भारत-ब्रिटेन में अहम समझौता, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य, एक अरब पाउंड निवेश करेगा ब्रिटेन
भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन आज वर्चुअल समिट में शामिल होंगे। उससे पहले ब्रिटेन ने कहा है कि वो भारत में एक बिलियन पाउंड का निवेश करेगा।
नई दिल्ली/लंदन, मई 04: भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच आज आज ऐतिहासिल वर्चुअल समिट होने जा रही है, जिसमें दोनों देशों के बीच कई अहम फैसले लिए जाएंगे। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और रक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम समझौते होंगे। भारत स्थिति ब्रिटिश दूतावास ने इस अहम बैठक से पहले बयान जारी करते हुए कहा है कि भारत और इंग्लैंड 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखने वाले हैं।
2030 तक व्यापार दोगुना
ब्रिटिश हाई कमीशन ने अपने बयान में कहा है कि दोनों देशों में अहम व्यापारिक समझौते होंगे, ताकि दोनों देशों के बीच अहम व्यापारिक संभावनों को बढ़ाया जा सके और दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी बात करने वाले हैं। ब्रिटिश हाई कमीशन ने अपने बयान में कहा है कि दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, ब्रिटिश सरकार ने भारत सरकार के साथ एक अरब पाउंड के निवेश समझौते की भी घोषणा की है, जिसके जरिए 6500 नई नौकरियां तैयार होंगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऑफिस ने भी इस निवेश की पुष्टि की है, जो उन्नत व्यापार एग्रीमेंट यानि ईटीपी का हिस्सा है, जिसपर आज दोनों देशों के प्रधानमंत्री हस्ताक्षर करने वाले हैं।

मुक्त व्यापार समझौते की तरफ कदम
ब्रिटिश हाई कमीशन के मुताबिक दोनों देशों के बीच ईटीपी के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा जाएगा और फ्री ट्रेड यानि एफटीए की तरफ बढ़ने की कोशिश की जाएगी। वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा है कि 'भारत और ब्रिटेन के बीच के संबंध कापी मजबूत हैं और इस तरह के आर्थिक संबंध हमारे लोगों को मजबूत और सुरक्षित बनाते हैं'। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि '6500 नई नौकरियों को तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए कोरोना वायरस के प्रकोप से उबरने में मदद मिलेगी'।
एक अरब पाउंड का निवेश
ब्रिटेन अगले कुछ सालों में भारत में एक अरब पाउंड का निवेश करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में 24 करोड़ पाउंड का निवेश करेगा। वहीं 20 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवा, बायोटक और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में भी निवेश किया जाएगा। वहीं, ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि दोनों देशों के बीच फौरन व्यापारिक संभावनाएं तलाशने की कोशिश की जाएगी। वहीं, ब्रिटिश कंपनियां भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र में भी निवेश करेंगी।












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