मेलोनी की जीत से यूरोप में टकराव तय, ब्रिटेन की तरह इटली भी यूरोपीय संघ से बाहर निकलेगा?
इटली की राजनीति में कई सालों बाद सत्ता में एक बड़ा बदलाव होता नजर आ रहा है। कई सालों के बाद ऐसा हो रहा है जब किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है।
रोम, 26 सितंबरः इटली की राजनीति में कई सालों बाद सत्ता में एक बड़ा बदलाव होता नजर आ रहा है। कई सालों के बाद ऐसा हो रहा है जब किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है। इटली में 'ब्रदर्स ऑफ इटली' की नेता जॉर्जिया मेलोनी ने आम चुनाव में जीत का दावा किया है। इटली को पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने जा रही है। तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के बाद एक बार फिर इटली में धुर-दक्षिणपंथी सरकार बनने जा रही है। मेलोनी मुसोलिनी की प्रशंसक हैं और कई बार सार्वजनिक मंचों पर भी तारीफ कर चुकी हैं।

2008 में मेलोनी बनी थी खेलमंत्री
पिछली बार 2018 के आम चुनाव में भी मेलोनी की पार्टी को मात्र 4.5 फीसदी वोट मिला था। 45 वर्षीय मेलोनी ने अपना चुनाव प्रचार ईश्वर-देश और परिवार के नारे के साथ कर रही थीं। मेलोनी की पार्टी का एजेंडा यूरोसेप्टिसीज्म और अप्रवास विरोधी है। इसके अलावा उनकी पार्टी ने LGBTQ और गर्भपात के अधिकारों में कमी करने का भी प्रस्ताव रखा था। 2018 के बाद मेलोनी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। वहीं मेलोनी के सहयोगी साल्विनी और सिल्वियो बर्लुस्कोनी भी उनकी लोकप्रियता के लिए जिम्मेदार हैं। 2008 में जब बर्लुस्कोनी प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने मेलोनी को खेल मंत्री बनाया था। तब वह पहली बार राष्ट्रीय राजनीति में लोगों के बीच चर्चा में आई थीं।

यूरोप के दक्षिणपंथी नेताओं ने दी बधाई
इटली के लोगों का दक्षिणपंथी पार्टियों के प्रति झुकाव ने यूरोप की राजनीतिक में राइटविंग उभार और तेजी से हावी होता नजर आ रहा है। यूरोप भर में दक्षिणपंथी नेताओं ने मेलोनी की जीत और उनकी पार्टी के उदय की सराहना करते हुए ब्रसेल्स को एक ऐतिहासिक संदेश भेजा है। सोशल मीडिया पर अंतरराष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है और वह इटली और जार्जिया को बधाई दे रहे हैं। फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय रैली पार्टी के नेता मरीन ले पेन ट्वीट किया, 'इटली के लोगों ने एक देशभक्त और संप्रभुतावादी सरकार चुनने का फैसला किया है। जार्जिया मेलोनी और माटेओ साल्विनी को इस चुनौती को जीतकर एक अलोकतांत्रिक और अहंकारी यूरोपीय संघ के खतरों का विरोध करने के लिए बधाई।'

हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन ने भी दी बधाई
वहीं, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के राजनीतिक निदेशक बालाज़्स ओर्बन ने जार्जिया को बधाई देते हुए ट्वीट किया, 'आज के चुनाव परिणामों के लिए जार्जिया मेलोनी, माटेओ साल्विनी और सिल्वियो बर्लुस्कोनी को बधाई।' उन्होंने इटली के प्रति अपनी मित्रता दिखाते हुए कहा कि इस कठिन समय में हमें पहले से कहीं अधिक ऐसे मित्रों की आवश्यकता है जो यूरोप की चुनौतियों के प्रति समान दृष्टिकोण और विचार साझा करते हैं। स्पेन के नेता सैंटियागो अबस्कल ने जार्जिया को जीत की बधाई देते हुए, ट्वीटर पर लिखा, 'जॉर्जिया मेलोनी ने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए के लिए और एक संप्रभु राष्ट्र के गर्व के लिए युरोप मुक्त का रास्ता दिखाया है।' साथ ही पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविएकी ने भी जार्जिया को इस शानदार जीत की बधाई दीं।

यूरोपीय यूनियन से अलग होगा इटली?
ऐसा माना जा रहा है कि मेलोनी के पीएम बनने के बाद इटली भी ब्रिटेन की तरह यूरोपीय यूनियन से बाहर हो जाएगा। क्योंकि मेलोनी की नीतियां यूरोपीय संघ से मेल नहीं खाती हैं। विश्लेषक ऐसा दावा करते हैं कि मेलोनी के पीएम बनने के बाद इटली निश्चित रूप से यूरोपीय संघ से बाहर हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मेलोनी यह बिल्कुल नहीं चाहती कि इटली यूरोपीय संघ में बना रहे। हालांकि मेलोनी के लिए ऐसा करना एक विशाल चुनौती होगी। मेलोनी के इटली के पीएम बनने के बाद उनके और यूरोपीय शक्तियों के साथ टकराव की संभावना तय नजर आ रही है। वहीं, मेलोनी के सहयोगी पार्टी द लीग के प्रमुख साल्विनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह गृह मंत्रालय में लौटना चाहते हैं। जहां वह मंत्री के रूप में एक सख्त प्रवासी विरोधी नीति लागू करने से बाज नहीं आने वाले हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें वह पद मिलेगा या नहीं।












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