110 साल पहले डूबा टाइटैनिक जहाज अब कैसा दिखता है? आप भी इतने पैसे देकर कर सकते हैं दीदार
एक कॉमर्शियल रिसर्च कंपनी ने पिछले हफ्ते टाइटैनिक जहाज का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें विनाशकारी हादसे में डूब गये इस जहाज को विस्तार से दिखाया गया है
वॉशिंगटन, सितंबर 06: अपने जमाने के मशहूर और विशालकाय जहाज टाइटैनिक जहाज को जल समाधि लिए 110 सालों का वक्त बीत चुका है और टाइटैनिक जहाज को लेकर अभी भी लोगों की उत्सुकता बनी हुई है और लोगों की उत्सुकता का फायदा एक कॉमर्शियल कंपनी ने भुनाने की कोशिश की है और अब आप भी पैसे खर्च कर 110 साल पहले डूबे इस ड्रीम जहाज का दीदार कर सकते हैं। एक कॉमर्शियल कंपनी ने समुद्र की अनंत गहराई में पड़े टाइटैनिक जहाज के मलबे का एक वीडियो जारी किया है, जिसे देखने के बाद लोगों को इसे देखने के लिए एक बार फिर से जी मचल उठा है।

टाइटैनिक का कीजिए दीदार
एक कॉमर्शियल रिसर्च कंपनी ने पिछले हफ्ते टाइटैनिक जहाज का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें विनाशकारी हादसे में डूब गये इस जहाज को विस्तार से दिखाया गया है, और इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि अमीर पर्यटकों के लिए दुनिया न केवल अंतरिक्ष तक फैली हुई है, बल्कि गहरे समुद्र तक भी फैली हुई है। एक मिनट की क्लिप को ओशनगेट एक्सपेडिशन्स कंपनी की तरफ से जारी किया गया है और ये एक कंपनी है जो पर्यटकों को पनडुब्बियों में जहाजों और पानी के नीचे के घाटियों में पर्यटन करवाती है। इस गर्मी में टाइटैनिक अभियान के लिए, मेहमानों ने एक पनडुब्बी को लगभग 2.4 मील नीचे ले जाने के लिए 250,000 डॉलर का भुगतान किया है, जहां टाइटैनिक जहाज के मले समुद्र तल पर टिकी हुई हैं।

1985 में हुई थी खोज
हालांकि, टाइटैनिक जहाज साल 1912 में हादसे का शिकार होकर समुद्र में डूब गई थी, लेकिन साल 1985 में इस जहाज को खोजने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें पता चला था, कि ये जहाज न्यूफ़ाउंडलैंड से 400 मील से भी कम दूरी पर दो खंडों में सीधा और विभाजित पाया गया था। टाइटैनिक की फिर से खोज ने इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य लोगों को आकर्षित किया था। ओशनगेट के अध्यक्ष स्टॉकटन रश ने कहा कि इस आकर्षण को जारी रखने के लिए निजी अन्वेषण की आवश्यकता है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि, "कोई भी सार्वजनिक संस्था टाइटैनिक को दिखाने के लिए पैसे खर्च नहीं करेगी।

कितने देर की होगी टूरिज्म?
ओशनगेट ने अब टाइटैनिक साइट पर दो अभियानों का नेतृत्व किया है और 2023 के लिए फिर से एक योजना बनाई गई है। ये समुद्री अभियान करीब 8 घंटे का होगा, जिसमें अनुमानित 2.5 घंटे टाइटैनिक जहाज के मलबों तक पहुंचने के लिए और इतना ही समय वापस समुद्र से बाहर आने के लिए लगेंगे और करीब 3 घंटों तक समुद्र के अंदर पड़े टाइटैनिक के अलग अलग हिस्सों को पर्यटकों को दिखाया जाएगा। कई वैज्ञानिक और इतिहासकार अभी भी टाइटैनिक जहाज पर नजर बनाकर रखते हैं, जो अब कई समुद्री जीवों का घर बन गया है और अब धीरे धीरे ये जहाज टूटने लगा है। वैज्ञानिकों की टीम इस जहाज के क्षय पर नजर रखने और इसे विस्तार से समझने के लिए हाई डेफिनेशन कैमरों के साथ मलबे का दस्तावेजीकरण भी करते हैं।

क्या टाइटैनिक का होगा नुकसान?
हालांकि, कई वैज्ञानिकों का कहना है कि, इस तरह के पर्यटन से टाइटैनिक जहाज का नुकसान होगा, लेकिन स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री में समुद्री इतिहास के क्यूरेटर पॉल एफ जॉनसन का कहना है कि, ऐसा नहीं है, कि पर्यटन से इस जहाज का नुकसान होगा, क्योंकि वो मलबे को छू या नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं।" जॉनसन ने कहा कि, "और यह सामान्य रूप से पानी के नीचे की दुनिया और जहाजों के लिए ध्यान लाता है, लेकिन मेरी राय में, टाइटैनिक से अब इतना कुछ नहीं सीखा जा सकता है जिसे हम पहले से नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि, दशकों से इस बात पर बहस चल रही है कि मलबे में किसे जाना चाहिए और क्यों जाना चाहिए?

कैसे डूबा था टाइटैनिक जहाज?
टाइटैनिक जहाज के डूबने से 1,500 से ज्यादा यात्रियों की मृत्यु हो गई थी और करीब 700 लोगों को बचाया गया था और इस जगह को अभी भी पानी के अंदर का श्मशान कहा जाता है। कई इतिहासकारों और वैज्ञानिकों ने टाइटैनिक जहाज को समुद्र से बाहर निकालने का काफी विरोध किया है, जिनमें से जॉन्सटन भी शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिकी सरकार की उस प्लान का विरोध किया था, जिसके तहत पानी से टाइटैनिक को निकालने का जिक्र किया गया था। वहीं, टाइटैनिक हिस्टोरिकल सोसाइटी के आधिकारिक इतिहासकार डॉन लिंच ने कहा कि उन्हें टाइटैनिक कलाकृतियों को लाया जाना पसंद नहीं था, लेकिन समु्द्र में टाइटैनिक टूरिज्म से उन्हें भी आपत्ति नहीं है। आपको बता दें कि, साल 1997 में टाइटैनिक जहाज पर हॉलीवुड में एक फिल्म भी बनाई गई थी, जो सुपर-डुपर हिट रही थी।
सोशल मीडिया पर फिर क्रेज
YouTube पर इस वीडियो को शेयर करने के बाद लाखों लोग उसे फिर से देख चुके हैं, जिससे पता चलता है कि,इस जहाज को लेकर लोगों की संवेदना अभी तक जिंदा हैं और ये फुटेज काफी विस्तृत है और 8K रिज़ॉल्यूशन में है, जो कि अधिकांश टेलीविज़न और कंप्यूटर स्क्रीन के रिज़ॉल्यूशन से बहुत अधिक है। ओशनगेट के अध्यक्ष रश ने कहा कि फुटेज की उच्च गुणवत्ता ने शोधकर्ताओं को पानी के नीचे जाने के बिना साइट को और भी करीब से देखने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग 30 से 40 फुट की स्क्रीन के साथ एक इमर्सिव अनुभव बनाने के लिए भी किया जा सकता है, जो विन्सेंट वैन गोग प्रदर्शनी के समान है जो दीवारों और फर्श पर कलाकार के काम को प्रोजेक्ट करता है।












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