Pakistan: बदला लेने के चक्कर में पाकिस्तान में गृहयुद्ध, पाकिस्तानी सेना की 2 बड़ी गलतियां और हीरो बने इमरान

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने दावा किया है, कि पाकिस्तान में चल रहे प्रदर्शन में अभी तक उसके 47 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जबकि एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

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Imran Khan: नहीं, मंगलवार को इमरान खान की गिरफ़्तारी न तो उन्हें दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में वापस लाने के मकसद से उन्हें कोई साजिश थी, और न विद्रोह भड़काकर पाकिस्तान में मार्शल लॉ लगाने के लिए इमरान खान को गिरफ्तार किया गया, बल्कि ये पाकिस्तानी सेना के वो ब्लंडर्स हैं, जिसने इमरान खान को देश का हीरो बना दिया है।

पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान को बदले की राजनीति और उन्हें खत्म करने की नीयत ने हीरो बना दिया है।

इमरान खान आज की तारीख में पाकिस्तान के सबसे बड़े नेता बन गये हैं, जिसने पाकिस्तानी समाज को बांट दिया, बांट क्या दिया, पाकिस्तानी समाज को अपनी ही सेना के खिलाफ खड़ा कर दिया। लिहाजा, जानना जरूरी है, कि आखिर पाकिस्तानी सेना से इस बार क्या गलती हो गई, कि वो इमरान खान को काबू में करने में नाकाम हो गई है?

आईये उन दो बड़ी गलतियों पर नजर डालते हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान की फौज ने इमरान खान के सामने थाली में सत्ता सजाकर दे दिया है।

पाकिस्तानी फौज की पहली गलती

पिछले साल अप्रैल में इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाया गया था, लेकिन उससे पहले का वक्त याद करिए। पिछले साल अप्रैल से पहले करीब 4 साल तक देश की सत्ता संभाल चुके इमरान खान, अपने देश में काफी नापसंद किए जाने लगे थे।

उनका सपोर्ट बेस तो था, लेकिन देश की एक बड़ी आबादी को अहसास हो गया था, कि इमरान खान के पास देश की सरकार चलाने की क्षमता नहीं है। इमरान खान के शासन के दौरान से ही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ने गोता लगाना शुरू किया था और महंगाई सातवें आसमान तक पहुंच गई थी।

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इमरान खान के शासनकाल में ही पाकिस्तान के सऊदी अरब और अमेरिका से संबंध खराब हुए। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने इमरान खान को फ्लाइट से लिफ्ट दी थी, लेकिन बाद में उन्हें एयरपोर्ट पर फ्लाइट से नीचे तक उतार दिया गया, हालांकि बाद में इमरान खान माफी मांग ली थी। वहीं, इमरान खान के शासनकाल में ही पाकिस्तान, अमेरिका के खेमे से निकलकर चीन के खेमे में चला गया। इमरान खान ने अमेरिका पर अपनी सरकार को गिराने का बार बार आरोप लगाया।

अप्रैल 2022 से पहले हालात ये हो गये थे, कि पाकिस्तान में इमरान खान के नाम पर मीम्स और जोक बनने लगे थे। टीवी चैनलों पर लाइव कार्यक्रम के दौरान लोग उनकी बेइज्जती कर रहे थे, लेकिन फिर अप्रैल 2022 में उन्हें सत्ता से हटा दिया गया। ये बहुत बड़ी गलती थी।

पहली गलती का असर

पाकिस्तान में इस साल चुनाव होने वाले हैं और इमरान खान करीब 4 साल तक सत्ता में रह चुके थे और उनके खिलाफ देश में ऐसा माहौल बन चुका था, कि चुनाव में वो बुरी तरह से हार जाते, लेकिन पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों से सत्ता से ज्यादा दूर रहना बर्दाश्त नहीं हो पाया और सेना ने इमरान खान को सत्ता से बाहर कर दिया।

अंजाम ये हुआ, कि शहबाज शरीफ की सरकार पाकिस्तान की बिगड़ती स्थिति संभालने में नाकाम हो गई और जो जनता इमरान खान से गुस्से में थी, उसका सारा गुस्सा अब शहबाज शरीफ की सरकार पर आ गया है।

दूसरी तरफ इमरान खान ने अमेरिका, फौज, विदेश नीति, आर्थिक संकट जैसे मुद्दों के लिए शहबाज सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया, जिसका नतीजा आज उनकी गिरफ्तारी के बाद देखने को मिल रहा है।

विपक्षी पार्टियों की सरकार में आने की जल्दबाजी ने इमरान खान के पक्ष में पाकिस्तान में जबरदस्त माहौल तैयार कर दिया है और हर किसी का मानना है, कि अगर आज चुनाव होते हैं, तो इमरान खान एकतरफा जीत हासिल करेंगे। और इसी डर से शहबाज सरकार की पाकिस्तान के दो प्रांतों, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराने की हिम्मत नहीं हो रही है।

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पाकिस्तानी फौज की दूसरी गलती

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    पाकिस्तान की सेना बार बार कहती आई है, कि वो राजनीति से न्यूट्रल है। लेकिन, पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता है, कि सेना न्यूट्रल हो जाए। पिछले एक साल में इमरान खान के ऊपर 100 से ज्यादा मुकदमे किए गये हैं, जिसको इमरान खान ने अच्छे से भुनाया है और खुद को जनता के सामने पीड़ित की तरह पेश किया है।

    और इमरान खान को इस तरह से गिरफ्तार करना, पाकिस्तान की सेना की सबसे बड़ी गलती है। अब इमरान खान के साथ आर-पार की जंग शुरू हो चुकी है और पहली बार सेना ने देश की जनता को ही अपने खिलाफ कर लिया है। पाकिस्तान में सेना के खिलाफ विद्रोह फूट पड़ा है, जिसे संभालने में पाकिस्तान की फौज बुरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।

    हकीकत ये है, कि पाकिस्तान की सेना समझ ही नहीं पा रही है, कि वो स्थिति को कंट्रोल कैसे करे।

    इमरान खान को अगले 14 दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है और इस दौरान देश में प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिससे इमरान खान और ताकतवर हो रहे हैं। इमरान खान जितने दिनों तक जेल में रहेंगे, उनकी ताकत उतनी गुना बढ़ती जाएगी।

    हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान की फौज का प्लान ये है, कि इमरान खान और उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और अगर ऐसा किया जाता है, तो फिर इमरान खान को भले ही रोक लिया जाएगा, लेकिन ऐसा करने में देश में भीषण गृहयुद्ध छिड़ने का खतरा होगा।

    दूसरी तरह देश की आर्थिक स्थिति, जो पहले से ही बर्बादी के कगार पर है, वो गर्त में मिल जाएगी और देश की किसी भी सरकार के लिए देश को संभालना नामुमकिन की तरह हो जाएगा। आईएमएफ और पाकिस्तान सरकार के बीच की बातचीत फेल हो चुकी है और आईएमएफ से लोन नहीं मिलने का मतलब ये है, कि अगले महीने पाकिस्तान डिफॉल्ट हो जाएगा।

    यानि, अगर इमरान खान जेल से बाहर आते हैं, तो फिर उन्हें सत्ता में आने से रोकना फौज के लिए नामुमकिन की तरह होगा और अगर उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो देश में सेना अपना इकबाल पूरी तरह से खो बैठेगी।

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