Gaza War: गाजा पट्टी के खान यूनिस में इजराइल के भीषण हमले, 65 से ज्यादा लोग हताहत, शरणार्थी कैंप पर गिरे बम
Gaza War: दक्षिणी गाजा में विस्थापित फिलिस्तीनियों के लिए बनाए गये एक टेंट कैंप पर इजरायली हवाई हमलों में 65 से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं। एन्क्लेव की नागरिक आपातकालीन सेवा ने बताया है, कि इजराइली हमले में भारी संख्या में लोग मारे गये हैं।
अल-मवासी क्षेत्र में खान यूनिस के पास स्थित इस कैंप पर कम से कम चार मिसाइलों से हमला किया गया। इस क्षेत्र को मानवीय क्षेत्र के रूप में नामित किया गया है और यह उन फिलिस्तीनियों से भरा हुआ है, जो क्षेत्र के अन्य हिस्सों से भागकर आए हैं।

स्थानीय निवासियों और चिकित्सकों ने बताया है, कि हमलों से काफी नुकसान हुआ है, कम से कम 20 टेंटों में आग लग गई और विस्फोटों के कारण नौ मीटर तक गहरे गड्ढे बन गए। नागरिक आपातकालीन सेवा ने पुष्टि की है, कि पीड़ितों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, लेकिन मरने वालों या घायलों की अलग अलग संख्या नहीं बताई।
हमास ने आरोपों से इनकार किया
इजराइली सेना ने कहा है, कि उसने खान यूनिस में मानवीय क्षेत्र में स्थित हमास कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने कहा है, कि "आतंकवादियों ने आगे बढ़कर आईडीएफ सैनिकों और इजराइल राज्य के खिलाफ आतंकवादी हमले किए।"
हालांकि, हमास ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "यह एक स्पष्ट झूठ है जिसका उद्देश्य इन घृणित अपराधों को उचित ठहराना है। हमास ने कई बार इस बात से इनकार किया है, कि उसके कोई भी सदस्य नागरिक सभाओं में मौजूद हैं या इन स्थानों का सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग कर रहे हैं।"
वहीं, हमले के बाद एंबुलेंस को टेंट कैंप और पास के अस्पताल के बीच दौड़ते हुए देखा गया, जबकि इजराइली जेट विमान ऊपर से उड़ान भरते रहे। गाजा के लगभग 23 लाख निवासियों में से 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को चल रहे संघर्षों के कारण विस्थापित होना पड़ा है।
पूरी तरह से तबाह हो चुका है गाजा
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी तक हताहतों की लेटेस्ट संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है। लेकिन, हमास-संबद्ध शेहाब समाचार एजेंसी की पिछली रिपोर्टों से संकेत मिलता है, कि हमलों में 40 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के एक नागरिक आपातकालीन अधिकारी ने घटनास्थल को अराजक बताते हुए कहा, "हमारी टीमें अभी भी क्षेत्र से शहीदों और घायलों को निकाल रही हैं। यह एक नया इजराइली नरसंहार लग रहा है।"
अधिकारी ने कहा कि बचाव दल उन पीड़ितों को खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं जो मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर को हुई जब हमास ने इजराइल पर हमला किया था, जिसके परिणामस्वरूप 1,200 लोग मारे गए थे और लगभग 250 बंधक बनाए गए थे। जिसके जवाब में, गाजा पर इजराइल के हमले में 40,900 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
चल रहे युद्ध ने कई गाजावासियों को बार-बार अपने घरों से भागने पर मजबूर किया है, कुछ को तो दस बार तक अपना घर बदलना पड़ा है। दोनों पक्ष युद्धविराम समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहे हैं और उन्होंने इसके लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया है। वहीं, हाल ही में हुए हवाई हमलों के बाद बचे मलबे के बीच जीवित बचे लोगों की तलाश जारी रहने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस पर कड़ी नज़र रख रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष शांति के रास्ते को अपनाए बिना अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं।












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