'सीरिया में ज़रूरत पड़ने पर अमरीका दोबारा हमले के लिए तैयार'

Posted By: BBC Hindi
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सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस के मिसाइल हमलों की भर्त्सना करने के लिए रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समर्थन नहीं जुटा पाया.

सीरिया के डूमा में पिछले हफ्ते संदिग्ध रासायनिक हमले के जबाव में पश्चिमी ताक़तों के मिसाइल हमलों को रूसी राजदूत वसीली नेबेंज़िया ने 'गुंडागर्दी' करार दिया है.

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'अंतरराष्ट्रीय मामलों में गुंडागर्दी'

रूसी राजदूत का ये भी कहना है कि सीरिया में मिसाइल हमले करके अंतरराष्ट्रीय क़ानून का घोर उल्लंघन किया गया है.

कथित रासायनिक हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच शुरू होने से पहले मिसाइल हमलों के लिए पश्चिमी ताक़तों को फटकार लगाते हुए रूसी राजदूत ने कहा, ''ये सब कुछ एक ख़ास तरह से किया गया है. इस मामले में उकसाया गया है, झूठे आरोप लगाए गए हैं, फैसला सुनाकर सज़ा दी गई है. क्या आप चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मामलों को अब इस तरह से निपटाया जाए. ये अंतरराष्ट्रीय मामलों में गुंडागर्दी है, ये जानते हुए कि हम दो परमाणु ताक़तों के बारे में बात कर रहे हैं.''

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'अमरीका दोबारा हमले करने के लिए तैयार'

लेकिन संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निक्की हैली ने कहा है कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए ज़रूरत पड़ने पर अमरीका दोबारा हमले करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, ''कल की सैन्य कार्रवाई से हमारा संदेश एकदम साफ़ है, वो ये कि अमरीका, असद सरकार को रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने देगा. पिछली रात हमने उस शोध केंद्र को नष्ट कर दिया जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हत्या के लिए हथियार असेंबल करने में किया जाता था. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि सीरियाई शासन ने यदि फिर इस ज़हरीली गैस का इस्तेमाल किया तो अमरीका इसका जबाव देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.''

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'झूठे और आडंबरी हैं अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस'

सुरक्षा परिषद की इस आपात बैठक में सीरिया के राजदूत बशर जाफ़री ने अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस को झूठा और आडंबरी बताते हुए कई तीखे सवाल किए.

उन्होंने पूछा, ''क्या मेरे देश पर हमला करने के लिए आपकी सरकारों ने इस संगठन से, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जनादेश हासिल किया था. अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन के मेरे साथी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सीरिया में बम वहां गिराए हैं जहां रासायनिक हथियार बनाए जाते थे. यदि इन तीनों देशों की सरकारों को सही ठिकानों या इन ठिकानों की भूमिका के बारे में इतना सब पता था तो उन्होंने ये जानकारी ओपीसीडब्ल्यू (ऑगनाइज़ेशन फ़ॉर प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वेपंस) के साथ साझा क्यों नहीं की. उन्होंने इन हमलों से पहले ये जानकारी दमिश्क में फैक्ट-फाइंडिंग मिशन के साथ साझा क्यों नहीं की.''

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'सबूत जुटाना मुश्किल'

इस बारे में पूछे जाने पर पेरू की राजधानी लीमा में मौजूद अमरीका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने संवाददाताओं से कहा कि अमरीका ने इस हमले के लिए अपनी 'इंटेलीजेंस' का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा, ''जब आप सीरिया जैसे बर्बर और अत्याचारी शासन से निपट रहे हों, तो सबूत जुटाना मुश्किल हो जाता है. लेकिन हमने बहुत प्रयासों से ये पता किया कि ये हमला सीरियाई सरकार ने ही किया था. मैं आपको बताना चाहता हूं कि पड़ताल जारी है और हो सकता है कि हम इस नतीजे पर पहुंचें कि इस हमले में पहले की तरह सरीन गैस का इस्तेमाल किया गया था.''

हवाई हमला
AFP
हवाई हमला

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने इस पूरे घटनाक्रम को 'ख़तरनाक हालात' बताते हुए संयम बरतने की अपील की है.

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English summary
UN ambassador Nikki Haley says U.S. is prepared to strike Syria again in the event of another chemical attack

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