'हमास अब कभी शासन नहीं कर पाएगा', इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गाजा पहुंचकर किया ऐलान
Netanyahu Gaza Visit: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को गाजा का एक दुर्लभ दौरा किया, जहां उन्होंने कहा, कि युद्ध समाप्त होने के बाद हमास फिर कभी फिलिस्तीनी क्षेत्र पर शासन नहीं करेगा। उन्होंने उग्रवादी समूह को नष्ट करने की अपनी प्रतिज्ञा की भी पुष्टि की और कहा, कि इजराइली सशस्त्र बलों ने हमास की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्हें युद्ध की वर्दी और बैलिस्टिक हेलमेट पहने देखा गया, वो गाजा में समुद्र के किनारे एक स्थान पर खड़े थे और उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने कहा, कि "हमास वापस नहीं आएगा" और इसके अलावा, अभी भी कैद में मौजूद इजरायली बंधकों के बारे में भी उन्होंने बात की।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में हमास के कब्जे में फंसे करीब 100 इजराइली बंधकों की तलाश जारी रहेगी। उन्होंने हर एक बंधक की वापसी के लिए 5 मिलियन डॉलर का इनाम भी रखा।
इसके बाद उन्होंने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा, कि "जो कोई भी हमारे बंधकों को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत करेगा, उसके सिर पर खून होगा। हम तुम्हें खोजकर पकड़ लेंगे।"
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि "जो कोई भी हमारे पास बंधक लाएगा, उसे सुरक्षित रास्ता मिलेगा। इसलिए, चुनाव आपका है, लेकिन परिणाम वही होगा। हम उन सभी को वापस ले आएंगे।"
बेंजामिन नेतन्याहू, इजराइल की सेना द्वारा जमीनी स्तर पर ऑपरेशनल गतिविधियों की प्रत्यक्ष जानकारी लेने के लिए गाजा का दौरा कर रहे थे। उनके साथ रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख भी थे।
आपको बता दें, कि इजराइल पर हमास का 2023 का हमला देश के इतिहास का सबसे खूनी दिन था, जिसमें 1200 लोग मारे गए और 250 से अधिक बंधक बनाए गए थे। इस हमले ने, जिसने अब तक के एक साल से अधिक लंबे युद्ध को जन्म दिया, इजराइल ने गाजा में अपने अब तक के सबसे विनाशकारी हमले के साथ जवाब दिया, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लगभग 44,000 लोग मारे गए हैं और 103,898 घायल हुए। वहीं, गाजा पट्टी को मलबे के बंजर भूमि में बदल दिया गया है, जहां लाखों लोग भोजन, ईंधन, साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।
युद्ध की शुरुआत से ही हमास के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाकर उनकी हत्या करने वाले इजराइल ने इस समूह को पूरी तरह से नष्ट करने की कसम खाई है। जबकि इजराइल और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने हमास को एक आतंकवादी समूह घोषित किया है, लेबनान स्थित हिजबुल्लाह और ईरान इसकी गतिविधियों में इसका समर्थन कर रहे हैं।












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