Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मॉस्को कॉन्सर्ट हमले में अपनाया गया मुंबई मॉडल? पाकिस्तान फतह है ISIS का पहला मकसद, समझिए सबकुछ

Moscow concert attack: रूस की राजधानी मॉस्को में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने एक बड़े कॉन्सर्ट के दौरान भारी गोलीबारी करते हुए 70 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया है और 150 से ज्यादा लोगों को गंभीर घायल कर दिया है।

रूस की राजधानी में हमला उस वक्त हुआ है, जब इसी महीने व्लादिमीर पुतिन ने पांचवीं बार रूस की सत्ता संभाली है और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने हमले में रूस के साथ-साथ पूरी दुनिया को दहला दिया है। इस्लामिक स्टेट समूह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है।

Moscow concert attack

वहीं, एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया है, कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला था, कि अफगानिस्तान में ISIS की शाखा मॉस्को में हमले की योजना बना रही थी और उन्होंने रूसी अधिकारियों के साथ जानकारी साझा की थी।

Recommended Video

    मॉस्को कॉन्सर्ट हमले में अपनाया गया मुंबई मॉडल? पाकिस्तान फतह है ISIS का पहला मकसद

    वहीं, अमेरिकी एक्सपर्ट माइकल कुगलमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशंका जताई है, कि मॉस्को में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियो के हमले का पैटर्न मुंबई में 26/11 हमले से मिलता है। मुंबई हमले के दौरान भी आतंकवादियों ने ताज होटल में भीषण गोलीबारी की थी, लिहाजा अमेरिकी एक्सपर्ट ने आशंका जताई है, कि हो सकता है आतंकवादियों के मॉस्को हमले का पैटर्न मुंबई मॉडल पर आधारित हो।

    अफगानिस्तान है इस्लामिक स्टेट आतंकियों का बेस

    इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों का आधार हालांकि अभी भी सीरिया और इराक के कुछ हिस्सों में बना हुआ है, लेकिन अफगानिस्तान शाखा पिछले कुछ सालों में लगातार बम धमाकों को अजाम दे रहा है। इस साल ईरान में इस्लामिक स्टेट के अफगानिस्तान शाखा ने ही बम धमाका किया था, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

    आइयें जानते हैं इस आतंकवादी संगठन का मकसद क्या है और ये कैसे दुनिया में फिर से खूनखराबा बन रहा है।

    अफगानिस्तान में दर्जनों बम धमाके कर सैकड़ों बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाला आईएसआईएस-खोरासन, जिसे शॉर्ट फॉर्म ISIS-K कहा जाता है, उसका मकसद पूरी दुनिया में सख्त शरिया कानून लागू करना है।

    अफगानिस्तान में मौजूद आईएसआईएस खुरासान (आईएसआईएस-के) को दाएश के नाम से भी जाना जाता है, इसने लगातार चेतावनी दी है, कि जो भी दुनिया में इस्लाम और कुरान के खिलाफ गया उसे आतंकवादी समूह के क्रोध का सामना करना पड़ेगा।

    खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि आईएसआईएस-के की कमान फिलहाल नजीफुल्लाह नाम का एक आतंकवादी संभाल रहा है, जिसने पूरी दुनिया में आईएसआईएस का साम्राज्य कायम करने के लिए प्लान बनाया हुआ है और इसका सबसे पहला लक्ष्य पाकिस्तान में शरिया शासन की स्थापना कर आगे बढ़ना है। पाकिस्तान में हालिया समय में हुए कई आतंकी हमलों में आईएसआईएस का हाथ रहा है।

    Moscow concert attack

    अफगानिस्तान के अंतर तालिबान और आईएसआईएस-के के बीच भी अकसर झगड़े होते रहते हैं और ये आतंकी संगठन तालिबान को हटाकर अफगानिस्तान में स्थाई बेस का निर्माण करना चाहता है।

    नजीफुल्ला ने साल 2021 में जारी एक बयान में कहा था, कि, "हम शरिया कानून को लागू करना चाहते हैं। हम जिस तरह से हमारे पैगंबर जी रहे थे और जिस तरह के उन्होंने कपड़े पहने थे, उसी हिसाब से ड्रेसिंग हिजाब को हम लागू करना चाहते हैं। वर्तमान में हमारे पास लड़ने के लिए बहुत कुछ नहीं है। लेकिन अगर आप मुझे कुछ भी देते हैं, तो मैं अब पाकिस्तान से लड़ने जा रहा हूं।"

    ये संगठन खास तौर पर अफगानिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और शिया समुदाय के लोगों पर हमला करता है। इसने पिछले कुछ सालों में दर्जनों अफगान मस्जिदों में धमाके कर सैकड़ों लोगो की हत्या कर दी है।

    लगातार खतरनाक होता जा रहा है ISIS-K

    तालिबान में आईएसआईएस-खोरासन के जो आतंकवादी पहले शामिल हुए थे, उन्हें तालिबान ने सत्ता मे आने के बाद अपने संगठन से निकाल दिया था, जिन्होंने आईएसआईएस ज्वाइन कर लिया।

    हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि, पाकिस्तान के अलग अलग इलाकों में आईएसआईएस-खोरासन के जो कैंप्स थे, उन्हें पाकिस्तानी आर्मी ने हटा दिया था, लेकिन इसके मजबूत होने की वजह इसका जिहाद का नारा है, लिहाजा पाकिस्तान में इसका एक मजबूत आधार बन रहा है। और यही वजह है, कि इसके लिए आतंकी हमलों को अंजाम देना काफी आसान हो जाता है। इसका कहना है कि, पाकिस्तान में भी 'खिलाफत' का नियंत्रण होना चाहिए और देश में बेहद सख्त शरिया कानून लागू होना चाहिए।

    नजीफुल्ला को पिछली अफगानिस्तान की सरकार ने गिरफ्तार कर लिया था और उसे बगराम जेल में बंद कर रखा गया था। लेकिन, काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने बगराम जेल से सभी आतंकियों को रिहा कर दिया था, जिसनें नजीफुल्ला भी शामिल था और उसके बाद से ही आईएसआईएस-खोरासन लगातार अफगानिस्तान में उत्पात मचा रहा है। और अब इसने अफगानिस्तान के बाहर हमले करने शुरू कर दिए हैं।

    नजीफुल्ला ने साल 2021 में दावा किया था, कि आईएसआईएस में शामिल होने वाले लड़ाकों को ट्रेनिंग के लिए पूर्वी नंदहर प्रांत में भेजा जाता है और आईसआईएस-खोरासन में आने वाले वक्त मे चीन, ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, पाकिस्तान, ईरान और रूस से आने वाले जिहादी जुड़ेंगे और मॉस्को पर हुए हमले के बाद इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है, कि मॉस्को कुछ स्थानीय लोगों ने इस संगठन का साथ दिया होगा, क्योंकि बगैर स्थानीय मदद के ऐसे हमलों को अंजाम देना संभव नहीं है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+