छोटे से देश इजरायल की ऐसी पांच बातें जो बनाती हैं उसे दुनिया में सबसे ज्यादा ताकतवर
तेल अवीव। इजरायल और भारत दोनों देशों के बीच वर्ष 1992 से रिश्ते बदलना शुरू हुए थे लेकिन किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने पहली बार इजरायल का दौरा करने का सोचा। दोनों देशों के संबंधों के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी इजरायल दौरे पर रवाना हो गए हैं। वह न सिर्फ पहले ऐसे भारतीय पीएम हैं जो इजरायल के दौरे पर रवाना हुए हैं बल्कि पहले ऐसे भारतीय राष्ट्राध्यक्ष भी हैं जो सिर्फ इजरायल का दौरा करेंगे। इजरायल भारत के मुकाबले बहुत बड़ा देश नहीं है लेकिन यहां पर कुछ बातें ऐसी हैं जो इसे अमेरिका और रूस से भी ज्यादा ताकतवर देश बनाती हैं। जानिए इजरायल की कुछ ऐसी ही पांच बातें।

मिलिट्री ट्रेनिंग प्रोग्राम तालपायोट
यह इजरायल का मिलिट्री ट्रेनिंग प्रोग्राम है और इस प्रोग्राम में युवाओं को शामिल किया जाता है। प्रोग्राम के जरिए देश के युवाओं की वैज्ञानिक और नेतृत्व की क्षमता परखी जाती है। युवा प्रोग्राम के जरिए इजरायल की मिलिट्री रिसर्च और उसके विकास में मिली सफलताओं का प्रदर्शन अपनी दिमागी ताकत के दम पर करते हैं। इस प्रोग्राम में हाईस्कूल पास युवाआं को फिजिक्स और मैथेमैटिक्स की ट्रेनिंग के अलावा कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। हर क्लास में सिर्फ 50 से 60 शारीरिक तौर से मजबूत युवाओं को ही शामिल किया जाता है। प्रोग्राम नौ वर्ष तक चलता है। इसी तरह का एक प्रोग्राम इजरायली मिलिट्री इंटेलीजेंस के लिए भी है और इसे हावात्झालोट नाम दिया गया है।

इजरायल की मार्शल आर्ट क्राव मागा
इजरायल के पास अपनी मार्शल आर्ट है जिसे क्राव मागा कहते हैं और इसे एक जर्मन ज्यूइश बॉक्सर ने ईजाद किया था। होलोकॉस्ट के बाद सामान्य नागरिकों की शारीरिक रक्षा के मकसद से इस कला का आविष्कार हुआ। इस मार्शल आर्ट के जरिए वृद्धों को भी उनकी मदद करना सिखाया गया। इस आर्ट में इस तरह की ट्रेनिंग दी जाती है कि विपक्षी किसी भी व्यक्ति की जान न लेने पाए। यह मार्शल आर्ट इजरायल की सेनाओं का भी हिस्सा है।

इजरायल के ड्रोन
जिस समय दुनिया ड्रोन के बारे में शायद सोच रही थी इजरायल ने ड्रोन का प्रयोग करके दुनिया को दिखा दिया था। इजरायल की मिलिट्री ने योम किप्पुर वॉर के समय ड्रोन का प्रयोग किया। यह युद्ध छह अक्टूबर से 26 अक्टूबर 1973 तक चला था। इस ड्रोन का आविष्कार बगदाद में जन्में इजरायली अब्राहम करीम ने किया था। इसके बाद इजरायल ने कई ड्रोन डेवलप किए जिसमें अंबर भी शामिल और इसे अमेरिकी ड्रोन प्रिडेटर की प्रेरणा माना जाता है। करीम आज अमेरिका में हैं और यहां पर उन्हें 'ड्रोनफादर' कहकर बुलाते हैं। अमेरिका के बाद इजरायल दुनिया में सबसे ज्यादा ड्रोन बनाता है।

एंटी-मिसाइल सिस्टम
इजरायल के पास आज दुनिया का बेस्ट एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इजरायल का आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया कि वह मोर्टार तक से उनकी रक्षा कर सकता है। इसका इंटरसेप्शन रेट 87 प्रतिशत तक है। इजरायल अब कई एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर रहा है। साथ ही इजरायल इस तरह के सिस्टम को डिजाइन कर रहा है जो टैंक्स और शिप्स तक की रक्षा भी करने में सक्षम है।

किडॉन
यह एक हिब्रू शब्द है और इसे इंटेलीजेंस एजेंसी मोसाद प्रयोग करती है। यह शब्द मोसाद ने ही ईजाद किया है और इसे उन प्रशिक्षित टीमों के लिए प्रयोग किया जाता है जिन्हें किसी हत्या के लिए तैयार किया गया है। ये टीमें वेस्ट एशिया में बड़े पैमाने पर अपना काम करती हैं लेकिन दुनिया भर में इनकी मौजूदगी को महसूस किया जा सकता है। कुछ मौकों पर तो इन टीमों ने किसी दूसरी सरकार के लिए किसी को किडनैप किया है या फिर हत्या की अगर इजरायल की अथॉरिटी की ओर से ऐसा करने का अनुरोध किया गया हो। इन टीमों को दुनियाभर में सबसे खतरनाक माना जाता है। इनकी सफलता का आंकड़ा 80 प्रतिशत तक है। मोसाद के चीफ रहे मीर दागन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक ऐसी किडॉन टीम को नेतृत्व अपने करियर के शुरुआती दौर में किया जिसने 200 से ज्यादा टारगेट्स को निशाना बनाया था।












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