नर्स के गलत इंजेक्शन लगाने से गर्भवती हुई महिला, दिया दिव्यांग बच्ची को जन्म, अब कोर्ट ने दिलाए 74 करोड़ रुपए
नई दिल्ली। अमेरिका से लापरवाही का एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां नर्स द्वारा एक महिला को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद गंभीर रूप से दिव्यांग बच्ची के जन्म लेने का मामला सामने आया है। नर्स की इस गलती पर अमेरिकी कोर्ट ने पीड़ित महिला और उसके पति को मुआवजा के तौर पर 74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दिए जाने का फैसला सुनाया है। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला सरकारी क्लिनिक में बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन लगवाने गई थी लेकिन वहां काम करने वाली एक नर्स ने गलती से फ्लू शॉट (फ्लू का टीका) लगाया दिया।

नर्स ने महिला को लगा दिया गलत इंजेक्शन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला करीब पांच साल पुराना है, अमेरिका के सिएटल में रहने वाली येशेनिया पाचेको 16 साल की उम्र में शरणार्थी के रूप में यहां आई थीं। उस दौरान उनके पहले से ही दो बच्चे थे और परिवार का पालन-पोषण न कर पाने की स्थिति में वह और बच्चे नहीं चाहती थीं। अपनी प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए येशेनिया पाचेको ने बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन लगवाने का फैसला किया लेकिन अस्पताल में नर्स ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगा दिया।

बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन की जगह लगाया दिया फ्लू शॉट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी क्लिनिक में काम करने वाली नर्स ने येशेनिया पाचेको को बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन की जगह गलती से फ्लू शॉट (फ्लू का टीका) लगाया दिया। येशेनिया पाचेको को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जब एक दिन उन्हें अपनी तीसरी प्रेंग्नेंसी का पता चला तो वह सकते में आ गईं। नर्स की गलती का असर यह हुआ कि येशेनिया पाचेको ने एक दिव्यांग बेटी को जन्म दिया।

कोर्ट ने अमेरिकी संघीय सरकार को ठहराया जिम्मेदार
अपने साथ हुई इस लापरवाही के खिलाफ येशेनिया पाचेको ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। करीब पांच साल तक चली इस कानूनी लड़ाई में अब येशेनिया और उनके पति की जीत हुई है। अमेरिका के सिएटल कोर्ट में न्यायाधीश ने येशेनिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें 74 करोड़ रुपए से अधिक का हर्जाना देने का आदेश दिया है। चूंकि येशेनिया को सरकारी क्लिनिक ने इंजेक्शन लगाया था इसलिए कोर्ट ने 74 करोड़ का हर्जाना अमेरिकी संघीय सरकार को ही भरने का आदेश दिया है।

दिव्यांग बेटी को मिलेंगे 55 करोड़ रुपए
बता दें कि सिएटल कोर्ट ने दिव्यांग बेटी के इलाज, पढ़ाई व अन्य खर्चों को लिए अमेरिकी संघीय सरकार को 55 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया है जबकि 18 करोड़ रुपये दंपति को मुआवजा देने के लिए दिए गए हैं। कोर्ट से इंसाफ मिलने में पांच साल का समय लग गया। कोर्ट ने नर्स को पचेको के चार्ट को देखे बिना फ्लू का टीका लगाने का दोषी पाया। जिस वजह से येशेनिया गर्भवती हुईं और उन्होंने एक दिव्यांग बेटी जन्म दिया। यह खबर ने अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने दुनिया की पहली कोरोना 'सेल्फ टेस्ट किट' को दी मंजूरी, 30 मिनट में आएगा रिजल्ट












Click it and Unblock the Notifications