भारत-पाक में नहीं बनी तो क्या, नार्थ और साउथ कोरिया शांत
सियोल। पिछले दिनों दो देशों के बीच बढ़ता तनाव खबरों में था। एशिया के एक हिस्से में जहां भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी फायरिंग के बीच वार्ता को लेकर तनाव बना हुआ था तो वहीं दूसरे हिस्से में साउथ और नॉर्थ कोरिया बीच जंग के हालात पैदा हो गए थे।

दोनों देशों के बीच मौजूद बॉर्डर पर लाउडस्पीकर की वजह से युद्ध की वजह से युद्ध के हालात पैदा हो गए थे। लेकिन मंगलवार को दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई और शांति कायम हो गई। नॉर्थ कोरिया ने अपनी सेनाओं को वापस लौटने का आदेश दे दिया।
लैंडमाइन ब्लास्ट और प्रपोगंडा की वजह से दोनों देशों के बीच दुश्मनी एक नए स्तर पर पहुंच गई थी। मंगलवार को साउथ कोरिया की डिफेंस मिनिस्ट्री की ओर से बताया गया कि दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों के बीच एक शिखर वार्ता आयोजित हुई थी।
इसमें बनी सहमति के मुताबिक मंगलवार दोपहर तक दक्षिण कोरिया अपने प्रोपेगैंडा ब्रॉडकास्ट यानी , लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार को बंद कर देगा। इसके बदले, डीपीआरके ने भी मंगलवार दोपहर तक अपने ट्रूप्स को पीछे हटा लेगा।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता किम मिन-सिओक बताया कि साउथ कोरिया की सेना उचित कदम उठाएगी और डीपीआरक सेनाओं के कदम पर करीबी नजर रखेगी। साउथ कोरिया मंगलवार दोपहर से फ्रंटलाइन क्षेत्रों से प्रोपेगैंडा ब्रॉडकास्ट बंद कर देगा। डीपीआरके ने युद्ध की घोषणा के रूप में लाउडस्पीकर्स के जरिए दुष्प्रचार की निंदा की थी।
किम ने कहा कि साउथ कोरिया के ट्रूप्स को धीरे-धीरे पीछे हटाने से पहले उन्हें मंगलवार दोपहर अलर्ट पर रखा जाएगा। नॉर्थ कोरिया के गांव पनमोंजुम में 43 घंटे लंबी चली वार्ता के बाद दोनों कोरियाई देश मंगलवार तड़के समझौते पर राजी
हो गए ।
नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरियाई सीमा पर चार अगस्त को लैंडमाइन ब्लास्ट में घायल साउथ कोरिया के दो सैनिकों के प्रति खेद व्यक्त किया है। हालांकि नार्थ कोरिया ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि इस ब्लास्ट में उसका कोई हाथ था।












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