ऑपरेशन सिंधु: ईरान के बाद अब इज़रायल से भारतीयों की वतन वापसी शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया
Operation Sindhu Iran-Israel War: ईरान-इज़रायल युद्ध 2025 के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने इज़रायल में रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने का निर्णय लिया है। इस विशेष अभियान को 'ऑपरेशन सिंधु' नाम दिया गया है। इसी रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत ईरान से पहले ही 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। अब इज़रायल में फंसे भारतीयों की वापसी की तैयारी की जा रही है।
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, पहले इन नागरिकों को इज़रायल की ज़मीनी सीमा के जरिए सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा, और इसके बाद उन्हें हवाई मार्ग से भारत लाया जाएगा।

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भारतीय दूतावास, तेल अवीव ने इसके लिए विशेष व्यवस्था शुरू कर दी है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्होंने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो [इस लिंक] पर जाकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करें।
किसी भी सहायता या जानकारी के लिए दूतावास में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक निम्नलिखित नंबरों या ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं।
📞 +972 54-7520711
📞 +972 54-3278392
📧 ईमेल: [[email protected]](mailto:[email protected])
दूतावास ने यह भी दोहराया है कि सभी भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और इज़रायली होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। [सुरक्षा वेबसाइट लिंक]
भारत सरकार ने दोहराया है कि वह विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता दी जा रही है। भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय से निरंतर संपर्क में है।
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Iran Israel War Reason: ईरान-इज़रायल युद्ध 2025 की शुरुआत कैसे हुई?
13 जून 2025 को इज़रायल ने "ऑपरेशन राइजिंग लायन" के तहत ईरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। हमले नतांज़, इस्फ़हान, अराक और तेहरान जैसे इलाकों में किए गए। इज़रायली वायुसेना और खुफिया एजेंसी मोसाद ने मिलकर यह अभियान चलाया, जिसमें कई टॉप ईरानी कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए।
इजरायल के हमलों पर ईरान का जवाब
ईरान ने जवाब में सैकड़ों मिसाइलें इज़रायल की ओर दागीं। तेल अवीव, रामत गन और बेयर शेवा जैसे शहरों को निशाना बनाया गया। एक मिसाइल सोरोका अस्पतालपर भी गिरी, जिससे कई लोग घायल हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोसाद मुख्यालय को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि, इज़रायल की "आयरन डोम" डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलें नष्ट कर दीं।
Iran Nuclear Test: लड़ाई की वजह का ईरान का परमाणु परीक्षण
ईरान द्वारा परमाणु परीक्षण की कोशिश को इज़रायल ने अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना और इसे रोकने के लिए हमला किया। इज़रायल का मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करना और उसकी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को कमजोर करना है। इज़रायली रक्षा मंत्री ने यहां तक कहा है कि वे ईरान के सर्वोच्च नेता **अयातुल्ला खामेनेई** को भी निशाना बना सकते हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह झुकेगा नहीं और अमेरिकी हस्तक्षेप पर बड़ा जवाब देगा।
वैश्विक असर
यह लड़ाई अब दो देशों तक सीमित नहीं रह गई है। अमेरिका ने इज़रायल को हथियार और रक्षात्मक सहायता भेजी है। हालांकि, वह सीधे युद्ध में शामिल नहीं हुआ है। रूस, चीन, यूरोपीय संघ और खाड़ी देश युद्ध विराम की अपील कर रहे हैं। इस संघर्ष का असर तेल बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व की स्थिरता पर पड़ रहा है।
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