हमास के साथ जल्द खत्म होगी भीषण लड़ाई.. इजराइली PM का बड़ा ऐलान, अगला निशाना लेबनान? गाजा में होगा युद्धविराम?

Israel-Hamas War: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा है, कि "हमास के साथ युद्ध का तीव्र चरण समाप्त होने वाला है और इसके बाद सेना का ध्यान लेबनान के साथ इजराइल की उत्तरी सीमा पर जा सकता है", जहां हाल के हफ्तों में ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई तेज हो गई है।

हालांकि, नेतन्याहू ने कसम खा रखी है, कि इजराइल तब तक गाजा में अपना ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक कि आतंकवादी समूह हमास का सफाया नहीं हो जाता। नेतन्याहू ने स्थानीय इजराइली मीडिया के साथ अपने पहले आमने-सामने के इंटरव्यू में चैनल 14 टेलीविजन को बताया है, कि "इसका मतलब यह नहीं है, कि युद्ध समाप्त होने वाला है, लेकिन अपने मौजूदा चरण में युद्ध राफा में समाप्त होने वाला है। यह सच है। हम बाद में घास काटना जारी रखेंगे।"

Netanyahu on hamas war

गाजा में खत्म होने वाला है इजराइली ऑपरेशन

आपको बता दें, कि गाजा के दक्षिणी शहर रफा में इजराइली सेना फिलहाल ग्राउंड ऑपरेशन चला रही है, जहां करीब 10 लाख से ज्यादा शरणार्थी शरण लिए हुए हैं। अमेरिका समेत कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इजराइल से रफा में ग्राउंड ऑपरेशन नहीं शुरू करने की अपील की थी, लेकिन नेतन्याहू ने हर अपील को ठुकरा दिया। रफा में 8 लाख स्थानीय लोग भी विस्थापित हो चुके हैं। गाजा पट्टी में करीब 23 लाख की आबादी में करीब 18 लाख से ज्यादा लोग अभी तक बेघर हो चुके हैं और विस्थापितों की तरह रह रहे हैं। रफा की स्थिति को संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसी ने "सर्वनाशकारी" बताया है।

गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने वाला रास्ता मिस्र की सीमा के पास स्थित एक क्रॉसिंग है, जिसपर पिछले महीने इजराइली सेना ने कब्जा कर लिया है और उसके बाद से वो क्रॉसिंग बंद है।

गाजा में इजरायल की कार्रवाइयों पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव तब से बढ़ गया है, जब से उसने रफा में अपना अभियान शुरू किया है। पिछले महीने, संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने इजरायल को वहां अपने विवादास्पद सैन्य अभियान को तत्काल रोकने का आदेश दिया और मानवीय स्थिति को "विनाशकारी" कहा है।

अपने इंटरव्यू में, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, कि वह गाजा में अभी भी बंदी बनाए गए कुछ इजराइली बंधकों को वापस करने के लिए हमास के साथ "आंशिक समझौता" करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने अपनी स्थिति दोहराई, कि युद्ध विराम के बाद भी "हमास को खत्म करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए" युद्ध जारी रहेगा।

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, कि "मैं इसे (गाजा) छोड़ने के लिए तैयार नहीं हूं।"

प्रधानमंत्री नेतन्याहू को गाजा में युद्ध विराम और सभी बंधकों की वापसी की मांग को लेकर इजरायल में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा है। शनिवार को बंधकों के परिवारों ने तेल अवीव, यरुशलम, हर्ज़लिया, कैसरिया, रानाना, बीर शेवा, किर्यत गत और परदेस हन्ना-करकुर शहर में प्रदर्शन किया है। कई प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बंधकों की रिहाई के समझौते को स्वीकार करने की मांग भी की है।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जो तीन-चरणीय युद्ध विराम योजना सार्वजनिक किया हुआ है, वो भी "गाजा में अभी भी मौजूद सभी अन्य बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी के बदले शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करने" का प्रस्ताव है।

इजरायली सरकार और उसकी सेना के बीच भी दरारें गहरी होती दिख रही हैं। बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्धविराम के लिए भारी दबाव बन रहा है, जिसमें अमेरिका के साथ साथ सरकार में शामिल उसके सहयोगी भी शामिल हैं।

नेतन्याहू के बयान पर क्या बोला हमास?

वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के युद्धविराम को लेकर की गई बात पर हमास ने कहा है, कि "नेतन्याहू द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से पता चलता है कि वह केवल आंशिक समझौते की तलाश में हैं, न कि गाजा में युद्ध का अंत।" हमास लगातार इस बात पर जोर दे रहा है, कि किसी भी समझौते में "स्थायी युद्धविराम की स्पष्ट पुष्टि और गाजा पट्टी से इजराइली सैनिकों की पूरी तरह से वापसी" शामिल होनी चाहिए।

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हिज्बुल्लाह से अब होगी आर-पार की जंग?

नेतन्याहू ने चैनल 14 टेलीविजन को यह भी बताया है, कि "गाजा में तीव्र चरण की समाप्ति के बाद, हमारे पास कुछ शक्ति उत्तर की ओर ट्रांसफर करने की संभावना होगी, और हम ऐसा करेंगे।"

उन्होंने कहा, कि "सबसे पहले इजराइल की सुरक्षा के लिए और दूसरा, इजराइली नागरिकों को वापस लाने के लिए। अगर हम इसे राजनीतिक रूप से कर सकते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा। अगर नहीं, तो हम इसे दूसरे तरीके से करेंगे, लेकिन हम सभी बंधकों को वापस घर लाएंगे, उत्तर और दक्षिण के सभी निवासियों की वतन वापसी होगी।"

मध्य पूर्व में सबसे शक्तिशाली अर्धसैनिक बलों में से ईरान समर्थित इस्लामवादी आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह, 8 अक्टूबर से उत्तरी इजराइल के क्षेत्रों को निशाना बनाकर दक्षिणी लेबनान से घातक हमले कर रहा है। इजराइल ने हिज्बुल्लाह के हमलों का जवाब हमलों के साथ दिया है, जिसमें हिज्बुल्लाह के कई आतंकवादी मारे गए हैं, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं।

लेकिन, अभी तक हिज्बुल्लाह पर इजराइल ने फोकस नहीं किया था और इजराइल का ध्यान हमास से लड़ाई पर था, लेकिन अब इजराइल करीब करीब गाजा में अपने लक्ष्य को हासिल कर चुका है, जिसके बाद अब इजराइली फोर्स लेबनान में घुसने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है, कि लेबनान में भीषण तबाही मचने की आशंका है, क्योंकि हमास के मुकाबले हिज्बुल्लाह काफी मजबूत आतंकी संगठन है।

लेबनान से उत्तरी इजराइल की सीमा मिलती है, जहां चल रहे संघर्ष के कारण हजारों इजराइली लोगों को उनके घरों से बाहर निकाला गया है। दक्षिणी लेबनान के गांव भी खाली हो गए हैं। हाल के हफ्तों में सीमा पार हमलों में वृद्धि ने मध्य पूर्व में एक और पूर्ण संघर्ष की लड़ाई की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।

CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है, कि इजराइली अधिकारियों ने अमेरिका को बताया है, कि वे हिज्बुल्लाह के खिलाफ संभावित हमले की तैयारी के लिए दक्षिणी गाजा से संसाधनों को उत्तरी इजरायल में ट्रांसफर करने की योजना बना रहे हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पहले CNN को बताया था, कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच व्यापक युद्ध के परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

हिज्बुल्लाह से युद्ध में इजराइल को कितना खतरा?

अमेरिकी अधिकारियों को इस बात की गंभीर आशंका है, कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच पूर्ण युद्ध की स्थिति में, ईरान समर्थित आतंकवादी समूह उत्तर में इजरायल की एयर डिफेंस को नष्ट कर सकता है, जिसमें बहुचर्चित आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली भी शामिल है।

नेतन्याहू से साक्षात्कार में यह भी पूछा गया, कि क्या हिज्बुल्लाह के साथ संघर्ष को समाप्त करने का उनका समाधान समझौता या युद्ध है?

जिसपर प्रधानमंत्री ने जवाब दिया, कि "देखिए, अगर कोई समझौता होता है, तो वह हमारी शर्तों के मुताबिक होगा। हमारी शर्तें युद्ध को समाप्त करना, गाजा को छोड़ना और हमास को बरकरार रखना नहीं हैं। मैं हमास की मौजूदगी बरकरार रखने से इनकार करता हूं। हमें उन्हें खत्म करने की जरूरत है।"

आपको बता दें, कि 7 अक्टूबर को हमास के हमलों के बाद इजरायल ने गाजा में अपना युद्ध शुरू किया था, जब आतंकवादियों ने लगभग 1,200 लोगों को मार डाला था और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। गाजा में हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, तब से इजरायली अभियान में 37,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

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