराकर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, जिसके बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री देश का कार्यभार संभालेगा। लेकिन, उससे पहले शहबाज शरीफ ने अपने राजनीतिक दुश्मन इमरान खान का खेल, हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया है।

कानून मंत्री का बड़ा ऐलान
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा है, कि इमरान खान को 'साइफर' मामले में 14 सालों की जेल की सजा हो सकती है।
दरअसल, इमरान खान जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, उस वक्त उनके प्रधान सचिव थे आजम खान। आजम खान ने इसी हफ्ते एक बयान में कहा है, कि इमरान खान ने अपनी सरकार गिराने के पीछे जिन अमेरिकन साजिश का हवाला दिया था, और उसे साबित करने के लिए जिन वर्गीकृत दस्तावेजों का हवाला देने की बात कही थी, असल में उसकी जानकारियां अलग थीं।
पाकिस्तान में इस मामले को 'साइफर' केस कहा जाता है, क्योंकि प्रधानमंत्री रहने के दौरान इमरान खान ने एक रैली में एक दस्तावेज को जनता के सामने फाड़ा था और आरोप लगाया था, कि ये कागज वो दस्तावेज था, जिसमें अमेरिकी साजिश की बात की गई है।
अब आजम खान के बयान के बाद पाकिस्तान में इस मामले ने तूल पकड़ ली है और शहबाज शरीफ के पास इमरान खान के खिलाफ एक और हथियार हाथ में आ गया है।
'लापता' आजम खान अचानक आए सामने
इमरान खान के करीबी माने जाने वाले आजम खान, जो पिछले कई महीनों से 'लापता' थे, उन्होंने अचानक एक मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करवाया है, जिसमें दावा किया गया है, कि पूर्व प्रधान मंत्री ने सत्ता प्रतिष्ठान और विपक्ष के खिलाफ झूठी कहानी गढ़ने के लिए, एक राजनयिक साइफर का इस्तेमाल किया था।
अपने इकबालिया बयान में, आजम खान ने दावा किया, कि जब उन्होंने इमरान के साथ साइफर साझा किया था, तो पूर्व प्रधान मंत्री "उत्साही" थे और उन्होंने इस भाषा को "अमेरिका का ब्लंडर" करार दिया।
वहीं, इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कानून मंत्री ने कहा, कि गोपनीय दस्तावेजों को संभालने में "आपराधिक लापरवाही" दिखाने पर एक अधिकारी को दो साल तक की जेल हो सकती है।
लेकिन अगर साइफर को सार्वजनिक किया गया और इसकी सामग्री निजी स्वार्थ के लिए लीक की गई, तो आरोपी को 14 साल तक की सजा हो सकती है।
उन्होंने कहा, कि "निहित स्वार्थ के लिए गोपनीय दस्तावेज़ को साझा करना या सार्वजनिक करना या यदि यह राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक है तो इसके लिए एक श्रेणी (सजा) 14 वर्ष है।"
पिछले साल अप्रैल में संसदीय वोट के जरिए अपदस्थ किए गए इमरान ने सत्ता से हटने से पहले 27 मार्च 2022 को आरोप लगाया था, कि वाशिंगटन ने उन्हें पद से हटाने की योजना बनाई थी - और अपने दावों का समर्थन करने के लिए एक सार्वजनिक रैली में वाशिंगटन में पाकिस्तान के दूत द्वारा भेजे गए साइफर को दिखाया था।
अमेरिका ने बार-बार ऐसे आरोपों का खंडन किया है और उन्हें "स्पष्ट रूप से झूठा" बताया है।
पाकिस्तान के कानून मंत्री ने दावा किया, कि इमरान खान अपने साथ वो 'साइफर' लेकर चले गए थे और फिर कभी नहीं लौटे।
आपको बता दें, कि इमरान खान के खिलाफ 150 से ज्यादा आपराधिक मामले चल रहे हैं और अब उन्हें हर दूसरे दिन, किसी ना किसी केस में पेशी के लिए कोर्ट जाना पड़ता है और अब उन्हें साइफर केस उनके लिए जेल जाने का रास्ता बन सकता है।












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