OMG! यहां मर्द की मर्दानगी का टेस्ट करती हैं चींटियां
नयी दिल्ली। पुराने वक्त में युवकों के मर्द बनने के कई रिति रिवाज और प्रथाऎं प्रचलित है। किशोर युवकों को बढ़ती उम्र के हिसाब से ही मर्द मान लिया जाता है, तो कहीं उसे मर्द बनने के लिए कुछ रीति रिवाजों को पालन करना पड़ता है। लेकिन ब्राजील के बरसाती जंगलों में पाई जाने वाली सतरे मावे जनजाति में युवकों को अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए दर्दनाक पीड़ा से गुजरना पड़ता है।

मर्द को खुदी मर्दानगी साबित करने बेहद दर्दनाक रिवाज से गुजरना पड़ता है। यहां मर्दों को मर्दानगी उनकी उम्र से नहीं बल्कि चीटियों के डंक से तय किया जाता है। मर्द को अपनी मर्दानगी साबित करवाने के लिए बुलट आंट के डंक से गुजरना पड़ता है।
इस रिवाज के मुताबिक सतरे मावे जनजाति में मर्द बनने के परीक्षा देने के वाले युवक को एक विशेष प्रकार के दस्ताने पहनाया जाता है। इन दस्ताने में दुनिया की सबसे असहनीय दर्द देने वाली चींटियां भरी हुई होती है, जिन्हें दस्तानों में डालने के बाद एक विशेष प्रकार का नशा दिया जाता है, नशे का असर होते ही ये चींटियां काटना शुरु कर देती है। अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए युवक को इन दस्तानों में कम से कम 20 मिनट तक हाथ डाले रखना पड़ता है।
हाथों के दस्तानों में आते ही चिंटियां हाथों को काटना शुरू कर देती है। इस प्रक्रिया में युवक को असहनीय पीड़ा होती, और जो युवक इस पीड़ा को बिना एक आंसू बहाए सहन कर जाता है, उसे मर्द घोषित कर दिया जाता है। खास बात ये भी कि जब तक युवक इस परीक्षा में पास नहीं हो जाता उसे बार-बार इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना होता है। आपको बता दें बुलट आंट ब्राजील और उसके आस पास बरसाती वनों में पाई जाने वाली दुनिया की सबसे तेज दर्द देने वाली चींटी की प्रजाति है।












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