NQM 2023: 6000 करोड़ का क्वांटम मिशन, जानिए नेटवर्क हैकर्स को 10 लाख क्यों दे रही सरकार
भारत ने अब डेटा सिक्योरिटी की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत ने भारी भरकम बजट के साथ इसे राष्ट्रीय मिशन के तौर पर लागू करने का निर्णय लिया।

National Quantum mission 2023: भारत अब दुनिया के उन टॉप 6 देशों में शामिल हो रहा जो क्वांटम तकनीकी में अन्य देशों की तुलना में काफी आगे गए हैं। भारत सरकार अब इस दिशा में मिशन के रूप में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये बजट का ऐलान कर दिया है। लेकिन क्वांटम मिशन का क्या उद्देश्य है, ये देश के विकास में कैसे अहम है और भारत इस दिशा अब तक कितना आगे बढ़ चुका है, जैसे सवाल मन में उठते हैं, जिन्हें जानना आवश्यक है। तो आइए जानते हैं कि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन क्या है और भारत में इस मिशन के क्या उद्देश्य हैं?
पिछले महीने के अंत यानि 27 मार्च को टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के पहले क्वांटम कंप्यूटिंग बेस्ड टेलीकॉम नेटवर्क लिंक की शुरुआत की, जो कि संचार भवन और नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर के बीच शुरू किया गया। दरअसल, क्वांटम कंप्यूटिंग एक नई तरह की टेक्नोलॉजी है जिस पर अभी कई देशों में परीक्षण चल रहे हैं। इस परीक्षण का उद्देश्य टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में नया गढ़ना है।
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6000 करोड़ का क्वांटम मिशन
अब सरकार इस क्वांटम कंप्यूटिंग बेस्ड टेलीकॉम नेटवर्क को मजबूत करने पर केंद्र सरकार का पूरा फोकस है। इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट का भी ऐलान किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने इसे राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला किया।
हैक करने वालों को 10 लाख का ईनाम
क्वांटम कंप्यूटिंग बेस्ड टेलीकॉम नेटवर्क की टेस्टिंग के लिए हर तरीके अपनाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार इसे हैक करने वाले व्यक्ति को 10 लाख का इनाम भी ऑफर कर रही है। इसका मतबल अगर कोई हैकर अगर इस तकनीकी में कोई खामी निकाल पात है तो सरकार उसे सरकार पैसे देगी। जितनी बार कोई हैकर इस लिंक में खामी खोजेगा उसे उतनी बार 10 लाख की प्राइज मनी दी जाएगी।
डेटा प्रोटेक्शन की गारंटी
क्वांटम कंप्यूटर आधुनिक साइंस युग में वास्तविकता बन गए हैं। भारत के राष्ट्रीय मिशन (NQM 2023) के तहत वैश्विक स्तर पर बड़े प्रयास की योजना है। स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर का विकास मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। फिलहाल क्वांटम कंप्यूटिंग बेस्ड नेटवर्क लिंक की शुरुआत छोटे स्तर पर की गई है। ये तकनीकी अगर कारगर होती है तो आने वाले समय में इसका इस्तेमाल अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। नई तकनीकी का फायदा ये होगा कि हैकर्स सिस्टम को ब्रेक नहीं कर पाएंगे और डेटा हाई सिक्योरिटी में रहेगा।
क्या है क्वांटम कंप्यूटिंग?
क्वांटम कंप्यूटिंग का आसान शब्दों में समझं तो ये क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम सिद्धांत पर आधारित है। इस तकनीकी के कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटर से कई गुना एडवांस और तेज प्रोसिंग वाले होते हैं। इसके साथ इसमें डेटा लीक होने का भी खतरा नहीं होगा। क्वांटम कंप्यूटिंग पर बेस्ड लिंक के जरिए जानकारी केवल वही व्यक्ति जान सकता है जिसके पास लिंक का कोड हो। इस कोड को ब्रेक करने की अगर कोशिश होती है इसकी जानकारी सेन्डर या रिसीवर दोनों को पता चल जाती है और कोड को चेंज किया जा सकता है।
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