क्या Asim Munir को चाय में गिरी मक्खी की तरह निकाल फेंकना चाहता है PAK? हश्र याह्या खान और मुशर्रफ जैसा?
Pakistan Army Asim Munir: 'शहबाज चुप हैं, असीम गुम हैं और इमरान हर जगह गूंज रहे हैं - पाकिस्तान में सत्ता का ट्रैकिंग सिस्टम फेल लग रहा है।' पाकिस्तान इन दिनों ऐसे ही हालात से गुजर रहा है। जहां दुश्मन कोई बाहर का नहीं, बल्कि खुद अपने ही देश की फौज का मुखिया बन गया हो! जिस जनरल को कभी 'रक्षक' कहा गया, आज वही 'डर' बन गया है। सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक सिर्फ एक ही नाम - मुनीर हटाओ, मुल्क बचाओ!
जनरल असीम मुनीर (Asim Munir) कभी ताकतवर थे, पर अब उन पर शक किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वो हमलों की साजिश करवा रहे हैं, फौज को राजनीति में घसीट रहे हैं और खुद बंकर में छुपे बैठे हैं। सवाल ये है - क्या उनका हाल भी याह्या खान और मुशर्रफ जैसा होगा?

सीन 1: 'बंकर में छिपा जनरल' - डर के साए में सेना का सबसे ताकतवर आदमी
कहा जा रहा है कि मुनीर रावलपिंडी के बंकर में छिपे बैठे हैं। उनके परिवार वाले पाकिस्तान छोड़ चुके हैं। एक फोटो जबरदस्ती जारी की गई जिसमें वो शहबाज शरीफ के साथ बैठे थे - लेकिन जनता ने सवाल दाग दिए: 'कहां हो मुनीर? डर क्यों रहे हो?' क्या ये उसी जनरल की कहानी है, जो कभी खुद को 'किंगमेकर' कहता था?
सीन 2: पहलगाम हमला - 'फाइलें बंद करवाने के लिए साजिश?'
एक रिटायर्ड जनरल आदिल राजा का सनसनीखेज दावा - पहलगाम (Pahalgam Attack) में जो आतंकी हमला हुआ, वो मुनीर की प्लानिंग थी! मकसद? अपने ही खिलाफ चल रही जांच बंद करवाना। मतलब, अगर ये सही है - तो जनरल अब देश का सबसे खतरनाक खिलाड़ी बन गया है। क्या कोई उसे रोक पाएगा?
सीन 3: सेना में बगावत की आहट!
लेफ्टिनेंट जनरल उमर बुखारी की एक चिट्ठी ने हलचल मचा दी। उन्होंने साफ लिखा- 'आपने सेना को सियासत में घसीटा, इज्जत मिट्टी में मिला दी - अब खुद हटो, नहीं तो हटाए जाएंगे!' ये सिर्फ एक वॉर्निंग नहीं, बल्कि पाकिस्तान की फौज के भीतर गहराती दरार का सबूत है।
फ्लैशबैक-1 : जब जनरल बना विलेन - क्या याह्या की कहानी दोहराएंगे मुनीर?
याह्या खान (Yahya Khan) वो जनरल था, जिसने 1971 में पाकिस्तान को तोड़ दिया। भारत से जंग छेड़ी, हार गए, बांग्लादेश बना, और खुद घर में नजरबंद कर दिए गए। उसने चुनाव कराए, पर जब बंगाली जीत गए, तो सत्ता देने से इनकार कर दिया। फिर शुरू हुआ अत्याचार - बेकसूर लोगों का कत्ल, औरतों पर जुल्म और लाखों शरणार्थी भारत आ गए।
भारत-पाक जंग छिड़ी और सिर्फ 13 दिन में पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। 93,000 सैनिकों ने हथियार डाल दिए - ये अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर था। इसके बाद जनता ने याह्या को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
फ्लैशबैक-2 : मुशर्रफ - कारगिल का मास्टरमाइंड, जो अंत में खुद भाग गया
अब आते हैं परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) पर - एक और जनरल, जिसने फौज के बल पर सरकार गिराई और खुद राष्ट्रपति बन बैठा। 1999 में कारगिल में भारत से पंगा लिया, लेकिन उल्टा खुद ही फंस गए। भारत ने जबरदस्त जवाब दिया, पाकिस्तान की किरकिरी हुई।
मुशर्रफ ने फिर लोकतंत्र पर ताला लगा दिया, कोर्ट, मीडिया और संसद को कंट्रोल किया। एक वक्त ऐसा आया जब उन पर बेनज़ीर भुट्टो की हत्या, संविधान तोड़ने और देशद्रोह जैसे संगीन आरोप लगे। आखिर में उन्हें देश छोड़ना पड़ा, मौत की सज़ा सुनाई गई (जो बाद में रद्द हो गई), और वो दुबई में गुमनामी की ज़िंदगी जीते रहे।
अब सीन 4: क्या अब जनरल असीम मुनीर की बारी है?
अब यही डर मुनीर को लेकर पाकिस्तान में फैल गया है। जनता कह रही है - 'पहले याह्या, फिर मुशर्रफ... अब मुनीर की बारी है क्या?' उन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं - बलूचिस्तान और गिलगित में सेना के खिलाफ प्रदर्शन, खुद के खिलाफ फाइलें दबवाने के लिए आतंकी हमलों की साजिश, और खुद को तानाशाह बनाने की कोशिश। सेना के ही कई रिटायर्ड जनरल उनके खिलाफ बोलने लगे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल उमर बुखारी ने चिट्ठी लिख दी - 'अब बस करो, सेना को राजनीति में मत घसीटो!'
क्या जनरल मुनीर भी 'गुमनामी' की तरफ बढ़ रहे हैं?
इतिहास गवाह है, जब-जब पाकिस्तान का कोई जनरल सत्ता की हदें पार करता है, अंजाम बहुत बुरा होता है। याह्या और मुशर्रफ की कहानी सबके सामने है। अब जनता सवाल कर रही है - 'क्या मुनीर अगला नाम है इस लिस्ट में?'












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