इसे कहते हैं North Korea का Real तानाशाह! जब भाषण सुनकर फूट-फूटकर रोने लगे डॉक्टर...
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने बताया कि किम जोंग उन ने राजधानी प्योंगयांग में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए सैन्य चिकित्साकर्मियों का आभार प्रकट करने और प्रशंसा के लिए एक समारोह का आयोजन किया।
प्योंगयांग,20 अगस्त : उत्तर कोरिया के तानाशाह को लगता था कि, उसका देश हमेशा कोरोना मुक्त रहेगा। लेकिन यहां उसकी हार हो गई और 2020 के बाद जब कई देशों में कोरोना के मामले कम हो रहे थे तो एकाएक उत्तर कोरिया में कोरोना महामारी ने कहर मचा दिया। किम जोंग के लिए ये 'काटो तो खून नहीं वाली' बात हो गई। देश की लचर मेडिकल सुविधा और वैक्सीन की कमी के कारण लाखों लोग वायरस से संक्रमित हो गए और इससे कई लोगों की मौत भी हो गई।

चिकित्साकर्मी किम का भाषण सुनकर रोने लगे
बीते दिनों उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने कोरोना पर जीत की घोषणा कर दुनिया को चौंका दिया था। खबर के मुताबिक, एक कार्यक्रम में किम जोंग ने कोरोना से लड़ाई में जीत के लिए चिकित्साकर्मियों का आभार प्रकट किया। इस दौरान वहां मौजूद सभी चिकित्साकर्मी तानाशाह का भाषण सुनकर एक साथ रोने लगे। बता दें कि, किम जोंग उन ने चिकित्साकर्मियों का आभार और उनकी प्रशंसा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन करवाया था।
किम का भाषण सुनकर रोने लगे डॉक्टर
समारोह के एक वीडियो में किम को भाषण दे रहे हैं। वह इस दौरान सैन्य चिकित्साकर्मियों की प्रशंसा कर रहे थे और उनके सामने बैठे डॉक्टर (मेडिक्स) रो रहे थे। किम ने कोरोना पर उत्तर कोरिया की जीत को 'वैश्विक स्वास्थ्य चमत्कार' करार दिया है। उत्तर कोरिया में कोरोना से कितने लोग संक्रमित हुए, इसका सटीक आंकड़ा कभी सामने नहीं आया। जाहिर है कि उत्तर कोरिया के पास वैक्सीन और दवाओं सहित बड़े पैमाने पर जांच के उपकरणों का भी अभाव है।

उत्तर कोरिया ने कोरोना संबंधित जानकारी नहीं दी
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग ने तो उत्तर कोरिया को कोरोना मुक्त होने का दावा तो कर दिया है लेकिन देश में संक्रमण अब भी फैल रहा है। बता दें कि, उत्तर कोरिया ने आज तक इस बात की पुष्टि नहीं की कि कितने लोग कोरोना संक्रमित हुए और कितने अब तक ठीक हुए और कितने लोग इस बीमारी से मारे गए।

डब्ल्यूएचओ ने कहा स्थिति बेहतर नहीं हो सकती
हो सकता है कि, कोरोना परीक्षण के लिए उपकरणों की भारी कमी के कारण उत्तर कोरिया कोरोना के सही आंकड़ों को बता पाने में सक्षम नहीं रहा होगा। देश की चिकित्सा सुविधा काफी खराब है। ऐसे में देश से कोविड के खत्म हो जाने के किम के दावों पर कई लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने उत्तर कोरिया के प्रगति के दावों पर संदेह जताया है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि स्वतंत्र डेटा
नहीं रहने की वजह से उत्तर कोरिया में कोरोना की स्थिति बदतर हो सकती है, बेहतर नहीं।












Click it and Unblock the Notifications