100 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी नाव से पहुंचे इंडोनेशिया के समुद्र तट
जकार्ता, 07 मार्च। म्यांमार से तकरीबन 100 शरणार्थी रविवार को समुद्र के रास्ते नाव पर सवार होकर इंडोनेशिया के आचे प्रंत पहुंचे हैं। एक एनजीओ ने इस बाबत रविवार को जानारी दी। हालांकि प्रशासन इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है कि ये 114 शरणार्थी जिसमे 35 बच्चे भी शामिल हैं, कितने दिन से समुद्र थे। अक्सि सेपट तंगप नाम की एनजीओ के वॉलंटियर नूरुल यान दाबा ने बताया कि जो लोग यहां पहुंचे उसमे से कुछ लोगों को मेडिकल मदद की जरूरत है। एक महिला शरणार्थी के हाथ में सूजन है और उसके पैर काम नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से वह देर तक खड़ी नहीं हो पा रही है, वह कुछ कुपोषण का भी शिकार है।

स्थानीय ग्रामीण मुख्तार ने बताया कि रोहिंग्या शरणार्थी उनके गांव में मदद मांगने के लिए पैदल चलकर आए थे। ये लोग हमसे सुरक्षा देने की अपील कर रहे थे। हम यह सरकार पर छोड़ते हैं, हम उन्हें मानवीय संवेदना के आधार पर रहने दे रहे हैं। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों ने इन शरणार्थियों के लिए खाने का इंतजाम किया, लेकिन उन्हें यह उम्मीद नहीं है कि ये लोग लंबे समय तक यहां ठहरेंगे।
दिसंबर माह में इंडोनेशिया की नौसेना ने 100 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों को बचाया था, उनकी डूबती हुई नाव को सहारा दिया था और उन्हें इंडोनेशिया के समुद्र किनारे पहुंचाने में मदद की थी। बता दें कि इंडोनेशिया यूएन 1951 के समझौते का हिस्सा नहीं है, जिसमे शरणार्थियों को उनके देश में शरण देने की अनुमति दी जाएगी। बता दें कि 2017 में सैन्य विद्रोह के बाद म्यांमार से 730000 रोहिंग्या म्यांमार छोड़कर चले गए थे, इन लोगों को बांग्लादेश की सीमा के पास मजबूरन रहना पड़ा था। यूएन की जांच में कहा गया था कि यहां पर बड़ी संख्या में नरसंहार हुआ है।












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