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चीन के कोरोना वायरस से त्रस्‍त अमेरिका में जापान से आई नई मुसीबत, हत्‍यारिन मक्‍खी से लोग दहशत में

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वॉशिंगटन। अमेरिका के लोगों के लिए साल 2020 अभी और बुरा साबित होने वाला है। चीन के वुहान से आए कोरोना वायरस की वजह से 68,286 लोगों की मौत देखने वाले अमेरिका में अब जापान से एक नई आफत पहुंची है। पहली बार अमेरिका में विशेष प्रकार की विशालकाय मक्‍खी को देखा गया है। डरावनी आंखों वाली यह मक्‍खी इतनी जहरीली है कि इसके डंक से किसी की भी जान जा सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस मक्‍खी को खासतौर पर वॉशिंगटन में देखा गया है। मक्‍खी पालने वाले लोगों ने बताया है कि उनके घर के बाहर ऐसी मक्खियों का ढेर लग गया है जिसका सिर कटा हुआ है।

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Murder hornet है मक्‍खी का दूसरा नाम

Murder hornet है मक्‍खी का दूसरा नाम

करीब तीन इंच लंबी इस मक्‍खी को दुनिया की सबसे बड़ी मक्‍खी में माना जाता है। सीएनएन ने वॉशिंगटन स्‍टेट यूनिवर्सिटी के हवाले से बताया है कि अगर यह मक्‍खी इंसानों को एक बार से ज्‍यादा काटे तो उसकी मौत हो सकती है। सीएनएन की मानें तो इस मक्‍खी को 'हत्‍यारिन मक्‍खी' निकनेम दिया गया है। हर साल दुनिया भर में 60 लोगों की जान लेने वाली मक्‍खी के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एशिया के भारी बारिश और उमस वाले जंगलों में पायीं जाती हैं। वियतनाम जैसे देशों का मौसम इस मक्‍खी के अनुकूल है।

लोग बोले यह कोई दैवीय आपदा

लोग बोले यह कोई दैवीय आपदा

इस मौसम में इसका अमेरिका में नजर आना हर किसी को आश्‍चर्य में डाल रहा है। इस मक्‍खी में जो जहर पाया जाता है उसे न्युट्रोक्सिन कहा जाता है। बीते दिनों मधुमक्खी मापने वाले कॉनराड बेर्ब्यु नामक शख्‍स को वैंकुवर आइलैंड पर इनके एक छत्ते को नष्ट करने के लिए भेजा गया था। उन्हें कई बार इन मक्खियों ने काट लिया. उधर मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक इन मक्खियों की खबरें सामने आने के बाद इलाके के लोग इन्हें दैवीय आपदा मान रहे हैं। लोग इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर इन्हें कोरोना के बाद ईश्वर की अन्य सजा बता रहे हैं।

ब्रिटेन में भी आई थी नजर

ब्रिटेन में भी आई थी नजर

कॉनराड ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वे पूरी तैयारी के साथ गए थे इसलिए उन्होंने सही समय पर खुद ही अपना इलाज कर लिया। उन्होंने इन मक्खियों का छत्ता भी नष्ट कर दिया। कॉनराड बताते हैं कि जब उन्होंने डंक मारा तो मुझे लगा कि शरीर में किसी ने गरम किसी चीज को भर दिया हो। उन्होंने बताया कि भले ही वे ठीक हैं। हालांकि अभी भी उन्हें चलने में दिक्कत हो रही है और पैरों में काफी दर्द है। अप्रैल के माह में ब्रिटेन में भी इसी तरह की मक्‍खी नजर आई थी और उससे निपटने के लिए सरकार को करीब 70 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे।

80 किेलोमीटर तक फैल जाती है मक्‍खी

80 किेलोमीटर तक फैल जाती है मक्‍खी

आखिरी बार इन्हें यूरोप के कुछ देशों में साल 2004 में देखा गया था लेकिन तब इनकी संख्या काफी कम थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हर दिन 60 से 80 किलोमीटर तक के इलाके में फैल जाती हैं और नए घर बनाती हैं। वॉशिंगटन के कृषि अधिकारियों ने मक्‍खी पालकों और स्‍थानीय लोगों से कहा है कि अगर उन्‍हें कोई विशाल मक्‍खी दिखे तो वो उन्‍हें जानकारी जरूर दें। लोगों को मक्‍खी के करीब न जाने के लिए कहा गया है। वैज्ञानिकों को अब इस मक्‍खी से बचने के लिए खास प्रकार के सूट्स का ऑर्डर देना पड़ा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इन मक्खियों को पकड़ने के समय जुलाई से अक्‍टूबर के बीच होता है।

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English summary
Now killer giant Hornets from Japan spotted in US for the first time.
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