प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है... राम मंदिर उद्घाटन पर गदगद हुए इस देश के सांसद, कहा- मोदी है तो मुमकिन है
Ram Mandir News: मॉरीशस के सांसद महेंद गुंगाप्रसाद ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है, कि "सिर्फ पीएम मोदी ही अयोध्या को फिर से सुर्खियों में ला सकते थे, जैसा कि उन्होंने किया है।"
मॉरीशस के लेबर पार्टी के सांसद गुंगाप्रसाद इस समय भारत की यात्रा पर हैं।

उन्होंने कहा, "आप कल्पना नहीं कर सकते कि मुझे कितना गर्व महसूस हो रहा है, जैसे आपमें से ज्यादातर हिंदू लोग खुश हैं, उसी तरह से ज्यादातर मॉरीशसवासी बहुत खुश और गौरवान्वित हैं, कि आज रामजी का मंदिर उसी स्थान पर बन रहा है, जहां उनका जन्म हुआ था।"
उन्होंने कहा, "मैं ईमानदारी से कह सकता हूं, कि केवल मोदी ही अयोध्या को फिर से सुर्खियों में ला सकते थे, जैसा कि उन्होंने किया है। और जिस तरह से मंदिर बनाया जा रहा है और बनाया गया है, आपने जो किया, उसके लिए हमें मोदी जी पर गर्व है।"
गुंगाप्रसाद ने शिक्षा क्षेत्र में पीएम मोदी के प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, कि "उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र फला-फूला है और हम इसे हर क्षेत्र में देख सकते हैं। जो छात्र विश्वविद्यालयों और स्कूलों से पढ़कर बाहर आ रहे हैं, वे नए भारत, नई शिक्षा प्रणाली को दर्शाते हैं और इसके लिए मैं मोदीजी को बधाई देना चाहता हूं। क्योंकि, उनकी शैक्षिक नीतियां लागू की जा रही हैं।"
इसके आगे, पीएम मोदी को "करिश्माई नेता" कहते हुए उन्होंने कहा, कि वह एक ऐसे नेता हैं, जो अपने तरीके से अद्वितीय हैं और उन्होंने भारत, भारत की नियति और भारत की छवि को बदल दिया है।
उन्होंने कहा, "आज, लोग भारत की ओर देखते हैं और मुझे लगता है, कि एक व्यक्ति जो हमारे आभार और हमारी प्रशंसा का हकदार है, वह नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने जो कुछ भी किया है उसके लिए।"
उन्होंने कहा कि यह नया भारत केवल उनके दृष्टिकोण के कारण ही संभव हो पाया है।
मॉरीशस के सांसद ने कहा, कि "मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि उनके कार्यकाल में, भारत का भविष्य आज की तरह बहुत उज्ज्वल है। मुझे लगता है, लोगों के भारत को देखने के तरीके में बदलाव आया है। और मोदी जी को धन्यवाद, कि कई देश भारत से मित्रता करना चाहते हैं। वे भारत के साथ बहुत करीबी संबंध रखना चाहते हैं।"
भारत-मॉरीशस संबंधों पर प्रकाश डालते हुए गुंगाप्रसाद ने कहा कि रिश्ते को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "हम मॉरीशसवासियों का भारत के साथ हमेशा बहुत अच्छा रिश्ता रहा है और मोदी के कार्यकाल में यह रिश्ता और मजबूत हो रहा है और इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं।"
गुंगाप्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मोदी है तो मुमकिन है। और अयोध्या शहर भव्य प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयार हो रहा है।"
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम
मंदिर के अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगा। 16 जनवरी को मंदिर ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा नियुक्त यजमान प्रायश्चित समारोह का संचालन करेंगे। सरयू नदी के तट पर 'दशविध' स्नान, विष्णु पूजा और गायों को प्रसाद दिया जाएगा।
इसके बाद, 17 जनवरी को राम लला की मूर्ति, जिसमें भगवान राम को पांच साल की उम्र में दर्शाया गया है, उनके साथ एक जुलूस अयोध्या पहुंचेगा। श्रद्धालु मंगल कलश में सरयू नदी का जल लेकर राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेंगे।
18 जनवरी को गणेश अंबिका पूजा, वरुण पूजा, मातृका पूजा, ब्राह्मण वरण और वास्तु पूजा के साथ औपचारिक अनुष्ठान शुरू होंगे।
19 जनवरी को, पवित्र अग्नि जलाई जाएगी, इसके बाद 'नवग्रह' की स्थापना और 'हवन' (आग के चारों ओर पवित्र अनुष्ठान) किया जाएगा।
राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को 20 जनवरी को सरयू जल से धोया जाएगा, जिसके बाद वास्तु शांति और 'अन्नाधिवास' अनुष्ठान होगा।
21 जनवरी को रामलला की मूर्ति को 125 कलशों के जल से स्नान कराया जाएगा। अंतिम दिन 22 जनवरी को सुबह की पूजा के बाद दोपहर में 'मृगशिरा नक्षत्र' में राम लला के विग्रह का अभिषेक किया जाएगा।












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