• search

कर्ज में डूबा दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार सऊदी बिजनेसमैन, नीलाम की 900 गाड़ियां

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    Maan al-Sanea

    दमम। एक वक्त दुनिया की सबसे अमीर शख्सियतों में शुमार बिजनेस टायकून मान-अल-सानिया के दिन ऐसे बदल गए हैं कि अब कर्ज चुकाने के लिए उन्हें अपना सामान और प्रॉपर्टी बेचने पड़ रही है। सिर से लेकर पैर तक कर्ज में डूबे हुए मान-अल-सानिया ने उधार चुकाने के लिए हाल ही में अपनी गाड़ियों की नीलामी की, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि नीलामी के आस-पास की सड़के पूरी ब्लॉक हो गई थीं। इस नीलामी से लेनदारों का बकाया 31 हजार 309 करोड़ रुपये चुकाया जाएगा जो मान-अल-सानिया ने सालों से नहीं चुकाया है।

    फोर्ब्स ने किया था दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल

    फोर्ब्स ने किया था दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल

    मान-अल-सानिया को साल 2007 में फोर्ब्स मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे अमीर लोगों में शुमार किया था लेकिन दो साल में ही उनकी किस्मत बदल गई और साल 2009 में उनकी कंपनी साद ग्रुप को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया। ये सऊदी अरब की सबसे बड़ी वित्तीय मंदी थी। साल 2016 में तीन जजों के ट्रिब्यूनल ने संपत्ति को नीलाम कर साद ग्रुप के कर्ज चुकाने के लिए एक संघ एतकान एलायंस का निर्माण किया था। एतकान एलायंस दो रियल एस्टेट कंपनियों, अकाउंटेंट्स और वकीलों सहित कंपनियों का एक गठबंधन है।

    पहले चरण में लगाई गई 900 गाड़ियों की बोली

    पहले चरण में लगाई गई 900 गाड़ियों की बोली

    हफ्तों के प्रचार के बाद नीलामी का पहला चरण इस हफ्ते शुरू किया गया जिसमें मान-अल-सानिया की 900 गाड़ियों की बोली लगाई गई। इन गाड़ियों ट्रक, बस, गोल्फ कार्ड से लेकर डिग्गर्स भी थे। पहले चरण की नीलामी से आए पैसे से 18 बिलियन रियाल यानि 3,13,09,59,13,650 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया जाएगा। कोर्ट ने अभी साद ग्रुप का केवल 18 बिलियन रियाल का कर्ज चुकाने के आदेश दिए हैं। 30 बिलियन रियाल के एक और दावे को कोर्ट ने अभी संसाधित नहीं किया है। इस नीलामी से आए पैसे सबसे पहले मजदूरों को दिए जाएंगे, जिन्हें एक साल से ऊपर से मेहताना नहीं मिला है। इसके बाद वेंडर और बाकी कंपनियों का कर्ज चुकाया जाएगा। और अंत में बैंकों से ली गई राशि चुकाई जाएगी।

    दूसरे चरण में बिकेगी प्रॉपर्टी और फर्नीचर

    दूसरे चरण में बिकेगी प्रॉपर्टी और फर्नीचर

    नीलामी में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, 'क्या आप यकीन कर सकते हैं कि कभी ये शख्स करोड़पति था और आज ये जमीन पर आ गया है।' नीलामी के अगले चरण में मान-अल-सानिया की बाकी संपत्ति की नीमाली की जाएगी जिसमें मशीनरी, प्रॉपर्टी, फर्नीचर और सेरामिक जैसी चीजें शामिल हैं। इन सभी की कीमत 10.3 बिलियन रियाल बताई जा रही है। एतकान एलायंस के प्रमुख अब्दुलाजीज एल-राशिद ने कहा कि, 'ये नीलामी साफ संदेश देती है कि कोर्ट लेनदारों को पैसा चुकाने के लिए लिक्विडेशन प्रोसेस का इस्तेमाल कर सकती है।'

    कोर्ट के बाहर सेटलमेंट चाह रहा ग्रुप?

    कोर्ट के बाहर सेटलमेंट चाह रहा ग्रुप?

    'हम इस साल सभी संपत्ति के लिक्विडेशन को पूरा कर लेंगे।' जहां एक तरफ लेनदारों का कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति नीलाम की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ साद ग्रुप के सलाहकारों ने कुछ बैंकों के लेनदारों से बाहर मामला सेटल करने के लिए दुबई में मिलने को कहा है। रॉयटर्स के अनुसार सलाहकार 16 बिलियन रियाल पर मामला सेटल करना चाहते हैं लेकिन नीलामी की प्रक्रिया से वाकिफ लोगों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है और इस सेटलमेंट से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।

    ये भी पढ़ें: मिलिए सऊदी अरब की महिला बॉक्सर से, जो पुरुषों की सोच पर मार रही हैं 'पंच'

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Once Richest Person In World, Saudi Arabia Tycoon Maan al-Sanea Auctioned Vehicles To Settle Debts.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more