नित्यानंद की नई नौटंकी, अपने देश 'कैलासा' आने वाले भारतीयों पर लगाया बैन, सभी देशों में उच्चायोग किया बंद
कोरोना वायरस को देखते हुए भगोड़े नित्यानंद ने अपने देश कैलासा आने वाले भारतीय यात्रियों पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं उसने ऐलान किया है कि सभी देशों में कैलासा का उच्चायोग बंद कर दिया गया है।
नई दिल्ली, अप्रैल 23: अपनी नौटंकियों के लिए कुख्यात और लड़की से जबरदस्ती करने का आरोपी और भगोड़ा नित्यानंद अपनी नई नौटंकी को लेकर चर्चा में है। भारत से भागकर अपने लिए अलग देश बना चुके नित्यानंद ने अपने देश में अभी भारतीयों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही इस नौटंकीबाज और भगौड़े ने विश्व के सभी देशों में कोरोना वायरस को देखते हुए सभी उच्चायोग को बंद करने की घोषणा की है। यानि, अभी कोई भी भारतीय नौटंकी नित्यानंद के देश कैलासा नहीं जा सकता है। आपको याद होगा कि जेल जाने के डर से भारत से भाग चुका कथित धर्मगुरु नित्यानंद ने अपना अलग देश बनाने का ऐलान किया था और इस देश का नाम कैलासा रखा था।

भारतीयों का प्रवेश वर्जित
भगोड़े नित्यानंद ने भारत से फरार होकर अपने लिए अलग देश बनाया था, जिसका नाम उसने कैलासा रखा था। कैलासा बनाने के बाद उसने खुद को कैलासा का राष्ट्राध्यक्ष घोषित कर दिया था। करीब दो साल पहले नित्यानंद ने कैलासा का निर्माण किया था। कैलासा अफ्रीकन महाद्वीप में स्थिति एक द्वीप है, जिसके कथित राष्ट्राध्यक्ष ने आदेश पास किया है कि अभी कैलासा में कोई भी भारतीय नहीं आ सकता है। नित्यानंद ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अभी कैलासा में भारतीय श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है। ये कदम भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर उठाया गया है।

'कैलासा' ने सभी उच्चायोग बंद किए
नित्यानंद ने अपने कथित सरकारी आदेश में कहा है कि उसने ना सिर्फ भारतीयों के लिए कैलासा आने पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया है बल्कि ब्राजील, यूरोपीयन देश और मलेशिया के यात्रियों पर भी कैलासा आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि, कैलासा ने फैसला दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर लिया गया है। कैलासा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर अभी सभी देशों में आध्यात्मिक उच्चायोग बंद किया जा रहा है। कैलासा के नोटिस में उन देशों का भी नाम लिया गया है, जिसके बारे में नित्यानंद ने दावा किया है कि वहां उनके उच्चायोग हैं।

कई देशों में उच्चायोग होने का दावा
रेप का आरोपी नित्यानंद ने करीब दो साल पहले कैलासा का निर्माण किया था और उसने दावा किया है कि उसके उच्चायोग कई देशों में हैं। नित्यानंद ने दावा किया है कि कैलासा के उच्चायोग यूरोपीयन देश, ब्राजील, भारत और मलेशिया में हैं। लेकिन नित्यानंद का ये दावा पूरी तरह से गलत है। अभी तक एक भी देश में कैलासा का उच्चायोग नहीं है और ना ही किसी देश ने पुष्टि की है। इतना ही नहीं, नित्यानंद ने कहा है कि सभी देशों में मौजूद उसके उच्चायोग के अधिकारी कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए खुद को क्वारंटाइन कर लें और नित्यानंद ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वो जिस देश में हैं, उस देश के स्थानीय कानून का पालन करते हुए कोरोना संबंधित सभी गाइडलाइंस का पालन करें।

वीजा का ऐलान
कथित तौर पर अपना देश बनाने का दावा करने वाले नित्यानंद ने इससे पहले अपने देश आने के लिए वीजा देने का ऐलान किया था। नित्यानंद ने दावा किया था कि उसके देश तक आने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम है। इसके साथ ही नित्यानंद ने कहा था कि कैलासा आने वाले व्यक्तियों को तीन दिन से ज्यादा रूकने की इजाजत नहीं है। नित्यानंद ने अपने देश कैलासा को लेकर कई दावे किए हैं लेकिन अभी तक किसी भी देश ने कैलासा को मान्यता नहीं दी है। नित्यानंद साल 2019 से इक्वाडोर के पास स्थित एक द्विप पर छिपा हुआ है, जिसे उसने कैलासा नाम दिया है। कैलासा बनाने के बाद नित्यानंद लगातार यूनाइटेड नेशंस से मांग कर रहा है कि कैलासा को एक स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाए। वहीं, भारतीय यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने वाले इस ट्वीट पर काफी मजाक बनाया जा रहा है। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इस द्वीप का ना सिर्फ अपना वेबसाइट है बल्कि 2020 में नित्यानंद ने कैलासा के लिए अलग रिजर्व बैंक की भी घोषणा की थी, जिसका नाम उसने रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा रखा था और उसके देश की मुद्रा का नाम कैलाशियन डॉलर है।












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