Norovirus: यह कौन सी बला है ? कोरोना के कहर के बीच इंग्लैंड में बढ़ने लगे हैं मामले
लंदन, 19 जुलाई: कोविड की आफत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। उसी बीच में मंकी बी वायरस ने लोगों को डरा रखा है। इसी दौरान इंग्लैंड में नोरोवायरस के मामले अचानक सामने आने लगे हैं, जो कि बहुत ही संक्रामक रोग है। नोरोवायरस को वोमिटिंग बग समेत कई और नाम से भी जाना जाता है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने कहा कि हाल में पूरे देश में नोरोवायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। यह वायरस खाने-पीने की चीजों के जरिए फैलता है। इस बहुत ही संक्रामक वायरस के बारे में आपको ये बातें जान लेनी चाहिए।

नोरोवायरस क्या है ?
अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीस) के मुताबिक नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो वहां आधे से ज्यादा भोजन से उत्पन्न होने वाली बीमारियों का कारण है। नोरोवायरस के कई नाम हैं, जिसमें एक स्टमक फ्लू भी है जिसका मौसमी फ्लू से कोई लेना देना नहीं है; और ना ही यह वायरस कोरोना वायरस की बिरादरी का है। सीडीसी के मुताबिक नोरोवायरस को 'फूड प्वाइजनिंग' और 'स्टमक बग' के नाम से भी जानते हैं। वहीं यह रोग 'वोमिटिंग बग' के नाम से भी कुख्यात है।

नोरोवायरस के क्या लक्षण हैं ?
नोरोवायरस के लक्षण इससे संक्रमित होने के बाद आमतौर पर 12 से 48 घंटे के बाद नजर आते हैं और एक से तीन दिनों तक परेशान करते हैं। इसके सबसे आम लक्षणों में डायरिया, पेट दर्द, जी मिचलाना और उल्टी, बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। मायो क्लिनिक के मुताबिक इससे संक्रमित मरीज एसिम्पटोमेटिक भी हो सकते हैं यानी संक्रमण के बावजूद उनमें कोई लक्षण नहीं नजर आ सकते हैं।

नोरोवायरस कितना खतरनाक है ?
नोरोवायरस संक्रमित व्यक्तियों के मल और उल्टी में पाया जाता है। यह वायरस बिना धुले भोजन, दूषित पानी या दूषित सतह के जरिए लोगों को संक्रमित कर सकता है। एक संक्रमित व्यक्ति एकबार में अरबों नोरोवायरस पार्टिकल्स बाहर छोड़ सकता है। सीडीसी के मुताबिक इसका छोटा सा कण भी किसी दूसरे इंसान को बीमार कर सकता है।

नोरोवायरस इंफेक्शन कैसे होता है ?
नोरोवायरस से संक्रमित भोजन खाने या उससे दूषित पानी पीने से इसका संक्रमण हो सकता है। इसके इलावा इससे दूषित सतह को छूने के बाद यदि मुंह को छुआ जाए तो भी संक्रमण हो सकता है। नोरोवायरस से संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने, उसके साथ खाना शेयर करने या बर्तन इस्तेमाल करने से भी नोरोवायरस का इंफेक्शन हो सकता है।

नोरोवायरस की जांच और इलाज क्या है ?
एक डॉक्टर मरीज के लक्षण देखकर भी नोरोवायरस का अंदाजा लगा सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के मल के नमूने की जांच से भी इसका पता किया जा सकता है। ज्यादातर लोगों को नोरोवायरस के लिए इलाज की जरूरत नहीं पड़ती और वे खुद से ठीक हो जाते हैं। लेकिन, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों के सामने इसके चलते डिहाइड्रेशन की समस्या आ सकती है, जिसके लिए डॉक्टरों की निगरानी जरूरी है या अस्पताल जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। नोरोनायरस का प्रभाव आमतौर पर एक दिन से लेकर तीन दिन तक रहता है। लेकिन, नोरोवायरस से लोग लंबे समय तक भी बीमार रह सकते हैं। क्योंकि, इसके कई प्रकार हैं और एक से उबरने के बाद दूसरे से संक्रमित होने का खतरा हो सकता है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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