भारत का चौथा पड़ोसी देश भी आर्थिक संकट में, लोगों में चीन से के प्रति भारी नाराजगी

नेपीता, 20 जुलाईः श्रीलंका इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहा है। द्वीप देश कई महीनों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका में अशांति और अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल ने हिंद महासागर क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है

नेपीता, 20 जुलाईः श्रीलंका इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहा है। द्वीप देश कई महीनों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका में अशांति और अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल ने हिंद महासागर क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है, जिसमें कई दक्षिण एशियाई देशों पर खतरा मंडराने लगा है। इसमें पाकिस्तान, नेपाल के अलावा म्यानमार जैसे देश शामिल हैं। म्यानमार में हिंसा में लगातार वृद्धि हो रही है वहीं अर्थव्यवस्था की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है।

तस्वीर- प्रतीकात्मक

 कोरोना के बाद हालात और खराब

कोरोना के बाद हालात और खराब

दरअसल कोरोना महामारी के बाद से ही म्यांमार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और बाकी कसर फरवरी 2021 में हुए तख्तापलट ने पूरी कर दी। सैन्य शासन आने के बाद ही कई पश्चिमी देशों ने म्यांमार पर प्रतिबंध थोप दिए हैं। देश में हालात कुछ ऐसे बिगड़े हैं कि लाखों लोगों को अपना घर तक छोड़ना पड़ा है। विश्व बैंक ने भी वैश्विक अर्थव्यवस्था वाली लिस्ट से म्यानमार को बाहर कर दिया। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी और राजनैतिक संकट के बाद, पिछले दो साल के दौरान, स्कूलों में दाख़िल छात्रों की संख्या में, 80 प्रतिशत तक की कमी आई है और लगभग 78 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा से बाहर हो गए हैं। वहीं 10 लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों को पड़ोसी देश बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

खाद्य और ईंधन की कीमतों में वृद्धि

खाद्य और ईंधन की कीमतों में वृद्धि

1 फरवरी, 2021 को हुए तख्तापलट से एक दिन पहले, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले क्यात का मूल्य 1,340 था। क्यात के मूल्य में गिरावट के साथ म्यांमार में खाद्य और ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है और विशेषज्ञ चिंतित हैं कि संकटग्रस्त राष्ट्र में संकट और गहरा सकता है। इस बीच, म्यांमार में हिंसा बढ़ रही है क्योंकि सैन्य शासन ने लोकतंत्र समर्थक आवाजों पर अपनी कार्रवाई जारी रखी है। सुरक्षा बलों के साथ टकराव से बचने के लिए मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शनों को कुछ ही समय में तितर-बितर कर दिया गया।

गिर रही देश की मुद्रा की वैल्यू

गिर रही देश की मुद्रा की वैल्यू

जब देश के स्वतंत्रता नायक और अपदस्थ नेता आंग सान सू की के पिता की हत्या की 75 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए म्यांमार भर में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तो मुद्रा 2,400 प्रति डॉलर पर बिक रही थी। यह देश के केंद्रीय बैंक द्वारा 35 प्रतिशत विदेशी निवेश के साथ सभी कंपनियों को 18 जुलाई तक अपनी विदेशी मुद्रा होल्डिंग्स को स्थानीय मुद्रा क्यात में बदलने का आदेश देने के बावजूद है। ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियम का उद्देश्य क्यात पर अधिक व्यवसायों को शामिल करने के दबाव को कम करना था।

तख्तापलट के बाद सेना का अत्याचार बढ़ा

तख्तापलट के बाद सेना का अत्याचार बढ़ा

वहीं, म्यांमार की उदार लोकतांत्रिक पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने कहा कि तख्तापलट के बाद से 48 एनएलडी नेता मारे गए हैं और 900 से अधिक पार्टी सांसदों को गिरफ्तार किया गया है। लोगों में चीन के प्रति नारागजी है। एनएलडी के ह्यूमन राइट्स रिकॉर्ड ग्रुप के प्रवक्ता क्याव हत्वे ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि नजरबंदी के दौरान पार्टी के 11 नेताओं की मौत हो गई, जबकि 8 की जेल में मौत हो गई।

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