Trump Kim Meeting: कैसी इंग्लिश बोलते हैं किम जोंग उन और क्यों करते हैं ट्रांसलेटर का प्रयोग
सिंगापुर। नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एतिहासिक मुलाकात की। दोनों नेताओं के साथ ट्रांसलेटर्स मौजूद थे। वहीं किम की एक पूर्व टीचर की मानें तो किम जोंग को इंग्लिश आती है और वह इंग्लिश बोल सकते हैं। जिस समय अप्रैल में किम जोंग साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन से मिले थे उन्होंने मीडिया से कुछ सेकेंड्स के लिए इंग्लिश में बात की थी। उनकी इंग्लिश सुनकर कई लोग हैरान रह गए थे। ट्रंप से मुलाकात के समय भी किम ने कुछ देर तक इंग्लिश में बात की थी।

इंग्लिश में ही किया ट्रंप का वेलकम
बताया जा रहा है कि ट्रंप से जब पहली बार किम जोंग मिले तो उन्होंने इंग्लिश भाषा में ही उनका अभिवादन किया। किम को कितनी इंग्लिश आती है, इस बारे में अक्सर बहस होती है। स्विट्जरलैंड में पढ़ाई करते समय किम ने इंग्लिश के अलावा जर्मन भाषा भी सीखी थी। वैनिटी फेयर मैगजीन के मुताबिक उनके ग्रेड्स जर्मन भाषा में अच्छे होते थे और इंग्लिश में उन्हें कम नंब मिलते थे। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात के समय किम ने स्विस एक्सेंट के साथ इंग्लिश बोलकर सबको चौंका दिया था।

इंग्लिश में असहज हैं किम जोंग
कुछ विशेषज्ञों की मानें तो किम का इंग्लिश भाषा पर कमांड काफी अच्छा है। उनकी मानें तो किम ने ट्रंप के साथ बातचीत को और सहज बनाने के लिएस इंग्लिश भाषा का प्रयोग किया था। साल 2014 में जब किम अमेरिकी बॉस्केटबॉल प्लेयरी डेनिस रोडमैन से मिले थे तो उन्होंने ट्रांसलेट पर ही भरोसा किया था। वहीं कुछ बातें उन्होंने डेनिस के साथ इंग्लिश में भी की थी। हैंककुक यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज में प्रोफेसर डॉक्टर लॉनी एज ने टाइम मैगजीन से बातचीत करते समय कहा, 'किम के ट्रांसलेटर का प्रयोग करने से पता लगता है कि उन्हें इंग्लिश में बात करने से घबराहट होती है और वह खुद को असहज महसूस करते हैं।'

टीचर ने कहा आती है इंग्लिश
वहीं किम के हाई स्कूल टीचर माइकल रीसन कहते हैं कि किम को इंग्लिश आती है लेकिन वह ऐसा दिखाते हैं कि उन्हें इंग्लिश के बारे में बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। किम की उम्र 14 वर्ष की रही होगी जब माइकल ने उन्हें पढ़ाया था। माइकल भी उसी स्विस स्कूल में इंग्लिश के टीचर थे जहां पर किम पढ़ते थे। वह कहते हैं कि किम ने बेसिक इंग्लिश अच्छे से सीखी है। माइकल ने एनबीसी चैनल से बात करते समय कहा, 'किम अच्छे स्टूडेंट थे लेकिन वह असाधारण नहीं थे।'












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