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Operation Sindhu: ‘मुझे भारतीय होने पर गर्व है’, ईरान से लौटे छात्र खुशी से झूमे, भारत सरकार का जताया आभार

Operation Sindhu: भारत सरकार ने ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और संभावित इजराइल-अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मद्देनज़र 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों - विशेषकर छात्रों - को सुरक्षित भारत वापस लाना है। 18 जून 2025 को इस ऑपरेशन के तहत पहला दल 110 भारतीय छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंचा।

ईरान से लौटे एक एमबीबीएस छात्र ने न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, "हम बहुत खुश हैं कि हम अपने देश वापस आ गए। वहां की स्थिति बेहद खराब थी। हमने अपनी आंखों के सामने मिसाइलें दागी जाती देखीं और ईरान द्वारा उन्हें इंटरसेप्ट किया जाता देखा। हम भारत सरकार के अत्यंत आभारी हैं कि उन्होंने हमें वहां से सुरक्षित निकाला।"

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एक अन्य छात्र भावुक होते हुए बोले, "जब भारत सरकार ने कहा कि वो हमें घर ला रहे हैं, तो ऐसा लगा जैसे मां को देख रहा हूं। मन में राहत की बाढ़ सी आ गई। MEA और ईरान में भारतीय दूतावास ने हर संभव मदद की। हमारे पड़ोस में मिसाइलें गिरीं। वो मंजर फिर कभी न देखना पड़े - हम यही प्रार्थना करते हैं।"

छात्र बोलें - "मां को देखने जैसा लगा जब कहा गया कि घर चल रहे हैं"

ईरान से लौटे छात्रों ने वहां की भयावह स्थिति को साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि वे जिंदा नहीं बच पाएंगे। एक एमबीबीएस छात्रा ने भावुक होकर कहा, "हम बहुत खुश हैं कि हम अपने देश वापस लौट आए हैं। ईरान की स्थिति बहुत खराब थी। हमारी आंखों के सामने मिसाइलें दागी जा रही थीं, और उन्हें इंटरसेप्ट किया जा रहा था। आसपास के इलाकों में बमबारी हुई थी। हम डरे हुए थे।"

एक अन्य छात्र ने कहा कि जब भारत सरकार ने कहा कि वे हमें वापस घर ले जा रहे हैं, तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपनी मां को देख रहा हूं। उस वक्त यह खबर हमारे लिए जीवनदान जैसी थी। छात्रों ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की तत्परता की सराहना करते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया।

Operation Sindhu की पहली उड़ान: यरवेन से दिल्ली तक

MEA की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत सरकार ने 17 जून को उत्तरी ईरान से 110 छात्रों को सुरक्षित रूप से निकालकर उन्हें सड़क मार्ग से अर्मेनिया की राजधानी यरवेन पहुंचाया। वहां से 18 जून को 14:55 बजे विशेष विमान द्वारा इन छात्रों को दिल्ली भेजा गया। यह ऑपरेशन सिंधु का प्रारंभिक चरण था। भारत सरकार ने ईरान और अर्मेनिया सरकारों को इस निकासी में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।

विदेश राज्य मंत्री कृति वर्धन सिंह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर evacuees का स्वागत करते हुए कहा कि "हमारे मिशनों ने 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू कर दी हैं। जैसे-जैसे स्थिति बदलती है, हम और भी विमान या चार्टर फ्लाइट भेजेंगे। फिलहाल IAF की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो वह भी विकल्प में है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम तुर्कमेनिस्तान और अर्मेनिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।"

हेल्पलाइन और एहतियात

MEA ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे ईरान में भारतीय दूतावास से संपर्क में रहें और दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से भी जुड़ें। यह कंट्रोल रूम 24×7 काम कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वह संकट की किसी भी घड़ी में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है। भारत ने इससे पहले भी यमन (ऑपरेशन राहत), यूक्रेन (ऑपरेशन गंगा) और अफगानिस्तान (ऑपरेशन देवीशक्ति) जैसी जटिल परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है।

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