शांति के लिए नॉर्थ और साउथ कोरिया के नेताओं ने फिर की मुलाकात, सिंगापुर समिट पर रहा फोकस
सियोल। कोरिया प्रायद्वीप में शांति को लेकर और अमेरिका से बातचीत के लिए नॉर्थ कोरिया कोई कूटनीतिक दांव को गंवाना नहीं चाहता है। यही वजह है कि किम जोंग उन ने शनिवार को एक बार फिर साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन से बॉर्डर गांव पर मुलाकात कर शांति वार्ता की पहल की। किम जोंग उन और मून जे-इन के बीच पिछले एक माह में यह दूसरी मुलाकात है। दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली ऐतिहासिक मुलाकात में किम जोंग उन ने अमेरिका से वार्ता करने और अपने न्यूक्लियर प्रोग्रम्स को नष्ट करने की वादा किया था।

साउथ कोरिया के राष्ट्रपति और नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर के बीच दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर मलाकात हुई। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच तल्खियां बढ़ने के बाद साउथ कोरियाई राष्ट्रपति ने किम से फिर से मुलाकात कर नए विवाद को खत्म करने के लिए मुलाकात की। इन दोनों नेताओं के बीच अमेरिका के मुद्दे पर चर्चा की। सियोल ने कहा है कि वे प्योंगयांग और वॉशिंगटन की गतिविधियों को ध्यान से नजर लगाए बैठे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप दो दिन पहले किम को लेटर लिखकर मुलाकात को कैंसिल कर दिया था, लेकिन नॉर्थ कोरिया ने मुलाकात को रद्द नहीं करने और सिंगापुर में 12 जून को होने वाली मीटिंग को जारी रखने के लिए कहा था। जिसके बाद ट्रंप ने 24 घंटों के भीतर फिर से कहा कि उनके और किम के बीच सिंगापुर में मुलाकात हो सकती है। हालांकि, ट्रंप ने वार्ता के कैंसिल लेटर के दूसरे दिन ही नॉर्थ कोरिया ने दुनियाभर के पत्रकारों को बुलाकर दुनिया के सामने अपने न्यूक्लियर साइट्स को नष्ट कर शांति का संदेश दिया।
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सिंगापुर में 12 जून को ट्रंप और किम के बीच मुलाकात हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किम जोंग खुद चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच वार्ता हो। ट्रंप ने कहा कि यह अच्छी बात है कि नॉर्थ कोरिया शांति चाहता है और हम भी इसी के लिए तैयार है।












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